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सही समय पर सही सलाह न मिलने से नुकसान कर बैठता है किसान : डॉ. पान्नू
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04जेएनडी10-हमेटी में पांच दिवसीय प्रशिक्षण के समापन पर मौजूद ट्रेनिंज और मुख्यातिथि। स्रोत हमे
जींद। हमेटी में निदेशक डॉ. कर्मचंद के मार्गदर्शन में चल रहे पांच दिवसीय प्रशिक्षण का समापन हुआ। प्रशिक्षण के समापन पर हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार में कृषि महाविद्यालय के पूर्व डीन डॉ. आरके पान्नू ने प्रशिक्षकों को संबोधित किया व सर्टिफिकेट वितरित किए।
डॉ. पान्नू ने कहा कि किसान अपने खेतों में कपास फसल प्रबंधन के साथ-साथ जल संरक्षण और पौधरोपण का भी कार्य अवश्य करें। उन्होंने कहा कि कृषि विस्तार कार्यकर्ता किसानों का वह सच्चा सलाहकार है, जो वास्तव में किसान का भला करता है। किसान कई बार सही समय पर सही सलाह न मिलने के कारण नुकसान कर बैठता है।
कपास फसल में तो विशेषज्ञ की सलाह बगैर कीटनाशकों के प्रयोग करने से कीटों की समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है। किसानों को सही समय पर सही किस्म के सही बीज की सही मात्रा में बिजाई करने की सलाह दें। कीट प्रबंधन के लिए भी सही समय पर सही कीटनाशक की सही मात्रा का सही तरीके से छिड़काव करने की सलाह किसान को दें।
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ट्रेनर डॉ. हरभगवान कंबोज ने कहा कि इस समय कपास में रस चूसक कीट सफेद मक्खी, हरा तेला व टिंडे को खराब करने वाली गुलाबी सुंडी का ध्यान रखें। आवश्यकता पड़ने पर निंबीसिडीन या नीम तेल का छिड़काव करें, ताकि सफेद मक्खी की संख्या को नियंत्रित रखा जा सके।
हमेटी में प्रशिक्षण सलाहकार डॉ. सुभाष चंद्र ने कहा कि प्रमोशन ऑफ कॉटन कल्टीवेशन इन हरियाणा स्कीम के अंतर्गत कपास फसल का क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए कृषि अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे कृषि विस्तार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नवीनतम जानकारी से अवगत कराकर किसानों को सही समय पर सही सलाह दी जा सके।
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डॉ. पान्नू ने कहा कि किसान अपने खेतों में कपास फसल प्रबंधन के साथ-साथ जल संरक्षण और पौधरोपण का भी कार्य अवश्य करें। उन्होंने कहा कि कृषि विस्तार कार्यकर्ता किसानों का वह सच्चा सलाहकार है, जो वास्तव में किसान का भला करता है। किसान कई बार सही समय पर सही सलाह न मिलने के कारण नुकसान कर बैठता है।
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कपास फसल में तो विशेषज्ञ की सलाह बगैर कीटनाशकों के प्रयोग करने से कीटों की समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है। किसानों को सही समय पर सही किस्म के सही बीज की सही मात्रा में बिजाई करने की सलाह दें। कीट प्रबंधन के लिए भी सही समय पर सही कीटनाशक की सही मात्रा का सही तरीके से छिड़काव करने की सलाह किसान को दें।
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ट्रेनर डॉ. हरभगवान कंबोज ने कहा कि इस समय कपास में रस चूसक कीट सफेद मक्खी, हरा तेला व टिंडे को खराब करने वाली गुलाबी सुंडी का ध्यान रखें। आवश्यकता पड़ने पर निंबीसिडीन या नीम तेल का छिड़काव करें, ताकि सफेद मक्खी की संख्या को नियंत्रित रखा जा सके।
हमेटी में प्रशिक्षण सलाहकार डॉ. सुभाष चंद्र ने कहा कि प्रमोशन ऑफ कॉटन कल्टीवेशन इन हरियाणा स्कीम के अंतर्गत कपास फसल का क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए कृषि अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे कृषि विस्तार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नवीनतम जानकारी से अवगत कराकर किसानों को सही समय पर सही सलाह दी जा सके।