फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Narwana is still there today where it was 20 years ago.

Jind News: नरवाना 20 साल पहले जहां था, आज भी है वहीं

Sun, 22 Sep 2024 12:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Sun, 22 Sep 2024 12:32 AM IST
विज्ञापन
Narwana is still there today where it was 20 years ago.
21जेएनडी03-पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला।
जींद। नरवाना विधानसभा क्षेत्र ऐसा क्षेत्र है, जहां से नेता चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री तक बने हैं, लेकिन नरवाना विकास के मामले में वहीं है जहां पर 20 साल पहले था।
विज्ञापन

नरवाना शहर की 20 साल पुरानी समस्या अब भी मुंह बाए खड़ी है। राजनीतिक के मामले में यह हलका शुरू से ही सियासी तौर पर चर्चा में रहा है। हर विधानसभा चुनाव में हलका के राजनीतिक समीकरण बदले हैं। यहां के मतदाता पिछले तीन विधानसभा चुनाव से सरकार के विपरीत ही विधायक चुनते आ रहे हैं, लेकिन इस बार उनका कौन सी पार्टी की तरफ रुझान है यह तो 8 अक्तूबर को ही पता चलेगा।
विज्ञापन

खास बात यह है कि नरवाना विधानसभा क्षेत्र में अभी तक कमल नहीं खिल पाया है। इस बार भी भाजपा प्रत्याशी कृष्ण बेदी का कमल खिलाने का रास्ता बेहद चुनौतियों भरा है। उनके लिए राह आसान नहीं है। इनेलो और कांग्रेस भी अपने खिसके हुए वोटबैंक को साधने की जुगत में हैं। वह अपना खोया हुआ वोटबैंक तलाशने में जुटी हैं। हालांकि वर्ष 2014 और 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की पूर्व प्रत्याशी संतोष दनौदा भी कमल खिलाने उतरी थीं, लेकिन दोनों बार ही उनको हार का सामना करना पड़ा था। इस बार पार पाना पहले से भी ज्यादा चुनौतियों भरा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आरक्षित होने के बाद टूटा था सुरजेवाला का गढ़

वर्ष 2005 के विधानसभा चुनाव के बाद नरवाना क्षेत्र आरक्षित घोषित कर दिया गया था। उसके बाद ही सुरजेवाला परिवार का गढ़ टूट गया था। उसी समय से अब तक कांग्रेस को नरवाना क्षेत्र से जीत नहीं मिली है। आरक्षित होने के बाद रणदीप सिंह सुरजेवाला नरवाना छोड़कर कैथल चले गए थे। उसी समय से कांग्रेस पार्टी नरवाना क्षेत्र में जीत की तलाश कर रही है। नरवाना विधानसभा क्षेत्र से छह बार कांग्रेस पार्टी से विधायक बने हैं, जिनमें चार बार शमशेर सिंह सुरजेवाला और दो बार रणदीप सिंह सुरजेवाला विधायक बने थे। इसके अलावा वर्ष 1968 में पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के पिता नेकीराम और 1972 में गौरीशंकर भी कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचे थे।


15 वर्षों से चौटाला परिवार का दबदबा

नरवाना विधानसभा सीट पर पिछले 15 वर्षों से चौटाला परिवार का दबदबा रहा है। जब से विधानसभा नरवाना सीट आरक्षित हुई है तब से दो बार इनेलो और एक बार जजपा से विधायक बने हैं। इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने वर्ष 2000 में हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रणदीप सिंह सुरजेवाला को हराकर बाद में मुख्यमंत्री बने थे। वर्ष 2009 में इनेलो प्रत्याशी पिरथी सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी रामफल लोट को 20640 मत के बड़े अंतर से हराया था। इसके बाद वर्ष 2014 में इनेलो से प्रत्याशी पिरथी सिंह ने भाजपा के संतोष दनौदा को 9152 वोटों से मात दी थी। 2019 में इनेलो से अलग होकर दुष्यंत चौटाला ने जननायक जनता पार्टी बनाई और नरवाना विधानसभा क्षेत्र से रामनिवास सुरजाखेड़ा को प्रत्याशी बनाया। सुरजाखेड़ा ने भाजपा प्रत्याशी संतोष दनौदा को 30692 वोट से हराया था।

21जेएनडी03-पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला।

21जेएनडी03-पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला।

21जेएनडी03-पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला।

21जेएनडी03-पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed