जींद। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भाजपा-जजपा सरकार के शासनकाल में प्रदेश में विकास नहीं बल्कि घोटाले हुए हैं। विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस ने घोटालों के मुद्दे उठाए, लेकिन सरकार इन पर कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। हुड्डा शुक्रवार को गतौली गांव में एक शोक सभा में आए थे।
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने भर्ती घोटाले की जांच हाईकोर्ट के सीटिंग जज की निगरानी में सीबीआई से करवाने की मांग उठाई, लेकिन सरकार की तरफ से इस मामले पर लीपापोती का रवैया अपनाया गया। इतना ही नहीं, सरकार इस मामले की उच्च स्तरीय जांच से ही भागती नजर आई। सदन में उन्होंने फोर्टिफाइड राइस का मुद्दा भी उठाया। इसमें भी बड़े स्तर पर घोटाला हुआ, जिसकी जांच होनी चाहिए। सरकार की तरफ से अब तक शराब, रजिस्ट्री और धान खरीद जैसे घोटालों के दोषियों का नाम भी सार्वजनिक नहीं किया गया है और न ही किसी उच्च पद पर बैठे हुए व्यक्ति पर कार्रवाई की गई है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस की तरफ से विश्वविद्यालय की स्वायत्तता से छेड़छाड़ और उनकी भर्तियां भ्रष्टाचार के आरोप में घिरी एचएसएससी-एचपीएससी जैसी संस्थाओं से करवाने का भी कड़ा विरोध किया गया। आखिरकार सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना पड़ा और विश्वविद्यालयों की नियुक्तियों के बारे में कमेटी बनाने की बात कही।