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Jind News: जिला कारागार में अब नहीं पहुंच पाएगा अवांछित सामान
Fri, 19 Jul 2024 10:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 19 Jul 2024 10:53 PM IST
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19जेएनडी01 : जिला कारागार में कैदियों व बंदियों के परिजनों द्वारा दिए गए सामान की जांच करता पुल
जींद। जिला कारागार में अब कोई भी बंदी या कैदी अपने परिजनों के माध्यम से अवांछित सामग्री अंदर नहीं ले जा सकेगा। इसके लिए जेल प्रशासन ने जेल परिसर में अत्याधुनिक स्कैनर लगा दिया है। जेल में बंद किसी भी बंदी या कैदी के लिए उसके परिजन सामान भेजेंगे तो उसे पहले स्कैनर से जांचा जाएगा। उसके बाद ही वह सामान कैदी या बंदी को मिल पाएगा।
जिला कारागार में बंद कैदियों और बंदियों से मिलने के आने वाले उनके परिजन काफी सामान लेकर आते हैं। कई बार इस सामान में छिपाकर मादक पदार्थ, मोबाइल फोन आदि जेल में पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। ऐसे मामले कई बार जेल के सुरक्षा स्टाफ की पकड़ में कैदियों और बंदियों के सामान की जांच के दौरान आए भी हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि कुछ लोग अवांछित और प्रतिबंधित सामान बैग में छिपाकर जेल में पहुंचाने में कामयाब हो जाते थे। जेल से प्रतिबंधित सामान मिलने पर काफी परेशानी आती है।
आधुनिक स्कैनर से नहीं बच पाएगा कोई
अब जिला कारागार में बंद किसी भी कैदी या बंदी के पास उसके परिजन बैग में छिपाकर कोई भी प्रतिबंधित सामान नहीं पहुंचा सकेंगे। इसके लिए जेल प्रशासन को आधुनिक स्कैनर मुहैया करवाया गया है। अब परिजनों की ओर से दिए जाने वाले सामान की जांच स्कैनर से होने लगी है। यह स्कैनर बैग में सभी प्रकार के सामान को तुरंत डिटेक्ट कर लेता है और उसकी तस्वीर सामने ला देता है। इससे जेल प्रशासन का काम काफी आसान हो गया है।
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1200 से ज्यादा लोग जेल में बंद
जिला कारागार में इस समय 1200 से ज्यादा कैदी और बंदी हैं। इनसे मिलने के लिए प्रतिदिन सैकड़ों लोग आते हैं। सुबह से लेकर शाम तक यहां मिलने वालों की भीड़ लगी रहती है। यह लोग जेल के अंदर अपने लोगों को सामान भी पहुंचाते हैं। इतने अधिक सामान की जांच करने में भी परेशानी आ रही थी। अब यह घंटों का काम मिनटों में हो जाएगा और जांच भी होने की संभावना नहीं रहेगी।
जेल विभाग ने कैदियों और बंदियों के सामान में छिपाकर किसी भी तरह का प्रतिबंधित सामान पहुंचाने पर रोक लगाने के लिए अत्याधुनिक स्कैनर उपलब्ध करवाया है। अब जिला कारागार में जो भी बैग या सामान जा रहा है उसकी जांच स्कैनर से हो रही है। संजीव बुधवार, जेल अधीक्षक।
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जिला कारागार में बंद कैदियों और बंदियों से मिलने के आने वाले उनके परिजन काफी सामान लेकर आते हैं। कई बार इस सामान में छिपाकर मादक पदार्थ, मोबाइल फोन आदि जेल में पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। ऐसे मामले कई बार जेल के सुरक्षा स्टाफ की पकड़ में कैदियों और बंदियों के सामान की जांच के दौरान आए भी हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि कुछ लोग अवांछित और प्रतिबंधित सामान बैग में छिपाकर जेल में पहुंचाने में कामयाब हो जाते थे। जेल से प्रतिबंधित सामान मिलने पर काफी परेशानी आती है।
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आधुनिक स्कैनर से नहीं बच पाएगा कोई
अब जिला कारागार में बंद किसी भी कैदी या बंदी के पास उसके परिजन बैग में छिपाकर कोई भी प्रतिबंधित सामान नहीं पहुंचा सकेंगे। इसके लिए जेल प्रशासन को आधुनिक स्कैनर मुहैया करवाया गया है। अब परिजनों की ओर से दिए जाने वाले सामान की जांच स्कैनर से होने लगी है। यह स्कैनर बैग में सभी प्रकार के सामान को तुरंत डिटेक्ट कर लेता है और उसकी तस्वीर सामने ला देता है। इससे जेल प्रशासन का काम काफी आसान हो गया है।
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1200 से ज्यादा लोग जेल में बंद
जिला कारागार में इस समय 1200 से ज्यादा कैदी और बंदी हैं। इनसे मिलने के लिए प्रतिदिन सैकड़ों लोग आते हैं। सुबह से लेकर शाम तक यहां मिलने वालों की भीड़ लगी रहती है। यह लोग जेल के अंदर अपने लोगों को सामान भी पहुंचाते हैं। इतने अधिक सामान की जांच करने में भी परेशानी आ रही थी। अब यह घंटों का काम मिनटों में हो जाएगा और जांच भी होने की संभावना नहीं रहेगी।
जेल विभाग ने कैदियों और बंदियों के सामान में छिपाकर किसी भी तरह का प्रतिबंधित सामान पहुंचाने पर रोक लगाने के लिए अत्याधुनिक स्कैनर उपलब्ध करवाया है। अब जिला कारागार में जो भी बैग या सामान जा रहा है उसकी जांच स्कैनर से हो रही है। संजीव बुधवार, जेल अधीक्षक।

19जेएनडी01 : जिला कारागार में कैदियों व बंदियों के परिजनों द्वारा दिए गए सामान की जांच करता पुल