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पुलिस और सेना ने की मॉक ड्रिल
jind
Updated Fri, 03 Jun 2016 12:59 AM IST
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पोजीशन लेते जवान
- फोटो : bureau
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पांच जून को होने वाले अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आंदोलन के मद्देनजर प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। आंदोलन के दौरान किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए बृहस्पतिवार को पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) ने पुलिस लाइन मैदान में मॉकड्रिल की। मॉकड्रिल में पुलिसकर्मियों को आंदोलन के दौरान अलग-अलग परिस्थितियों में अलग-अलग तरह के हथियार चलाने की जानकारी दी गई। इस दौरान डीसी विनय सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. किरण सिंह ने भी हथियार चलाए। बृहस्पतिवार दोपहर बाद पुलिस लाइन मैदान में हुई मॉकड्रिल के दौरान पुलिस कर्मचारियों को सेल्फ लोडिंग रायफल (एसएलआर), थ्री नॉट थ्री, एसएलआर की जानकारी दी गई। इन सभी हथियारों की मारक क्षमता 300 मीटर तक है। वहीं एंटी राइट्स गन, टीयर गन, रबड़ की गोलियां, हैंड ग्रेनेड, चिल्ली बम जैसे हथियारों से आंदोलनकारियों को हटाने का अभ्यास किया गया। पुलिस कर्मचारियों के प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि जब भीड़ नजदीक हो तो किस प्रकार के हथियार हवा की बहाव की स्थिति के अनुसार किस प्रकार प्रयोग किए जाते हैं। यदि आंदोलन में महिला और बच्चे आगे हों तो कौन से हथियारों का प्रयोग किया जाएगा। आंदोलन के दौरान पंप एक्शन गन के प्रयोग की जानकारी भी पुलिसकर्मियों को दी गई। वहीं इस दौरान कारतूस और चिलकी कारतूस का प्रयोग करने की परिस्थितियों के बारे में भी पुलिसकर्मियों को बताया गया।
पुलिसकर्मी बने आंदोलनकारी, आरएएफ ने खदेड़ा
मॉकड्रिल के दौरान मौके पर मौजूद सादे पकड़ों वाले पुलिस कर्मचारियों को आंदोलनकारी बनाया गया। इस दौरान ड्यूटी मैजिस्ट्रेट ने आंदोलनकारियों से बातचीत से मामला निपटने का प्रयास किया, लेकिन जब बात नहीं बनी तो बलपूर्वक आंदोलनकारियों को खदेड़ा गया।
वर्दी पर नहीं लगने दें दाग
इस दौरान डीसी विनय सिंह ने आरएएफ जवनों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि उनको देखकर लोगों को सुरक्षा की भावना होनी चाहिए और उपद्रवियों को डर होना चाहिए। वे कोई ऐसा काम नहीं करें कि वर्दी पर दाग लगे। डीसी ने कहा कि पिछले आंदोलन में लोगों ने यह सोच लिया कि प्रशासन डरा हुआ है, लेकिन ऐसा नहीं है। डीसी ने कहा कि यहां के लोग बहुत अच्छे हैं और प्रशासन की मदद करेंगे।
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आरएएफ की पांच टुकड़ियां जींद पहुंचीं
आंदोलन को देखते हुए जिले में केंद्रीय सुरक्षा बलों की पांच कंपनियां पहुंच चुकी हैं। डीसी विनय सिंह के अनुसार एक कंपनी और पहुंच जाएगी।
धरने के लिए प्रचार अभियान तेज
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने भी पांच जून के धरने के लिए प्रचार अभियान तेज कर दिया है। समिति के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को गांव-गांव जाकर लोगों को धरने के लिए निमंत्रण दिया।
निगरानी के लिए ड्रोन मांगा
एसएसपी राकेश आर्य के अनुसार सरकार से दो ड्रोन की मांग की है, जिससे आसमान से आंदोलनकारियों पर नजर रखी जा सके। इस दौरान एएसपी वसीम अकरम, एसडीएम योगेश कुमार, एडीसी आमना तस्नीम, सिटीएम डॉ. किरण सिंह, डीएसपी कुलवंत बिश्नाई सहित सभी थाना और चौकी प्रभारी भी मौजूद रहे।
आंदोलनकारी दुश्मन नहीं
आंदोलनकारी दुश्मन नहीं हैं, लेकिन कानून व्यवस्था बनाना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि कोई भी उपद्रव करता है तो उससे सख्ती से निपटा जाएगा। इसकी पूरी तैयारी हैं।
विनय सिंह डीसी
पुलिस की तैयारी पूरी है, केंद्रीय सुरक्षा बलों की पांच कंपनियां पहुंच चुकी हैं। लोग भयभीत नहीं हों। उनके जानमाल की सुरक्षा हर हाल में की जाएगी। साथ ही उपद्रवियों को छोड़ा नहीं जाएगा।
- राकेश आर्य, एसएसपी
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पुलिसकर्मी बने आंदोलनकारी, आरएएफ ने खदेड़ा
मॉकड्रिल के दौरान मौके पर मौजूद सादे पकड़ों वाले पुलिस कर्मचारियों को आंदोलनकारी बनाया गया। इस दौरान ड्यूटी मैजिस्ट्रेट ने आंदोलनकारियों से बातचीत से मामला निपटने का प्रयास किया, लेकिन जब बात नहीं बनी तो बलपूर्वक आंदोलनकारियों को खदेड़ा गया।
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वर्दी पर नहीं लगने दें दाग
इस दौरान डीसी विनय सिंह ने आरएएफ जवनों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि उनको देखकर लोगों को सुरक्षा की भावना होनी चाहिए और उपद्रवियों को डर होना चाहिए। वे कोई ऐसा काम नहीं करें कि वर्दी पर दाग लगे। डीसी ने कहा कि पिछले आंदोलन में लोगों ने यह सोच लिया कि प्रशासन डरा हुआ है, लेकिन ऐसा नहीं है। डीसी ने कहा कि यहां के लोग बहुत अच्छे हैं और प्रशासन की मदद करेंगे।
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आरएएफ की पांच टुकड़ियां जींद पहुंचीं
आंदोलन को देखते हुए जिले में केंद्रीय सुरक्षा बलों की पांच कंपनियां पहुंच चुकी हैं। डीसी विनय सिंह के अनुसार एक कंपनी और पहुंच जाएगी।
धरने के लिए प्रचार अभियान तेज
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने भी पांच जून के धरने के लिए प्रचार अभियान तेज कर दिया है। समिति के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को गांव-गांव जाकर लोगों को धरने के लिए निमंत्रण दिया।
निगरानी के लिए ड्रोन मांगा
एसएसपी राकेश आर्य के अनुसार सरकार से दो ड्रोन की मांग की है, जिससे आसमान से आंदोलनकारियों पर नजर रखी जा सके। इस दौरान एएसपी वसीम अकरम, एसडीएम योगेश कुमार, एडीसी आमना तस्नीम, सिटीएम डॉ. किरण सिंह, डीएसपी कुलवंत बिश्नाई सहित सभी थाना और चौकी प्रभारी भी मौजूद रहे।
आंदोलनकारी दुश्मन नहीं
आंदोलनकारी दुश्मन नहीं हैं, लेकिन कानून व्यवस्था बनाना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि कोई भी उपद्रव करता है तो उससे सख्ती से निपटा जाएगा। इसकी पूरी तैयारी हैं।
विनय सिंह डीसी
पुलिस की तैयारी पूरी है, केंद्रीय सुरक्षा बलों की पांच कंपनियां पहुंच चुकी हैं। लोग भयभीत नहीं हों। उनके जानमाल की सुरक्षा हर हाल में की जाएगी। साथ ही उपद्रवियों को छोड़ा नहीं जाएगा।
- राकेश आर्य, एसएसपी