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धरना खत्म करने पर नहीं बनी बात

Sat, 11 Jun 2016 12:53 AM IST
jind
jind Updated Sat, 11 Jun 2016 12:53 AM IST
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no dession on jat agitation in jind
ध्‍ारने पर बैठी म‌हिलाएं - फोटो : bureau
जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने शुक्रवार को छठे दिन भी खटकड़ गांव में धरना जारी रखा। हालांकि शुक्रवार को धरने की अनुमति समाप्त होने वाली थी जिसको लेकर डीसी विनय सिंह ने जाट नेताओं को दोपहर बाद बातचीत की, लेकिन इसमें धरना समाप्त करने पर सहमति नहीं बन पाई। बातचीत में प्रशासन और जाट नेताओं के बीच तय हुआ कि अगर जाट नेताओं को लगता है कि कुछ लोगों पर गलत तरीके से केस बने हैं या वे उन आरोपों में शामिल नहीं हैं, तो वे पुलिस को इसके साक्ष्य सौंप सकते हैं। इसके आधार पर पुलिस दोबारा जांच करेगी और तथ्य अदालत के समक्ष रखे जाएंगे। बातचीत में समिति की ओर से राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कैप्टन रणधीर सिंह चहल व जिलाध्यक्ष कैप्टन भूपेंद्र के अलावा करीब 30 लोग शामिल हुए, जबकि प्रशासन की ओर से डीसी विनय सिंह, एसएसपी राकेश कुमार आर्य, एसडीएम योगेश कुमार, सिटीएम डॉ. किरण सिंह, डीएसपी विरेंद्र सांगवान व डीएसपी कुलवंत सिंह शामिल हुए। लघु सचिवालय के कॉन्फ्रेस हाल में जाट नेताओं और प्रशासन के बीच करीब दो घंटे तक बातचीत चली। हालांकि इस दौरान एसएसपी की एक टिप्पणी पर जाट नेताओं ने बातचीत छोड़कर जाने का फैसला कर दिया, लेकिन बाद में अधिकारियों के समझाने पर ये लोग बातचीत के लिए टेबल पर बैठ गए। बेशक बातचीत में दोनों पक्षों के बीच धरना समाप्त करने पर सहमति नहीं बनी हो, लेकिन प्रशासन द्वारा रखी गई बातों से समिति के नेता संतुष्ट नजर आए। समिति के जिलाध्यक्ष कैप्टन भूपेंद्र ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही।
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जाट नेताओं के सवाल और प्रशासन के जवाब
सवाल- समिति के जिला महासचिव वीरभान ढुल ने कहा कि दो जून को दिल्ली में प्रदेश के परिहवन मंत्री कृष्ण लाल पंवार के साथ समिति नेताओं की बातचीत हुई थी। उन्होंने जाट युवकों पर दर्ज केस वापस करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक इसमें कुछ नहीं हुआ।
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जवाब- डीसी विनय सिंह ने कहा कि केस अब अदालत में हैं और इसकी अपनी प्रक्रिया है। आंदोलन को देखते हुए अदालत ने कार्यपालिका को भी आदेश दिए हैं कि वे अदालत की निगरानी में जांच करेंगे।  
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एसएसपी बोले- पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार आर्य ने कहा कि जिले में 65 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुए हैं, इनमें 38 चालान पेश किए गए हैं और 42 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। एसएसपी ने साफ किया कि कुछ केस रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के हैं, इनकी जांच रेलवे पुलिस ही करेगी और वे कुछ नहीं कर सकते।
जाट नेता बोले- युवकों पर दो तरह के केस बनाए गए हैं, एक स्टेट के और दूसरे रेलवे के। कुछ युवकों पर 18-18 केस बनाए गए हैं। यदि एक मामले में बेल होती भी है तो दूसरे में वह जेल में ही रहता है। वहीं दिल्ली में हुई बातचीत में मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने मृतकों को मुआवजा देने की बात कही थी। इस पर डीसी विनय सिंह ने बताया कि सरकार ने चार लोगों को सहानुभूति के तौर पर दस-दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है। इनमें दो युवक झज्जर के हैं और दो सोनीपत के। डीसी ने कहा कि यदि किसी को यकीन नहीं है तो वे इनके परिवारों के नंबर दे देते हैं, उसने बात कर सकते हैं।
 
जाट नेताओं ने पूछा, मलिक पर किस आधार पर किया देशद्रोह का केस
सवाल- इस दौरान जाट नेताओं ने पूछा कि 25 मई को उनकी मीटिंग के बाद समिति के राष्ट्रीयध्यक्ष यशपाल मलिक के खिलाफ किस आधार पर देशद्रोह का केस दर्ज किया गया। क्या प्रशासन उन्हें इसका कोई तथ्य मुहैया करवा सकता है।
 डीसी बोले- डीसी विनय सिंह ने कहा कि मलिक ने उन कर्मचारियों और अधिकारियों को सरकार के खिलाफ खड़े होने का बयान दिया, जिन पर प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। उनको आंदोलन के लिए उकसाने के साथ-साथ उनका साथ देने की बात भी की। डीसी ने कहा कि यह विषय इस बातचीत में शामिल नहीं है, ऐसे में इस पर बात नहीं हो सकती।
क्या बच्चे बाहर आंएगे - समिति के जिलाध्यक्ष कैप्टन भूपेंद्र से डीसी विनय सिंह से पूछा कि क्या वे बच्चे बाहर आएंगे, जो जेलों में बंद हैं।
डीसी बोले- यह मामला अदालत में है और इस पर वे कुछ नहीं कह सकते। वे सिर्फ यह कह सकते हैं तय समय में उनके चालान पेश किए जाएंगे।

 सवाल- बातचीत के दौरान एक व्यक्ति ने पूछा कि फरवरी में हुए आंदोलन के दौरान कुछ लोगों ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की प्रतिमा को तोड़ने  का प्रयास किया। उसकी सीडी भी प्रशासन को दी गई है। उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
जवाब- इस पर डीसी ने जवाब दिया कि प्रतिमा को कोई नुकसान नहीं हुआ और यह विषय बातचीत में शामिल नहीं है। इसी दौरान एसएसपी राकेश कुमार आर्य ने कहा कि 'इसकी एक ऐसी कड़वी सच्चाई है कि आप लोग सुन नहीं पाओगे। एसएसपी की इसी बात पर जाट नेता भड़क गए। महासचिव वीरभान ढुल ने कहा कि यदि प्रशासन उन्हें धमकी दे रहा है तो बातचीत का कोई फायदा नहीं और वे उठ गए। इसके बाद यहां मौजूद अन्य अधिकारियों ने जाट नेताओं को दोबारा बातचीत की टेबल पर बैठाया।

घोघड़िया के सेवानिवृत्त फौजी ने कहा मेरा बेटा निर्दोष है
इसी दौरान घोघड़िया गांव निवासी रणधीर उर्फ धीरा फौजी ने कहा कि उसके 19 वर्षीय बेटे पर पुलिस ने गलत तरीके से केस बनाए हैं। वह बैंक से कैश लेने गया था। रणधीर ने कहा कि उसने अपने बेटे से पूरी तसल्ली कर ली है। वह आरक्षण आंदोलन में शामिल जरूर हुआ, लेकिन उसने कोई उपद्रव नहीं किया। इस पर अधिकारियों ने कहा कि वे ऐसे साक्ष्य लाएं, जिनसे उनकी संलिप्तता नहीं होने का प्रमाण हो।

उपद्रव से चौधरियों की इज्जत मिट्टी में मिलगी
शुक्रवार को खटकड़ गांव में चल रहे धरने में झंाझ गांव की बेटी मोनिका ने लोगों से शांति बनाने की मार्मिक अपील की। मोनिका ने कहा कि फरवरी में भी कुछ लोगों ने जाटों को बदनाम करने के लिए उपद्रव किया, और जाट बदनाम हुए। जाट चौधरी होते हैं और इससे उनकी इज्जत मिट्टी में मिल गई है, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए। मोनिका ने कहा कि गांधी जी तो लाठी तक नहीं उठाते और देश को आजाद करवा दिया। इस पर यहां मौजूद लोगों ने खूब तालियां बजाई।

साढ़े तीन लाख के पार पहुंचा चंदा
जहां एक ओर धरने पर लोगों की संख्या बढ़ रही है, वहीं धरने पर पहुंचकर लोग खुद चंदा दे रहे हैं। जाट नेताओं ने बताया कि शुक्रवार तक साढ़े तीन लाख रुपये अधिक का चंदा आ चुका है। वहीं अकेले घोघड़ियां गांव के लोगों ने शुक्रवार को 21 हजार रुपये चंदा दिया। अब धरने पर आने वाले लोगों के लिए खाने का इंतजाम भी वहीं कर दिया गया है।
कोई बहका रहा है आपको
डीसी ने बिना नाम लिए समिति के राष्ट्रध्यक्ष यशपाल मलिक की ओर इशारा करते हुए कहा कि आपको बहकाया जा रहा है। कंधा किसी का है बंदूक किसी की है और निशाना कहीं लगाया जा रहा है।

हिंसा ने बिगाड़ी व्यवस्था
इस दौरान डीसी और एसएसपी ने बताया कि आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के कारण अदालत ने पूरे मामले की निगरानी करने का फैसला किया है। ऐसे में अब कोई भी कार्रवाई होगी, वह अदालत की नजरों के सामने से होगी। इसलिए कोई ऐसा काम नहीं करना चाहिए, जिससे आपके बच्चों पर फिर से कोई दिक्कत आए। डीसी ने साफ किया कि इससे तो आपके बच्चे वापस नहीं आने वाली फिसलन पर जा रहे हैं।

बातचीत में शामिल हों मंत्री पंवार
बातचीत के दौरान डीसी विनय सिंह ने जाट नेताओं को सरकार के साथ बातचीत करवाने का ऑफर दिया। इस पर समिति के जिलाध्यक्ष ने कहा कि दो जून को जो बातचीत हुई थी, वे उसी लाइन पर बात करेंगे। दो जून को दिल्ली में परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार के साथ बातचीत हुई थी, सरकार के जिस भी प्रतिनिधि के साथ बातचीत हो, इसमें मंत्री कृष्ण लाल पंवार जरूर शामिल होने चाहिए।

खाप नेताओं पर फिर निशाना
इस दौरान नंदगढ़ तपा के प्रधान होशियार सिंह जागलान ने प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। यहां तक कि प्रधानमंत्री पर सीधी टिप्पणी की। वहीं उन्होंने तीन खाप नेताओं के नाम लेकर कहा कि वे कौम के भगोड़े हैं। दलाल ने कहा कि सरकार प्रदेश में जातीय हिंसा करवाना चाहती है।

ब्लॉक स्तर पर होगा धरना
प्रशासन से अच्छे माहौल में बातचीत हुई है। यदि सरकार मांगें नहीं मानती तो अब ब्लॉक स्तर पर धरना शुरू किया जाएगा। इसके लिए प्रथम चरण में नरवाना व जुलाना में धरने की योजना है।

- कैप्टन भूपेंद्र, जिलाध्यक्ष जाट आरक्षण संघर्ष समिति

समिति के लोगों के साथ बातचीत काफी सकारात्मक रही है। कुछ विषयों पर बात आगे बढ़ी है। फिलहाल धरने को दो दिन की और अनुमति दी गई है, लेकिन प्रशासन शांति भंग नहीं होने देगा।
- विनय सिंह, डीसी जींदसंबोधित करती मोनिका।
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