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शहर में बिना नक्शा पास हुए बन रहे भवनों पर चलेगा नगरपरिषद का डंडा
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जींद। जींद नगर परिषद की परिधि में यदि आप बिना नक्शा पास करवाए भवन बना रहे हैं तो परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे भवनों की कुंडली तैयार करने के लिए नगर परिषद ने विशेष अभियान शुरू किया है। इसके लिए सफाई दरोगा की जिम्मेदारी लगाई गई है। पांच सफाई दरोगा अपने-अपने क्षेत्र में उन सभी भवनों का रिकार्ड तैयार करेंगे, जिनका निर्माण चल रहा है। इनमें से पता लगाया जाएगा कि कितने भवनों का नक्शा पास करवाया गया है या नहीं। इसके बाद इन भवनों पर कार्रवाई होगी।
दरअसल नगर परिषद क्षेत्र में भवन बनाने से पहले नगर परिषद से इसकी अनुमति लेनी होती है। इसके बाद तय मानकों के अनुसार बनाए गए नक्शे की जांच की जाती है। इसी से यह तय होता है कि बनाया जा रहा भवन कितना मजबूत है और किस क्षेत्र में कितना ऊंचा भवन बनाया जा सकता है। हालांकि नक्शा पास होने के बावजूद नियमों को तोड़ कर काफी भवन बनाए गए हैं, लेकिन अब पहले उन भवनों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिनका निर्माण चल रहा है। इन भवनों में यदि खामियां पाई जाती हैं तो इनका निर्माण रुकवाकर नगर परिषद इन पर कार्रवाई करेगा।
व्यवस्थित नहीं हो रहा शहर
शहर में काफी जगह ऐसे स्थल हैं, जो व्यावसायिक तर्ज पर तो बनाए जाते हैं, लेकिन यहां न तो पार्किंग की व्यवस्था की जाती है और न ही लोगों की सुविधा के अनुसार अन्य व्यवस्थाएं की जाती। ऐेस में अब नगर परिषद ऐसे भवनों पर पार्किंग की व्यवस्था के लिए भी काम करवा सकेगा।
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शहर की सुरक्षा के लिए जरूरी
हालांकि नियम पहले से ही नक्शा पास करने के बाद भवन बनाने का है, लेकिन अभी तक इसमें ढील चल रही थी। ऐसे में अब की जा रही प्रक्रिया से यह सुनिश्चित हो सकेगा कि शहर के किस हिस्से में कितनी मजबूती के भवन बने हुए हैं।
सफाई दरोगा तैयार करेंगे रिपोर्ट
इस काम के लिए पांच सफाई दरोग की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें पहले शहर में बन रहे भवनों की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाएगा। इसके बाद जो भी परिणाम सामने आएंगे, उनके अनुसार ही कार्रवाई होगी।
- राजेंद्र प्रसाद, कार्यकारी अधिकारी, जींद नगरपरिषद।
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दरअसल नगर परिषद क्षेत्र में भवन बनाने से पहले नगर परिषद से इसकी अनुमति लेनी होती है। इसके बाद तय मानकों के अनुसार बनाए गए नक्शे की जांच की जाती है। इसी से यह तय होता है कि बनाया जा रहा भवन कितना मजबूत है और किस क्षेत्र में कितना ऊंचा भवन बनाया जा सकता है। हालांकि नक्शा पास होने के बावजूद नियमों को तोड़ कर काफी भवन बनाए गए हैं, लेकिन अब पहले उन भवनों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिनका निर्माण चल रहा है। इन भवनों में यदि खामियां पाई जाती हैं तो इनका निर्माण रुकवाकर नगर परिषद इन पर कार्रवाई करेगा।
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व्यवस्थित नहीं हो रहा शहर
शहर में काफी जगह ऐसे स्थल हैं, जो व्यावसायिक तर्ज पर तो बनाए जाते हैं, लेकिन यहां न तो पार्किंग की व्यवस्था की जाती है और न ही लोगों की सुविधा के अनुसार अन्य व्यवस्थाएं की जाती। ऐेस में अब नगर परिषद ऐसे भवनों पर पार्किंग की व्यवस्था के लिए भी काम करवा सकेगा।
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शहर की सुरक्षा के लिए जरूरी
हालांकि नियम पहले से ही नक्शा पास करने के बाद भवन बनाने का है, लेकिन अभी तक इसमें ढील चल रही थी। ऐसे में अब की जा रही प्रक्रिया से यह सुनिश्चित हो सकेगा कि शहर के किस हिस्से में कितनी मजबूती के भवन बने हुए हैं।
सफाई दरोगा तैयार करेंगे रिपोर्ट
इस काम के लिए पांच सफाई दरोग की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें पहले शहर में बन रहे भवनों की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाएगा। इसके बाद जो भी परिणाम सामने आएंगे, उनके अनुसार ही कार्रवाई होगी।
- राजेंद्र प्रसाद, कार्यकारी अधिकारी, जींद नगरपरिषद।