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दम तोड़ रही नागरिक अस्पताल की लाइफ लाइन

Thu, 01 Sep 2016 12:24 AM IST
jind
jind Updated Thu, 01 Sep 2016 12:24 AM IST
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no neede amulance in jind hospital, jind
अस्पताल परिसर में खराब हालत में खड़ी एंबुलेंस। - फोटो : bureau
जिले के नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए लाइफ लाइन का काम करने वाली एंबुलेंस अब दम तोड़ने लगी हैं। नागरिक अस्पताल की 14 में से सात एंबुलेंस तकनीकी खराबी के चलते ऑफ रोड हैं। महज सात एंबुलेंस के सहारे ही अस्पताल की यह लाइफ लाइन चल रही है। जबकि मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पताल को लगभग 20 एंबुलेंस की जरूरत है। अस्पताल में एंबुलेंस की कमी के चलते मरीजों को सरकार की 102 की नि:शुल्क सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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मरीजों को एंबुलेंस के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ता है या फिर महंगे रेट पर प्राइवेट एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ता है। अस्पताल की एंबुलेंस की सेवा प्रभावित होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी डिलिवरी के लिए नागरिक अस्पताल आने वाली गर्भवती महिलाओं व सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायलों को भुगतना पड़ रहा है। अस्पताल में एंबुलेंस नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं व सड़क हादसे के घायलों को समय पर एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिल पा रही है। शहर के नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन काफी संख्या में मरीज उपचार के लिए आते हैं। इनमें काफी संख्या में ऐसे मरीज भी होते हैं, जिन्हें गंभीर बीमारी होने या गंभीर चोट होने के कारण चिकित्सकों द्वारा रोहतक पीजीआई या खानपुर पीजीआई में रेफर किया जाता है। गंभीर रूप से घायल मरीजों को तुरंत उपचार की जरूरत होती है और रास्ते में उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसके लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीज को एंबुलेंस की सुविधा दी जाती है, लेकिन अस्पताल प्रशासन के पास एंबुलेंस की कमी के चलते इस तरह के मरीजों को यह सुविधा नहीं मिल रही है। एंबुलेंस के लिए मरीजों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता है।
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गर्भवती महिलाओं व घायलों को हो रही है परेशानी
नागरिक अस्पताल में एंबुलेंस सेवा ठप होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं व घायलों को हो रही है। क्योंकि सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं व सड़क हादसे में घायलों के लिए एंबुलेंस सेवा नि:शुल्क की गई है। इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं व घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचा कर उनको उपचार दिलवाना है, ताकि समय पर उपचार मिलने से उनकी जान को बचाया जा सके, लेकिन अस्पताल की एंबुलेंस सेवा ठप होने के कारण न तो गर्भवती महिलाओं व न ही घायलों को समय पर एंबुलेंस की सुविधा मिल पाती है।
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पीजीआई जाने के लिए नहीं मिली एंबुलेंस
राजथल निवासी मनदीप ने बताया कि वह अपनी पत्नी को डिलिवरी के लिए जींद के नागरिक अस्पताल में लेकर आया था। चिकित्सकों ने उसकी पत्नी का बीपी ज्यादा होने के कारण डिलिवरी करने से मना कर दिया और उसकी पत्नी को पीजीआई रेफर कर दिया। मनदीप ने बताया कि पत्नी को पीजीआई ले जाने के लिए उसे एंबुलेंस की जरूरत थी। जब उसने एंबुलेंस की मांग की तो कंट्रोल रूम के कर्मचारियों ने उसे बताया कि अभी एंबुलेंस मौजूद नहीं है। इसलिए उसे इंतजार करना पड़ेगा।

अधूरी कागजी कार्रवाई के चलते खड़ी हैं सात नई एंबुलेंस
स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों की सुविधा के लिए नागरिक अस्पताल को सात नई एंबुलेंस भेजी गई हैं, लेकिन यह एंबुलेंस अधूरी कागजी कार्रवाई के चलते सड़क पर नहीं दौड़ पा रही हैं। एक पखवाड़े से भी ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी इन एंबुलेंसों की कागजी कार्रवाई पूरी नहीं हो पाई है। नई एंबुलेंस कागजी कार्रवाई की प्रक्रिया में उलझ कर रही गई है।


जींद-रोहतक हाईवे की हालत खस्ता होने के कारण पीजीआई के लिए जाने वाली एंबुलेंसों में जल्दी-जल्दी खराबी आ जाती है। कुछ एंबुलेंसों में छोटी-छोटी दिक्कत थी उन्हें ठीक करवाया जा रहा है। नई एंबुलेंसों की कागजी कार्रवाई में समय लग रहा है। नई एंबुलेंसों का पंजीकरण व इंश्योरेंस का काम पूरा हो चुका है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई एंबुलेंसों को शुरू किया जाएगा।
- डॉ. कुलदीप राणा, नोडल अधिकारी
नागरिक अस्पताल, जींद

 
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