फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   MNREGA workers did not get work in Ahirka for 23 days, sloganeering outside BDPO office

मनरेगा मजदूरों को 23 दिन से नहीं मिला काम, बीडीपीओ कार्यालय पर की नारेबाजी

Fri, 30 Sep 2022 12:51 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 30 Sep 2022 12:51 AM IST
विज्ञापन
MNREGA workers did not get work in Ahirka for 23 days, sloganeering outside BDPO office
काम दिलाने की मांग को लेकर बीडीपीओ कार्यालय पहुंचे मनरेगा मजदूर। संवाद - फोटो : Jind
जींद। अहिरका गांव के मनरेगा मजदूर 23 दिनों से काम नहीं मिलने के विरोध में वीरवार को बीडीपीओ कार्यालय पर पहुंचे। उन्होंने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष प्रकट किया। उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए बेरोजगारी भत्ता देने और काम दिलाने की मांग की। यदि उनको जल्द काम नहीं मिला तो वह सरकार और प्रशासन के खिलाफ आंदोलन शुरू कर देंगे।
विज्ञापन

अहिरका गांव निवासी भागचंद, पवन कुमार, गीता देवी, मीना देवी, रोशनी, कविता ने बताया कि छह सितंबर को उन्होंने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को शिकायत देकर उनको मनरेगा योजना के तहत काम दिलवाने की मांग की थी, लेकिन अभी तक उनको काम नहीं मिला जबकि मनरेगा कानून में प्रावधान है कि यदि काम मांगने के 15 दिन के अंदर काम नहीं मिलता है तो मांगने वाले मजदूरों को उस समयावधि का बेरोजगारी भत्ता दिया जाए तथा आगे का काम दिया जाए।
विज्ञापन

रमेशचंद्र ने बताया कि कोरोना आपदा के कारण लोगों के काम धंधे छूट गए है, जिससे जनता भूखमरी की कगार पर पहुंच गई और आज जनता के सामने रोजी-रोटी का सवाल खड़ा हो गया है। मनरेगा मजदूर और मेट काम के लिए बीडीपीओ के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन मजदूरों को मांगने पर काम नही दिया जा रहा है। केंद्र सरकार इसको खत्म करना चाहती जिसका उदाहरण सरकार ने मनरेा के बजट में 25000 करोड़ की कटौती करके केंद्रीय बजट में मजदूर और गरीब आबादी के साथ विश्वासघात है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी, जीएसटी, कोरोना आदि के चलते संगठित, असंगठित क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार खत्म हो गए हैं। निर्माण क्षेत्र में पिछले सात साल में नौकरी आधी रह गई। 2017-20 के बीच मेन्यूफेक्चरिंग सेक्टर में 2.3 करोड़ नौकरियां खत्म हो चुकी थी। देश में 2021 में शहरों में बेरोजगारी की दर अपने रिकॉर्ड स्तर पर यानी 9.3 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। लोगों की आमदन में भारी कमी आई है। ऐसे हालात में जनता को राहत प्रदान करने की बजाय केंद्रीय बजट में प्रतिगामी कदम उठाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed