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Jind News: किसानों को धान की सीधी बिजाई के लिए किया प्रेरित
Sat, 20 May 2023 02:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 20 May 2023 02:58 AM IST
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सफीदों। उपमंडल सफीदों के कृषि विभाग की टीम ने धान की सीधी बिजाई के लिए गांव बागडू कलां एवं भागखेड़ा में कैंप का आयोजन किया। करीब 100 से अधिक किसानों ने भाग लिया।
उपमंडल अधिकारी सुशील कुमार और खंड कृषि अधिकारी जितेंद्र सरोहा किसानों से आह्वान किया कि पानी कि बचत करने के लिए कृषि विभाग की दोनों स्कीमों धान की सीधी बिजाई और मेरा पानी मेरी विरासत में अति शीघ्र पंजीकरण करवाएं। धान की सीधी बिजाई करने पर किसानों को 4000 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा।
इस स्कीम के प्रचार के लिए गांव-गांव में विभाग की टीम द्वारा कैंप लगाकर स्कीमों को किसानों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धान की फसल उगाने में अधिक पानी की जरुरत पड़ती है। इसलिए धान की सीधी बिजाई पानी कि बचत का एक अच्छा विकल्प है। इसी प्रकार फसल विविधिकरण से भी किसान धान की जगह अन्य फसल उगाकर पानी को बचा सकते हैं। मेरा पानी मेरी विरासत के तहत धान की जगह अन्य वैकल्पिक फसलें जैसे कपास, मक्का, अरहर, मूंग, मोठ, उड़द, सोयाबीन, तिल, मूंगफली, चारा की फसल एवं खेत खाली रखने पर 7000 रुपये प्रति एकड़ अनुदान पिछले साल की तरह इस साल भी दिया जाएगा। इसके लिए किसान को अपनी फसल का पंजीकरण, मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर करवाना होगा। उसके बाद किसान कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही दोनों योजनाओं में अनुदान के लिए पंजीकरण कर सकता है। कृषि विभाग की तरफ से सभी योजनाओं का पंजीकरण ऑनलाइन पोर्टल पर शुरू हो चुके हैं। संवाद
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उपमंडल अधिकारी सुशील कुमार और खंड कृषि अधिकारी जितेंद्र सरोहा किसानों से आह्वान किया कि पानी कि बचत करने के लिए कृषि विभाग की दोनों स्कीमों धान की सीधी बिजाई और मेरा पानी मेरी विरासत में अति शीघ्र पंजीकरण करवाएं। धान की सीधी बिजाई करने पर किसानों को 4000 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा।
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इस स्कीम के प्रचार के लिए गांव-गांव में विभाग की टीम द्वारा कैंप लगाकर स्कीमों को किसानों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धान की फसल उगाने में अधिक पानी की जरुरत पड़ती है। इसलिए धान की सीधी बिजाई पानी कि बचत का एक अच्छा विकल्प है। इसी प्रकार फसल विविधिकरण से भी किसान धान की जगह अन्य फसल उगाकर पानी को बचा सकते हैं। मेरा पानी मेरी विरासत के तहत धान की जगह अन्य वैकल्पिक फसलें जैसे कपास, मक्का, अरहर, मूंग, मोठ, उड़द, सोयाबीन, तिल, मूंगफली, चारा की फसल एवं खेत खाली रखने पर 7000 रुपये प्रति एकड़ अनुदान पिछले साल की तरह इस साल भी दिया जाएगा। इसके लिए किसान को अपनी फसल का पंजीकरण, मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर करवाना होगा। उसके बाद किसान कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही दोनों योजनाओं में अनुदान के लिए पंजीकरण कर सकता है। कृषि विभाग की तरफ से सभी योजनाओं का पंजीकरण ऑनलाइन पोर्टल पर शुरू हो चुके हैं। संवाद
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