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Jind News: एसआईआर में स्वीकार नहीं की जाएगी लापरवाही, एसडीएम ने सुनवाई केंद्रों का लिया जायजा
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2जींद। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की कवायद के बीच बुधवार को निर्वाचन पंजीयन अधिकारी एवं एसडीएम सत्यवान सिंह मान ने विभिन्न सुनवाई केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्रों पर चल रही प्रक्रिया को करीब से देखा और सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों, सुपरवाइजरों, बूथ लेवल अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली।
एसडीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भारत निर्वाचन आयोग की समय-सारणी के अनुरूप एसआईआर से जुड़े प्रत्येक कार्य को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निर्धारित समय में पूरा किया जाए। मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता, निष्पक्षता और नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने बताया कि एसआईआर-2026 के तहत 30 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। वहीं 31 जुलाई से 28 सितंबर तक नोटिस जारी करने, संबंधित मामलों की सुनवाई करने और प्राप्त दावे-आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण किया जाना है। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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गणना फॉर्म के विवरण की जांच पर जोर
सत्यवान सिंह मान ने कहा कि जिन निर्वाचकों के गणना फॉर्म में दर्ज विवरण पूर्व विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची या उपलब्ध अभिलेखों से मेल नहीं खाते हैं, उन मामलों में आयोग के निर्देशानुसार नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे मामलों में उपलब्ध दस्तावेजों और जानकारी की सावधानीपूर्वक जांच करने के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मतदाताओं को मिले पूरा मार्गदर्शन
एसडीएम ने सुनवाई केंद्रों पर आने वाले मतदाताओं को आवश्यक जानकारी और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नोटिस चरण का उद्देश्य पात्र निर्वाचकों को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का उचित अवसर देना है। इसलिए सुनवाई की पूरी प्रक्रिया सरल, स्पष्ट, पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। एसडीएम ने कहा कि जन्म तिथि, जन्म स्थान और नागरिकता से संबंधित दस्तावेज भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित श्रेणियों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार ही स्वीकार और जांचे जाएं। उन्होंने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मतदाता सूची को त्रुटिरहित, विश्वसनीय और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए।
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एसडीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भारत निर्वाचन आयोग की समय-सारणी के अनुरूप एसआईआर से जुड़े प्रत्येक कार्य को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निर्धारित समय में पूरा किया जाए। मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता, निष्पक्षता और नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
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उन्होंने बताया कि एसआईआर-2026 के तहत 30 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। वहीं 31 जुलाई से 28 सितंबर तक नोटिस जारी करने, संबंधित मामलों की सुनवाई करने और प्राप्त दावे-आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण किया जाना है। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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गणना फॉर्म के विवरण की जांच पर जोर
सत्यवान सिंह मान ने कहा कि जिन निर्वाचकों के गणना फॉर्म में दर्ज विवरण पूर्व विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची या उपलब्ध अभिलेखों से मेल नहीं खाते हैं, उन मामलों में आयोग के निर्देशानुसार नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे मामलों में उपलब्ध दस्तावेजों और जानकारी की सावधानीपूर्वक जांच करने के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मतदाताओं को मिले पूरा मार्गदर्शन
एसडीएम ने सुनवाई केंद्रों पर आने वाले मतदाताओं को आवश्यक जानकारी और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नोटिस चरण का उद्देश्य पात्र निर्वाचकों को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का उचित अवसर देना है। इसलिए सुनवाई की पूरी प्रक्रिया सरल, स्पष्ट, पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। एसडीएम ने कहा कि जन्म तिथि, जन्म स्थान और नागरिकता से संबंधित दस्तावेज भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित श्रेणियों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार ही स्वीकार और जांचे जाएं। उन्होंने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मतदाता सूची को त्रुटिरहित, विश्वसनीय और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए।