{"_id":"6225219f45afcb295116299e","slug":"meghalaya-governor-arrives-in-jind-of-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"जींद: कंडेला गांव में पहुंचे मेघालय के राज्यपाल, बोले- किसान बनाएं अपनी ही सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जींद: कंडेला गांव में पहुंचे मेघालय के राज्यपाल, बोले- किसान बनाएं अपनी ही सरकार
Mon, 07 Mar 2022 02:33 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 07 Mar 2022 02:33 AM IST
सार
कंडेला गांव में पहुंचे मेघालय के राज्यपाल ने कहा कि उत्तरभारत में अभियान चला किसानों को करूंगा इकट्ठा।
विज्ञापन
सत्यपाल मलिक का स्वागत करते कंडेला व माजरा खाप के लोग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के जींद के गांव कंडेला के ऐतिहासिक चबूतरे पर पहुंचे मेघालय के महामहिम राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि किसान अपनी ही सरकार बनाएं। उन्होंने कहा उनका कार्यकाल आठ महीने का ही बचा है। इसके बाद वह उत्तर भारत में घूमकर किसानों को एकत्र करेंगे और उन्हें इतना मजबूत करेंगे कि वह दूसरों से मांगने की बजाय देंगे। सत्यपाल मलिक का रविवार को कंडेला व माजरा खाप ने अभिनंदन किया।
विज्ञापन
सत्यपाल मलिक ने किसानों को अपनी ही सरकार बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चौधरी छोटूराम के समय से ही फसल के दाम का सवाल ऐसे ही खड़ा है। किसानों को फसलों का पूरा समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा। किसान की फसल का भाव दूसरे लोग तय करते हैं। किसानों का आंदोलन भी इस बात पर था कि समर्थन मूल्य लागू हो जाए। आज भी किसानों की फसलों का उचित भाव नहीं मिल रहा। इसी कारण किसान आर्थिक रूप से कमजोर होता जा रहा है।
विज्ञापन
किसानों को कल्याणकारी योजनाओं की बजाय उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य देना चाहिए। यदि सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय हो जाए तो किसान की आर्थिक स्थिति सुधर जाएगी। उन्होंने किसानों से कहा कि आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। किसानों को अपने हकों के लिए आवाज उठानी चाहिए। जैसी आवाज किसान आंदोलन के दौरान उठी, उसी प्रकार मजबूत से हर समस्य पर उठानी होगी।
विज्ञापन
अपना राज बना लो
सत्यपाल मलिक ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य इसलिए लागू नहीं हो रहा, क्योंकि प्रधानमंत्री के दोस्त ने कृषि कानून लागू होने से पहले ही पानीपत में एक 50 एकड़ में गोदाम बना लिया। उसको सस्ता गेहूं चाहिए, जिसको वह महंगे दाम पर बेच सके। उन्होंने किसानों से कहा कि अब धरना देना और सड़कों पर बैठना छोड़ दो। इकट्ठा होकर अपना राज बना लो। किसी से मांगने की जरूरत नहीं। सभी इकट्ठे हो जाओ और दिल्ली में अपना राज बनाओ, ताकि तुमसे लोग मांगे, तुम्हें मांगने की जरूरत न पड़े।
राजनीति में सक्रिय होने के दिए संकेत
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि किसान एक साथ रहें, अपने समस्याओं के हल के लिए एकजुट होकर लड़ें। जब सत्यपाल मलिक से पूछा गया कि क्या वह चुनाव लड़ेंगे तो उन्होंने कोई ठोस जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में सरकार बदली थी, उस समय कोई बैनर नहीं था। दो साल बाद लोकसभा चुनाव में कुछ नई पार्टियां भी आएंगी। इनकी वह अगुवाई कर सकते हैं। या उस समय जो अगुवाई करेगा, उसके साथ शामिल हो सकते हैं।