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अब वैक्सीन लगवाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अनिवार्यता खत्म
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नागरिक अस्पताल के पीपी सेंटर में वैक्सीन लगवाने के लिए लोगों को लाइन में लगाते अस्पताल के चौकी प?
- फोटो : Jind
अब किसी भी आयु वर्ग के लोगों के लिए वैक्सीन लगाने से पहले ऑनलाइन पंजीकरण करवाना अनिवार्य नहीं होगा। अब उसे भी टीका लगेगा जिसने ऑनलाइन पंजीकरण नहीं किया है। इसके अलावा अब किसी एक आयु वर्ग के लिए वैक्सीन का स्टॉक खत्म नहीं होगा। अब या तो वैक्सीन सभी वर्ग के लिए उपलब्ध होगी या फिर किसी भी वर्ग के लिए नहीं। अब वैक्सीन केंद्र सरकार की तरफ से लगाई जाएगी।
बता दें कि अब से पहले 44 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए कोई पंजीकरण की जरूरत नहीं थी। इस आयु वर्ग के लोग बिना पंजीकरण के भी वैक्सीन लगवा सकते थे। वहीं 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए पहले ऑनलाइन पंजीकरण करवाना पड़ता था। इसके बाद उनको स्लॉट लेना पड़ता था। स्लॉट मिलने के बाद ही इस आयु वर्ग के लोग वैक्सीन लगवा सकते थे। अब ऐसा करना जरूरी नहीं है। उचाना क्षेत्र में तो पिछले सप्ताह ही ऑनलाइन पंजीकरण की बाध्यता खत्म कर दी गई थी। अब पूरे जींद जिले में इस बाध्यता को खत्म कर दिया गया है। अब यदि 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोग चाहे तो पहले पंजीकरण करवा सकता है, यह उनकी इच्छा पर निर्भर करेगा। इससे वैक्सीनेशन कार्यक्रम में काफी तेजी आने की संभावना है।
अब सारी वैक्सीन मिलेगी केंद्र सरकार से
पहले 45 से अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए कोरोना वैक्सीन केंद्र सरकार की तरफ से मिलती थी। लेकिन 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लिए राज्य सरकार वैक्सीन की व्यवस्था करती थी। अस्पताल प्रशासन को इसका अलग-अलग विवरण रखना पड़ता था। यदि राज्य सरकार की वैक्सीन खत्म हो जाती थी तो फिर 18 से 44 वर्ष आयु के लोगों को नहीं लग पाती थी। अब पूरी वैक्सीन केंद्र सरकार की तरफ से आएगी। इसलिए अलग-अलग आयु वर्ग का कोई झंझट नहीं रहेगा। यदि वैक्सीन है तो वह सभी आयु वर्ग के लोगों को लगेगी।
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अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। यदि कोई जरूरी समझे तो पंजीकरण करवा सकता है। इसके अलावा अब अलग-अलग आयु वर्ग के लिए अलग-अलग वैक्सीन का स्टॉक नहीं रखना पड़ेगा। सारी वैक्सीन केंद्र सरकार की तरफ से मिलेगी। यदि अस्पताल में वैक्सीन होगी तो सभी आयु वर्ग के लोगों को लगेगी। जैस-जैसे वैक्सीन मिल रही है, उसी अनुसार लोगों को लगाई जा रही है।
डॉ. नवनीत सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।
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बता दें कि अब से पहले 44 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए कोई पंजीकरण की जरूरत नहीं थी। इस आयु वर्ग के लोग बिना पंजीकरण के भी वैक्सीन लगवा सकते थे। वहीं 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए पहले ऑनलाइन पंजीकरण करवाना पड़ता था। इसके बाद उनको स्लॉट लेना पड़ता था। स्लॉट मिलने के बाद ही इस आयु वर्ग के लोग वैक्सीन लगवा सकते थे। अब ऐसा करना जरूरी नहीं है। उचाना क्षेत्र में तो पिछले सप्ताह ही ऑनलाइन पंजीकरण की बाध्यता खत्म कर दी गई थी। अब पूरे जींद जिले में इस बाध्यता को खत्म कर दिया गया है। अब यदि 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोग चाहे तो पहले पंजीकरण करवा सकता है, यह उनकी इच्छा पर निर्भर करेगा। इससे वैक्सीनेशन कार्यक्रम में काफी तेजी आने की संभावना है।
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अब सारी वैक्सीन मिलेगी केंद्र सरकार से
पहले 45 से अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए कोरोना वैक्सीन केंद्र सरकार की तरफ से मिलती थी। लेकिन 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लिए राज्य सरकार वैक्सीन की व्यवस्था करती थी। अस्पताल प्रशासन को इसका अलग-अलग विवरण रखना पड़ता था। यदि राज्य सरकार की वैक्सीन खत्म हो जाती थी तो फिर 18 से 44 वर्ष आयु के लोगों को नहीं लग पाती थी। अब पूरी वैक्सीन केंद्र सरकार की तरफ से आएगी। इसलिए अलग-अलग आयु वर्ग का कोई झंझट नहीं रहेगा। यदि वैक्सीन है तो वह सभी आयु वर्ग के लोगों को लगेगी।
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अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। यदि कोई जरूरी समझे तो पंजीकरण करवा सकता है। इसके अलावा अब अलग-अलग आयु वर्ग के लिए अलग-अलग वैक्सीन का स्टॉक नहीं रखना पड़ेगा। सारी वैक्सीन केंद्र सरकार की तरफ से मिलेगी। यदि अस्पताल में वैक्सीन होगी तो सभी आयु वर्ग के लोगों को लगेगी। जैस-जैसे वैक्सीन मिल रही है, उसी अनुसार लोगों को लगाई जा रही है।
डॉ. नवनीत सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।