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45 करोड़ वसूलने के लिए अधिकारी गंभीर, प्रॉपर्टी टैक्स न भरने वालों के नामों की सूची चस्पाई जाएगी

Thu, 15 Sep 2022 12:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 15 Sep 2022 12:09 AM IST
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Officer Gambhir to recover 45 crores, list of names of those who do not pay property tax will be pasted
नगर परिषद में बकायेदारों की सूची बनाते नगर परिषद कर्मचारी। संवाद - फोटो : Jind
जींद। प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में अटके 45 करोड़ वसूलने के लिए नगर परिषद अधिकारी गंभीर हो गए हैं। इसके लिए नगर परिषद ने टॉप-100 डिफाल्टरों की सूची तैयार कर ली है। इसके बाद नगर परिषद पूरे शहर में बकाया प्रॉपर्टी टैक्स मालिकों के घर पर नोटिस भिजवाएगी। यदि उसके बाद भी शहरवासियों ने प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरा तो दोबारा फिर नोटिस दिया जाएगा। फिर उनके नाम बड़े-बड़े अक्षरों में नगर परिषदों की होर्डिंग साइटों पर चस्पा दिए जाएंगे। इस कार्रवाई से पहले नगर परिषद अपनी 23 होर्डिंग साइटों पर टैक्स भरने की अपील भी करेगी।
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नगर परिषद का शहरवासियों पर वर्ष 2010 से अब तक 45 करोड़ रुपये के लगभग प्रोपर्टी टैक्स बकाया है। इसको लेकर नगर परिषद कई बार शहरवासियों से प्रॉपर्टी टैक्स भरवाने की अपील की गई थी, लेकिन शहरवासियों ने नगर परिषद की अपील को गंभीरता से नहीं लिया। इसको लेकर प्रॉपर्टी टैक्स की राशि बढ़ती ही चली गई।
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वर्ष 2018 से 21 तक कंपनी ने किया था सर्वे
लोगों की शहर में कितनी प्रॉपर्टी है इसको लेकर वर्ष 2018 में यॉशी कंपनी ने शहर में सर्वे किया था। यह सर्वे वर्ष 2021 तक चला था। सर्वे के दौरान काफी खामियां मिली थीं। इसको लेकर यॉशी कंपनी ने जगह-जगह शिविर लगाकर लोगों की प्रॉपर्टी की त्रुटियों को ठीक किया था, लेकिन अब भी काफी ऐसे लोग हैं, जिनकी प्रॉपर्टी में खामियां हैं। उनके नाम दुकान या कोई प्लाट नहीं है फिर भी उनके नाम दुकान या प्लाट दिखाया हुआ है।
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बिल नहीं बंटने के कारण बढ़ी बकाया राशि
यॉशी कंपनी ने शहर में प्रॉपर्टी का सर्वे तो कर लिया था, लेकिन शहरवासियों को प्रॉपर्टी के बिल नहीं बांटे। पांच साल से शहर में प्रॉपर्टी बिल नहीं बंाटे गए हैं। जबकि कंपनी को चाहिए था कि हर साल प्रॉपर्टी बिल बांटने चाहिए थे, लेकिन बिल नहीं बंटने के कारण जो शहरवासी बिल भरते थे, उन्होंने भी प्रॉपर्टी टैक्स भरना छोड़ दिया था। धीरे-धीरे अब टैक्स की राशि 45 करोड़ के आसपास पहुंच गई है।

नगर परिषद ने 2010 से अटके प्रॉपर्टी टैक्स को वसूलने के लिए नोटिस भेजने की तैयारी कर ली हैं। लोगों को चाहिए कि वह तय समय में प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराएं। क्योंकि इसी टैक्स से शहर में विकास कार्यों को गति मिलेगी। यदि डिफाल्टरों ने तय समय में टैक्स अदा नहीं किया तो फिर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-सुरेंद्र कुमार, डीएमसी, नगर परिषद।
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