जींद। स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी सांझा मोर्चा के बैनर तले हड़ताल के दसवें दिन रविवार को एनएचएम कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा के प्रतिनिधि राजन चिल्लाना को सरकार के नाम मांगपत्र सांैपा। रविवार को कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए गोहाना रोड, रानी तालाब, एसडी स्कूल, सफीदों गेट, सब्जी मंडी रोड, रुपया चौक होते हुए विधायक निवास पर पहुंचे। प्रतिनिधि राजन चिल्लाना ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि एनएचएम कर्मचारियों की सभी मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष प्राथमिकता से रखेंगे। एनएचएम के तहत चलने वाली सभी स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा है, जिसमें लेबर रूम में डिलीवरी का कार्य, नर्सरी में नवजात शिशुओं की देखरेख का कार्य, केएमसी यूनिट, रैफरल ट्रांसपोर्ट एम्बुलेंस सुविधा न मिलना, जन्म-मृत्यु विभाग कार्य,मैन्टल हैल्थ, केंद्रीय औषधि विभाग कार्य, स्कूल हैल्थ (आरबीएसके व आरकेएसके) टीम द्वारा फील्ड में बच्चों के स्वास्थ्य जांच कार्य, पीपी सैंटर, टीकाकरण कार्य, सभी सीएचओ व रिपोर्टिंग आदि कार्य शामिल रहे। धरने की अध्यक्षता सुनीता अलीपुरा और मंच संचालन गौरव सहगल ने किया। उन्होंने मांग की कि एनएचएम कर्मचारियों को पक्का किया जाए। सातवें वेतनमान का लाभ दिया जाए तथा सर्विस रूल के साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए। कर्मचारियों को कैशलेस मेडिकल सुविधा प्रदान की जाए। एलटीसी, ग्रेजुटी व एक्स-ग्रेसिया का लाभ दिया जाए। कर्मचारियों को सेवा अनुसार ईएल, स्टडी लीव, ट्यूशन फीस का लाभ दिया जाए। आयुष्मान भारत योजना के तहत सीएचओ कैडर की एसओपी को लागू किया जाए तथा साथ ही बॉन्ड प्रथा को समाप्त किया जाए। इस अवसर पर शीतल, गणपत, कमलेश बिश्नोई, अमित लाडवाल, आयुष, विजय, सुनील सैनी, जितेंद्र वत्स, योगेश, डॉ. संदीप शर्मा, डॉ. अरुण, एकता, सोनू, कमलेश, सुमित, बलराज, प्रमोद, सुनील, सुरेश मांडी, सुभाष कंडेला, सीमा मौजूद रही।