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Jind News: बोले राकेश टिकैत-संयुक्त किसान मोर्चा कोई धर्म नहीं, एक वैचारिक क्रांति का नाम

Sat, 28 Jan 2023 12:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Sat, 28 Jan 2023 12:27 AM IST
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पिछले साल 26 जनवरी को एसकेएम के खिलाफ सरकार ने रची थी साजिश : उग्राहा
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। नई अनाज मंडी में वीरवार को आयोजित किसान महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा कोई धर्म या जाति नहीं बल्कि यह एक वैचारिक क्रांति है। जल्द ही फसलों के लिए एमएसपी लागू करने की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके लिए किसान अपने ट्रैक्टरों को दिल्ली कूच के लिए तैयार रखें, कभी भी कॉल आ सकती है। इस दौरान काफी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रहीं।
किसान महापंचायत में पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड के किसानों ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान टिकैत ने कहा कि सरकार का एजेंडा पहले ही तय है। यह एक किसान को दूसरे किसान, एक खाप से दूसरी खाप को लड़ाएगी। पूरे देश का किसान एक है। किसान फसलों व जातियों में नहीं बंटे, सरकार से एक बड़ी लड़ाई की जरूरत है। किसी के बहकावे में नहीं आए बल्कि एकजुट होकर सरकार के साथ लड़ाई में सहयोग करें। 15 से 22 मार्च के बीच में दिल्ली कूच किया जाएगा। इसके लिए तारीख का ऐलान नौ फरवरी को संयुक्त किसान मोर्चा की कुरुक्षेत्र में होने वाली बैठक में किया जाएगा। तब तक किसान अपने ट्रैक्टरों में तेल-पानी चेक कर लें। तारीख का ऐलान होते ही सभी किसानों को दिल्ली कूच करना होगा। एक बार फिर केंद्र सरकार से दो-दो हाथ किए जाएंगे। इस बार यदि सरकार ने कोई षड़यंत्र रचने की साजिश की तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। किसान शांतिपूर्वक अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करेंगे।
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किसान नेता जोगिंद्र सिंह उग्राहा ने कहा कि आज का दिन बहुत बड़ा दिन है। इसी दिन केंद्र की भाजपा सरकार ने चाल चलकर आंदोलन को तोड़ने की कोशिश की थी। सरकार 26 जनवरी 2022 के आंदोलन को हिंसक बनाना चाहती थी। हमें खालिस्तानी, पाकिस्तानी व तालिबानी बताया गया, लेकिन पूरी दुनिया जानती है कि इस अहंकारी भाजपा सरकार को किसान आंदोलन ने झुकाने का काम किया। संयुक्त किसान मोर्चा को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन मोर्चा बहुत बड़ा समुद्र है।
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किसान नेता युद्धवीर सिंह सहरावत ने कहा कि यह सरकार जब तक नहीं सुनती है जब तक इसके कान में धमाका नहीं किया जाता। हम दोबारा लौटेंगे और सरकार से बचा हुआ इंसाफ लेंगे। 13 महीने के संघर्ष की जो थकान थी, वह उतार ली है। आज संयुक्त किसान मोर्चा जो निर्णय लेगा, आज से ही उस मोर्चे की तैयारी शुरू समझो। इस बार दिल्ली का मोर्चा आर-पार का मोर्चा होगा।

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सरकार से एमएसपी और न्याय चाहिए

डॉ. दर्शन पाल ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा एमएसपी गारंटी कानून लागू करवाना चाहजी है। इसके लिए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाए, किसानों को कर्जा मुक्त किया जाएगा। इसके अलावा अजय मिश्रा को बर्खास्त करके उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। 2023 में केंद्र सरकार को झुकाया जाएगा और बची हुई मांगें पूरी करवाई जाएंगी।

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नौगामा खाप ने लगाया दिनभर लंगर
किसान महापंचायत में नौगामा खाप की तरफ से पूरे दिन लंगर चलाया गया। इसमें किसान महापंचायत में आने वाले लोगों के लिए खीर व हलवा की व्यवस्था की गई थी। भाकियू के प्रेस प्रवक्ता एवं नौगामा खाप के रामराजी ढुल ने कहा कि पूरे नौगामा खाप के गांवों से चंदा किया गया था। इसी चंदे से दिनभर किसान महापंचायत में भंडारा लगाया गया।
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