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अब अस्पताल में ही रहकर अदालत की सुनवाई में भाग ले सकेंगे चिकित्सक
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नागरिक अस्पताल के चिकित्सक अब अस्पताल में ही रहकर अदालत की सुनवाई में भाग लेंगे सकेंगे। उन्हें अदालत जाने के नाम पर पूरा दिन की छुट्टी नहीं मिलेगी। इसके अलावा सरकार द्वारा टूर के लिए दिए जाने वाले पैसे भी बचेंगे। इसके लिए नागरिक अस्पताल के ही एक कमरे में वीडियो कांफ्रेेंस की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। वीडियो कांफ्रेंरेंसिंग की सुविधा अस्पताल में होने के बाद अदालत से चिकित्सक इस कमरे में बैठकर जुड़ सकेंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य निदेशालय से भी अस्पताल प्रशासन सीधी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जुड़ पाएगा। इस प्रक्रिया के शुरू होने के बाद अस्पताल, सरकार व मरीजों सभी को लाभ होगा।
नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों का टोटा है। प्रतिदिन किसी न किसी चिकित्सक को अदालत में सुनवाई के लिए जाना पड़ता है। पोस्टमार्टम के मामलों में चिकित्सकों को अदालत में जाना पड़ता है। जिस दिन चिकित्सक को अदालत में सुनवाई के लिए जाना होता है उस दिन वह पूरा दिन अदालत के नाम पर फरलो मारते हैं। इसके अलावा अदालत में जाने पर सरकार को चिकित्सकों को भत्ता भी देना होता है। इससे एक तो सरकार के राजस्व, दूसरा मरीजों तथा तीसरी समय काफी खराब हो रहा है। अब नागरिक अस्पताल के कमरा नंबर 90 को वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम बनाया जाएगा। इसमें सभी वीसी के लिए सभी उपकरण लगाए जाएंगे तथा विशेष इंटरनेट कनेक्शन लगाया जाएगा। पीएमओ डॉ. लोकवीर, एसएमओ डॉ. गोपाल गोयल व डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने इस कमरे का जायजा लिया। इस कमरे में टीवी, प्रोजेक्टर, एलईडी, एक रोटेट माइक की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद यहां पर सभी अदालतों की ऑनलाइन आईडी बनाई जाएगी। इसके बाद किसी विशेष स्थिति में चिकित्सक अदालत भी जा सकते हैं।
मरीजों, सरकार व अस्पताल तीनों को फायदा
अस्पताल से ही अदालत की सुनवाई में शामिल होने पर इसका सीधा लाभ मरीजों को होगा। चिकित्सक बाहर जाने की बजाय अस्पताल में ही रहकर मरीजों का इलाज कर सकेंगे। जिस समय उन्हें वीसी में जाना होगा, उसमें जाकर वह इसके बाद भी मरीजों का उपचार कर सकेेंगे। इसके अलावा सरकार को चिकित्सकों को अदालत में जाने पर भत्ता देना पड़ता है। यह भत्ता इसके बाद नहीं देना होगा। वीसी के बाद भी चिकित्सक अस्पताल में मरीजों को देख सकेंगे। चिकित्सक उपलब्ध होने के कारण अस्पताल प्रशासन को मरीजों की खरीखोटी नहीं सुननी पड़ेगी।
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वीसी के लिए कमरे का जायजा ले लिया गया है। जल्द ही इसमें सभी उपकरण उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। इसके बाद चिकित्सक यहीं से अदालत की सुनवाई में शामिल हो सकेंगे। इससे मरीजों को भी चिकित्सक उपलब्ध रह सकेंगे। स्वास्थ्य निदेशालय से भी जुड़ने के लिए वीसी का प्रयोग किया जाएगा।
-डॉ. लोकवीर, पीएमओ।
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नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों का टोटा है। प्रतिदिन किसी न किसी चिकित्सक को अदालत में सुनवाई के लिए जाना पड़ता है। पोस्टमार्टम के मामलों में चिकित्सकों को अदालत में जाना पड़ता है। जिस दिन चिकित्सक को अदालत में सुनवाई के लिए जाना होता है उस दिन वह पूरा दिन अदालत के नाम पर फरलो मारते हैं। इसके अलावा अदालत में जाने पर सरकार को चिकित्सकों को भत्ता भी देना होता है। इससे एक तो सरकार के राजस्व, दूसरा मरीजों तथा तीसरी समय काफी खराब हो रहा है। अब नागरिक अस्पताल के कमरा नंबर 90 को वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम बनाया जाएगा। इसमें सभी वीसी के लिए सभी उपकरण लगाए जाएंगे तथा विशेष इंटरनेट कनेक्शन लगाया जाएगा। पीएमओ डॉ. लोकवीर, एसएमओ डॉ. गोपाल गोयल व डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने इस कमरे का जायजा लिया। इस कमरे में टीवी, प्रोजेक्टर, एलईडी, एक रोटेट माइक की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद यहां पर सभी अदालतों की ऑनलाइन आईडी बनाई जाएगी। इसके बाद किसी विशेष स्थिति में चिकित्सक अदालत भी जा सकते हैं।
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मरीजों, सरकार व अस्पताल तीनों को फायदा
अस्पताल से ही अदालत की सुनवाई में शामिल होने पर इसका सीधा लाभ मरीजों को होगा। चिकित्सक बाहर जाने की बजाय अस्पताल में ही रहकर मरीजों का इलाज कर सकेंगे। जिस समय उन्हें वीसी में जाना होगा, उसमें जाकर वह इसके बाद भी मरीजों का उपचार कर सकेेंगे। इसके अलावा सरकार को चिकित्सकों को अदालत में जाने पर भत्ता देना पड़ता है। यह भत्ता इसके बाद नहीं देना होगा। वीसी के बाद भी चिकित्सक अस्पताल में मरीजों को देख सकेंगे। चिकित्सक उपलब्ध होने के कारण अस्पताल प्रशासन को मरीजों की खरीखोटी नहीं सुननी पड़ेगी।
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वीसी के लिए कमरे का जायजा ले लिया गया है। जल्द ही इसमें सभी उपकरण उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। इसके बाद चिकित्सक यहीं से अदालत की सुनवाई में शामिल हो सकेंगे। इससे मरीजों को भी चिकित्सक उपलब्ध रह सकेंगे। स्वास्थ्य निदेशालय से भी जुड़ने के लिए वीसी का प्रयोग किया जाएगा।
-डॉ. लोकवीर, पीएमओ।