{"_id":"6a762b178199e23ae7063895","slug":"monkey-menace-increases-in-safidon-shopkeepers-and-passersby-troubled-jind-news-c-199-1-jnd1012-158033-2026-08-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: सफीदों में बढ़ा बंदरों का आतंक, दुकानदार और राहगीर परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: सफीदों में बढ़ा बंदरों का आतंक, दुकानदार और राहगीर परेशान
विज्ञापन
फोटो 07एसएफडीएम1शहर में घूमते हुए बंदरों का झुंड। संवाद
सफीदों। मुख्य बाजारों और रिहायशी क्षेत्रों में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बंदरों की बढ़ती संख्या से दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बंदर दुकानों में रखे खाने-पीने के सामान, फल और अन्य वस्तुएं उठाकर ले जा रहे हैं। इससे दुकानदारों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि बंदरों के डर से घरों की छतों पर जाना भी मुश्किल हो गया है। लोग खुले में कपड़े सुखाने से भी बच रहे हैं। कई बार बंदर लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर चुके हैं। बाजार में बंदरों के झुंड आपस में लड़ते हुए दिखाई देते हैं जिससे राहगीरों में भय का माहौल बना रहता है।
मुख्य बाजार के दुकानदार सुमित वर्मा, संजय गुप्ता, राजसिंह, धनीराम और संजू ने बताया कि बंदरों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दी गई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया। उन्होंने नगर पालिका से मांग की है कि जल्द बंदरों को पकड़कर जंगलों में छोड़ा जाए।
विज्ञापन
नगर पालिका हाउस की बैठक में बंदरों को पकड़ने का प्रस्ताव रखा जाएगा। सदस्यों की सहमति के बाद शहर से बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी ताकि लोगों को बंदरों के आतंक से निजात मिल सके। - आशीष कुमार, नपा सचिव सफीदों।
विज्ञापन
लोगों का कहना है कि बंदरों के डर से घरों की छतों पर जाना भी मुश्किल हो गया है। लोग खुले में कपड़े सुखाने से भी बच रहे हैं। कई बार बंदर लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर चुके हैं। बाजार में बंदरों के झुंड आपस में लड़ते हुए दिखाई देते हैं जिससे राहगीरों में भय का माहौल बना रहता है।
विज्ञापन
मुख्य बाजार के दुकानदार सुमित वर्मा, संजय गुप्ता, राजसिंह, धनीराम और संजू ने बताया कि बंदरों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दी गई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया। उन्होंने नगर पालिका से मांग की है कि जल्द बंदरों को पकड़कर जंगलों में छोड़ा जाए।
विज्ञापन
नगर पालिका हाउस की बैठक में बंदरों को पकड़ने का प्रस्ताव रखा जाएगा। सदस्यों की सहमति के बाद शहर से बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी ताकि लोगों को बंदरों के आतंक से निजात मिल सके। - आशीष कुमार, नपा सचिव सफीदों।