{"_id":"66a94c1576d36d3ed20c8e74","slug":"nhm-workers-continue-protest-regarding-demands-jind-news-c-199-1-jnd1001-120781-2024-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: मांगों को लेकर एनएचएम कर्मियों का धरना जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: मांगों को लेकर एनएचएम कर्मियों का धरना जारी
Wed, 31 Jul 2024 01:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 31 Jul 2024 01:54 AM IST
विज्ञापन
जींद। एनएचएम कर्मचारियों सांझा मोर्चा के बैनर तले एनएचएम कर्मियों की हड़ताल मंगलवार को पांचवें दिन भी जारी रही। इस दौरान जिलाभर के एनएचएम कर्मियों ने सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना दिया ओर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मंगलवार को धरने की अध्यक्षता एएनएम संतोष जुलाना ने की, जबकि मंच का संचालन काउंसलर प्रवीन ने किया।
संतोष ने कहा कि एनएचएम कर्मचारी पिछले काफी सालों से स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैंं। इसके बावजूद भी सरकार उनकी मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि सरकार की अनदेखी के विरोध में एनएचएम के तहत चलने वाली सभी सेवाओं को पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। जिसमें लेबर रुम, नर्सरी, केएमसी यूनिट, रेफरल ट्रांसपोर्ट, मेंटल हेल्थ, स्कू ल हेल्थ, आरबीएसके, आरकेएसके, एनसीडी, एनआरसी, टीबी व आयुष विभाग, पीपी सेंटर व रिपोटिंग के कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मियों को पक्के कर्मचारी घोषित किया जाए। सांतवें वेतनमान का लाभ दिया जाए। सर्विस रूल के साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए, कैशलैस मेडिकल सुविधा दी जाए। एलटीसी, ग्रेजुटी व एक्स ग्रेसिया का लाभ दिया जाए। कर्मचारियों को सेवा के अनुसार ईएलए स्टडी लीव, ट्यूशन फीस का लाभ दिया जाए। आयुष्मान भारत योजना के तहत सीएचओ कैडर की एसओपी को लागू किया जाए। बांड प्रथा को समाप्त किया जाए। एनएचएम कर्मियों को ट्रांसफर सुविधा दी जाए। वर्ष 2017 से 2024 तक कर्मचारियों द्वारा दी गई हड़ताल अवधि का वेतन जारी किया जाए। इस अवसर पर वरिष्ठ कर्मचारी नेता बलबीर श्योराण ने अपने संघर्ष के अनुभव भी सांझा किए। कर्मचारी नेता ओमपाल ढांडा, ईश्वर सिंह, विनय ने कर्मचारियों को एकता के साथ धरने पर डटे रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर डॉ. संदीप शर्मा, गोबिंदा, सोनिया डाइटीशियन, गौरव सहगल, जगदीप, सीमा, पूनम, सुदर्शन, मीनाक्षी, सतेंद्र, राजरानी, सुमित मौजूद थे।
विज्ञापन
संतोष ने कहा कि एनएचएम कर्मचारी पिछले काफी सालों से स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैंं। इसके बावजूद भी सरकार उनकी मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि सरकार की अनदेखी के विरोध में एनएचएम के तहत चलने वाली सभी सेवाओं को पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। जिसमें लेबर रुम, नर्सरी, केएमसी यूनिट, रेफरल ट्रांसपोर्ट, मेंटल हेल्थ, स्कू ल हेल्थ, आरबीएसके, आरकेएसके, एनसीडी, एनआरसी, टीबी व आयुष विभाग, पीपी सेंटर व रिपोटिंग के कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मियों को पक्के कर्मचारी घोषित किया जाए। सांतवें वेतनमान का लाभ दिया जाए। सर्विस रूल के साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए, कैशलैस मेडिकल सुविधा दी जाए। एलटीसी, ग्रेजुटी व एक्स ग्रेसिया का लाभ दिया जाए। कर्मचारियों को सेवा के अनुसार ईएलए स्टडी लीव, ट्यूशन फीस का लाभ दिया जाए। आयुष्मान भारत योजना के तहत सीएचओ कैडर की एसओपी को लागू किया जाए। बांड प्रथा को समाप्त किया जाए। एनएचएम कर्मियों को ट्रांसफर सुविधा दी जाए। वर्ष 2017 से 2024 तक कर्मचारियों द्वारा दी गई हड़ताल अवधि का वेतन जारी किया जाए। इस अवसर पर वरिष्ठ कर्मचारी नेता बलबीर श्योराण ने अपने संघर्ष के अनुभव भी सांझा किए। कर्मचारी नेता ओमपाल ढांडा, ईश्वर सिंह, विनय ने कर्मचारियों को एकता के साथ धरने पर डटे रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर डॉ. संदीप शर्मा, गोबिंदा, सोनिया डाइटीशियन, गौरव सहगल, जगदीप, सीमा, पूनम, सुदर्शन, मीनाक्षी, सतेंद्र, राजरानी, सुमित मौजूद थे।
विज्ञापन