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आयुष्मान भारत योजना में अपनी पत्नी व बेटी का नाम दर्ज करवाने को दर-दर की ठोकर खा रहा साहिल

Tue, 24 Sep 2019 01:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 24 Sep 2019 01:00 AM IST
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name not add family member's in golden card
जींद। सफीदों की शिव कॉलोनी निवासी साहिल आयुष्मान भारत योजना में अपनी पत्नी व बेटी का नाम दर्ज करवाने के लिए चक्कर काट रहा है लेकिन नागरिक अस्पताल सफीदों में उसे हर बार नया सर्वे होने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता है। योजना के तहत प्रावधान है कि जिस व्यक्ति का गोल्डन कार्ड बना हुआ है, उसकी बाद में शादी हुई हो तो उसकी पत्नी और बच्चों का नाम इस योजना में शामिल हो सकता है लेकिन पिछले छह महीने से साहिल चक्कर काटकर थक चुका है। उसकी पत्नी और बच्ची का नाम आयुष्मान भारत योजना के तहत शामिल नहीं किया जा रहा।
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साहिल ने कहा कि उसका आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बना हुआ है। उसके घर पर प्रधानमंत्री पत्र पहुंचा था। इसमें उसका, उसके माता-पिता का नाम शामिल था। उसकी शादी को हुए दो महीने ही हुए थे। इसमें उसकी पत्नी रेखा का नाम शामिल नहीं किया। इसके बाद वह अपनी पत्नी रेखा का नाम आयुष्मान भारत योजना में शामिल करवाने के लिए नागरिक अस्पताल सफीदों में गया। यहां उसे कहा गया कि अब उसकी पत्नी का नाम शामिल नहीं हो सकता। जब भी भविष्य में सर्वे होगा, उसकी पत्नी व बच्ची का नाम इसमें शामिल किया जाएगा।
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योजना को लेकर यह है नियम
नियमों के अनुसार जिस व्यक्ति का आयुष्मान भारत योजना में नाम शामिल हो तो वह अपनी पत्नी व बच्चों का नाम इसमें शामिल करवा सकता है। इसके लिए उसे राशन कार्ड व आधार कार्ड में अपनी पत्नी का नाम दिखाना होगा। साहिल ने कहा कि उसकी पत्नी रेखा व नौ महीने की बेटी महक का नाम राशन कार्ड में दर्ज है और दोनों का आधार कार्ड भी बन चुका है। इसके बावजूद दोनों का नाम शामिल करने को स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी आनाकानी कर रहे हैं।
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नाम शामिल हो सकता है
जिस व्यक्ति के पास गोल्डन कार्ड है, उसमें उसकी पत्नी और बच्चों का नाम शामिल हो सकता है। इसके लिए जब कंप्यूटर पर आधार कार्ड की जांच की जाए तो उसमें वाइफ ऑफ दिखाना चाहिए। यदि डॉटर ऑफ दिखाता है तो उसे अपडेट करवाना पड़ेगा। जिन लोगों की शादी को चार-पांच साल हो गए, उनका आधार कार्ड के आधार पर नाम दर्ज हो सकता है और जिनकी शादी 2018 में या उसके बाद हुई हो, उन्हें मैरिज सर्टिफिकेट देना होगा, उसके बाद पत्नी व बच्चों के नाम गोल्डन कार्ड में शामिल हो सकते हैं।
-विवेक, मैनेजर आयुष्मान भारत योजना।
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