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मातृभाषा अस्मिता की पहचान : ओमप्रकाश

Sun, 22 Feb 2026 12:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Sun, 22 Feb 2026 12:06 AM IST
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Mother tongue is the identity of identity: Omprakash
21जेएनडी14-विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ओमप्रकाश चौहान। स्रोत संस्थान
नरवाना। केएम राजकीय महाविद्यालय में हिंदी विभाग और भारतेंदु साहित्य परिषद के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता वरिष्ठ साहित्यकार ओम प्रकाश चौहान ने मातृभाषा के महत्व पर विचार रखे।
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हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. जगबीर दूहन ने कहा कि मातृभाषा बच्चों को संस्कार, व्यवहार और संस्कृति से जोड़ती है और धरोहर को आगे बढ़ाती है। मुख्य वक्ता ने कहा कि मातृभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि संस्कृति और अस्मिता की पहचान है। जिस भाषा में हम सोचते, समझते और सपने देखते हैं वही बौद्धिक विकास की नींव होती है।
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उन्होंने कहा कि अन्य भाषाओं का ज्ञान कौशल बढ़ाता है लेकिन तार्किक क्षमता और सृजनात्मकता का विकास मातृभाषा में ही संभव है। नई शिक्षा नीति 2020 में भी मातृभाषा को प्राथमिकता दी गई है। कार्यक्रम का संचालन एमए हिंदी प्रथम वर्ष की छात्रा पवन ने किया। अंत में कार्यकारी प्राचार्य कृष्ण कुमार ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया और प्रो. सुल्तान सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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