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Jind News: गुरु अर्जुन देव जी का शहीदी गुरु पर्व श्रद्धा से मनाया
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10जेएनडी06: गुरबाणी गायन करते हुए हजूरी रागी भाई मनदीप सिंह का रागी जत्था। संवाद
जींद। पांचवीं पातशाही गुरु अर्जुन देव जी का शहीदी गुरु पर्व सोमवार को शहर के सभी गुरुद्वारों में श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। संगतों ने अमृत वेले सुबह सवेरे गुरुद्वारा साहिब में हाजिरी लगा कर गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेक कर अपने गुरु की शहीदी के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर गुरुद्वारों में शबद कीर्तन गायन किए गए। मीठे शरबत, लंगर का प्रसाद संगतों में वितरित किया गया।
गुरुघर के प्रवक्ता बलविंद्र सिंह ने बताया कि सिंह सभा गुरुद्वारा रेलवे जंक्शन पर धार्मिक समागम आयोजित किया गया। जिसमें सुखमणि साहिब सेवा सोसायटी द्वारा द्वारा सुखमणि साहिब का जाप कर शबद कीर्तन गायन किए। हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की सदस्य बीबी परमिंदर कौर ने गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर साहिब में गुरु अर्जुन देव की शहादत को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी को शहीदों का सरताज इसलिए कहा जाता है कि सिखों के 10 गुरुओं में गुरु अर्जुन देव जी एक ऐसे गुरु थे, जिन्होंने मानवता की खातिर अपना बलिदान दिया। ऐतिहासिक गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर साहिब में शहीदी गुरुपर्व के उपलक्ष में कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया। जिसमें सबसे पहले गुरुद्वारा साहिब के रागी भाई साहब भाई जसवीर सिंह रामदसिया के रागी जत्थे द्वारा गुरबाणी गायन किया गया। भाई जरनैल सिंह के कविशरी जत्थे ने गुरु अर्जुन देव को श्रद्धांजलि देकर अपनी मार्मिक कविताओं द्वारा गुरु अर्जुन देव की जीवनी को संगतों से रूबरू करवाया। मंजी साहिब गुरुद्वारा कैथल से आए भाई मनदीप सिंह के रागी जत्थे ने निरोल गुरुबाणी गायन करके संगतों का मन मोह लिया।
गुरुघर के प्रवक्ता बलविंद्र सिंह ने कहा कि गुरु अर्जुन देव सिखों के पांचवें धर्म गुरु थे, उनकी शहादत अतुलनीय है। मानवता के सच्चे सेवक, धर्म के रक्षक, शांत और गंभीर स्वभाव के स्वामी गुरु अर्जुन देव अपने युग के सर्वमान्य लोकनायक थे। जो दिन-रात संगत की सेवा में लगे रहते थे। इस अवसर पर ऐतिहासिक गुरुद्वारा तेग बहादुर साहिब के मैनेजर गुरविंदर सिंह, जत्थेदार गुरजिंदर सिंह, मालिक सिंह, जसकरण सिंह, जोगिंदर सिंह पाहवा, दलबीर सिंह सेठी, गुरविंदर सिंह रत्तक, गुरुद्वारा रेलवे जंक्शन के प्रधान जसबीर सिंह, कमलजीत ग्रेवाल, सुरेन्द्र मक्कड़ सेवा में जुटे रहे।
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गुरुघर के प्रवक्ता बलविंद्र सिंह ने बताया कि सिंह सभा गुरुद्वारा रेलवे जंक्शन पर धार्मिक समागम आयोजित किया गया। जिसमें सुखमणि साहिब सेवा सोसायटी द्वारा द्वारा सुखमणि साहिब का जाप कर शबद कीर्तन गायन किए। हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की सदस्य बीबी परमिंदर कौर ने गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर साहिब में गुरु अर्जुन देव की शहादत को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी को शहीदों का सरताज इसलिए कहा जाता है कि सिखों के 10 गुरुओं में गुरु अर्जुन देव जी एक ऐसे गुरु थे, जिन्होंने मानवता की खातिर अपना बलिदान दिया। ऐतिहासिक गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर साहिब में शहीदी गुरुपर्व के उपलक्ष में कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया। जिसमें सबसे पहले गुरुद्वारा साहिब के रागी भाई साहब भाई जसवीर सिंह रामदसिया के रागी जत्थे द्वारा गुरबाणी गायन किया गया। भाई जरनैल सिंह के कविशरी जत्थे ने गुरु अर्जुन देव को श्रद्धांजलि देकर अपनी मार्मिक कविताओं द्वारा गुरु अर्जुन देव की जीवनी को संगतों से रूबरू करवाया। मंजी साहिब गुरुद्वारा कैथल से आए भाई मनदीप सिंह के रागी जत्थे ने निरोल गुरुबाणी गायन करके संगतों का मन मोह लिया।
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गुरुघर के प्रवक्ता बलविंद्र सिंह ने कहा कि गुरु अर्जुन देव सिखों के पांचवें धर्म गुरु थे, उनकी शहादत अतुलनीय है। मानवता के सच्चे सेवक, धर्म के रक्षक, शांत और गंभीर स्वभाव के स्वामी गुरु अर्जुन देव अपने युग के सर्वमान्य लोकनायक थे। जो दिन-रात संगत की सेवा में लगे रहते थे। इस अवसर पर ऐतिहासिक गुरुद्वारा तेग बहादुर साहिब के मैनेजर गुरविंदर सिंह, जत्थेदार गुरजिंदर सिंह, मालिक सिंह, जसकरण सिंह, जोगिंदर सिंह पाहवा, दलबीर सिंह सेठी, गुरविंदर सिंह रत्तक, गुरुद्वारा रेलवे जंक्शन के प्रधान जसबीर सिंह, कमलजीत ग्रेवाल, सुरेन्द्र मक्कड़ सेवा में जुटे रहे।

10जेएनडी06: गुरबाणी गायन करते हुए हजूरी रागी भाई मनदीप सिंह का रागी जत्था। संवाद
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