{"_id":"6aada18888e0a21756070564","slug":"nipun-haryana-mission-education-system-to-be-reviewed-in-september-jind-news-c-199-1-sroh1009-160490-2026-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"निपुण हरियाणा मिशन : सितंबर में होगी शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निपुण हरियाणा मिशन : सितंबर में होगी शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा
विज्ञापन
18जेएनडी03: बच्चों को निपुण गतिविधि सिखाते हुए अध्यापक राजेश वशिष्ट । स्रोत: अध्यापक
- फोटो : Samvad
जींद। निपुण हरियाणा मिशन के तहत जिले के प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करने के लिए सितंबर में क्लस्टर और खंड स्तर पर समीक्षा बैठक होगी।
इनमें स्कूलों में चल रही निपुण गतिविधियों की प्रगति के साथ विद्यार्थियों के वास्तविक सीखने के स्तर की गहन समीक्षा होगी। कमियां मिलने पर उनके सुधार के लिए अगले 90 दिनों की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार नरवाना, उचाना, सफीदों, पिल्लूखेड़ा, जींद, अलेवा और जुलाना खंडों में बैठकें होंगी। जिला निपुण समन्वयक राजेश वशिष्ठ ने बताया कि समीक्षा में आवधिक मूल्यांकन-1 के परिणाम, विद्यार्थी व शिक्षक उपस्थिति, शिक्षक प्रशिक्षण, मार्गदर्शक एवं पर्यवेक्षकों के स्कूल भ्रमण और अभिभावक सहभागिता को प्रमुखता दी जाएगी।
विज्ञापन
इसके अलावा पात्र विद्यार्थियों के दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना में पंजीकरण तथा बालवाटिका-3 के विद्यार्थियों के बैंक खाते खुलवाने की स्थिति जांची जाएगी। पंजीकरण की सत्यापित रिपोर्ट 24 सितंबर और बैंक खातों से संबंधित रिपोर्ट 27 सितंबर तक जिला कार्यालय में भेजनी होगी।
50 फीसदी से कम मूल्यांकन वाले स्कूलों की होगी पहचान
जिन विद्यालयों में मूल्यांकन कार्य 50 प्रतिशत से कम हुआ है इसके कारणों की जानकारी ली जाएगी। कमजोर विद्यार्थियों के लिए शून्य कालांश में 30 मिनट हिंदी और 30 मिनट गणित का लक्षित सुधारात्मक शिक्षण करवाने पर जोर रहेगा। कक्षा दो से पांच तक हिंदी और गणित की कमजोर दक्षताओं की अलग-अलग पहचान की जाएगी।
प्रशिक्षण से लेकर तकनीकी संसाधनों तक पर नजर
बैठक में प्रस्तावित छह दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण की तैयारियों, प्रशिक्षकों की उपलब्धता और शिक्षकों की उपस्थिति की समीक्षा होगी। स्मार्ट टीवी, एलईडी और अन्य तकनीकी संसाधनों के वास्तविक उपयोग की भी जांच की जाएगी। बालवाटिका गतिविधियों, आंगनबाड़ी केंद्रों और तिथि भोजन की स्थिति भी देखी जाएगी।
विज्ञापन
इनमें स्कूलों में चल रही निपुण गतिविधियों की प्रगति के साथ विद्यार्थियों के वास्तविक सीखने के स्तर की गहन समीक्षा होगी। कमियां मिलने पर उनके सुधार के लिए अगले 90 दिनों की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
विज्ञापन
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार नरवाना, उचाना, सफीदों, पिल्लूखेड़ा, जींद, अलेवा और जुलाना खंडों में बैठकें होंगी। जिला निपुण समन्वयक राजेश वशिष्ठ ने बताया कि समीक्षा में आवधिक मूल्यांकन-1 के परिणाम, विद्यार्थी व शिक्षक उपस्थिति, शिक्षक प्रशिक्षण, मार्गदर्शक एवं पर्यवेक्षकों के स्कूल भ्रमण और अभिभावक सहभागिता को प्रमुखता दी जाएगी।
विज्ञापन
इसके अलावा पात्र विद्यार्थियों के दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना में पंजीकरण तथा बालवाटिका-3 के विद्यार्थियों के बैंक खाते खुलवाने की स्थिति जांची जाएगी। पंजीकरण की सत्यापित रिपोर्ट 24 सितंबर और बैंक खातों से संबंधित रिपोर्ट 27 सितंबर तक जिला कार्यालय में भेजनी होगी।
50 फीसदी से कम मूल्यांकन वाले स्कूलों की होगी पहचान
जिन विद्यालयों में मूल्यांकन कार्य 50 प्रतिशत से कम हुआ है इसके कारणों की जानकारी ली जाएगी। कमजोर विद्यार्थियों के लिए शून्य कालांश में 30 मिनट हिंदी और 30 मिनट गणित का लक्षित सुधारात्मक शिक्षण करवाने पर जोर रहेगा। कक्षा दो से पांच तक हिंदी और गणित की कमजोर दक्षताओं की अलग-अलग पहचान की जाएगी।
प्रशिक्षण से लेकर तकनीकी संसाधनों तक पर नजर
बैठक में प्रस्तावित छह दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण की तैयारियों, प्रशिक्षकों की उपलब्धता और शिक्षकों की उपस्थिति की समीक्षा होगी। स्मार्ट टीवी, एलईडी और अन्य तकनीकी संसाधनों के वास्तविक उपयोग की भी जांच की जाएगी। बालवाटिका गतिविधियों, आंगनबाड़ी केंद्रों और तिथि भोजन की स्थिति भी देखी जाएगी।