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इंसान अपनी सोच को सही दिशा प्रदान करें : अनिल
Mon, 09 Dec 2024 11:21 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 09 Dec 2024 11:21 PM IST
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बच्चों से बातचीत करते अनिल मलिक। स्रोत: स्कूल
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जींद। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बीबीपुर में सोमवार को मनोवैज्ञानिक परामर्श केंद्र की स्थापना की गई। इसमें मुख्यातिथि के रूप में मंडलीय बाल कल्याण अधिकारी रोहतक अनिल मलिक ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य रोशनी देवी ने की।
अनिल मलिक ने कहा कि इंसान की सोच बहुत शक्तिशाली होती है। इसे सही दिशा देने की आवश्यकता है। इसमें मनोवैज्ञानिक परामर्श एवं प्रेरणा शक्ति कारगर सिद्ध होती है। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था में बहुत सी विषम व असहाय परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। घबरा कर मैदान नहीं छोड़ना। मौजूदा परिस्थितियों को सही से समझना है। इसका डटकर सामना करना है। समस्या का सही समाधान ढूंढना है। उचित सलाह अतिविश्वसनीय या अनुभवी व्यक्ति से लेनी है। आवश्यकता अनुसार व्यक्तिगत परामर्श लाभकारी सिद्ध हो सकता है। भरोसा रखें कि हर सवाल का जवाब और हर समस्या का समाधान होता है। किशोरावस्था चुनौतियों भरी निरंतर विकास की उम्र है। ऐसे में जरूरी है सकारात्मक रहना। खुश रहने के तरीके खोजें, ऊर्जा से लबालब रहिए, शिक्षा संबंधी अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर फोकस रखना चाहिए। सबसे पहले खुद को जानिए, अपनी रुचियों, आदतों, क्षमता, कमजोरी और ताकत को जाने और फिर जानिए आपके दोस्त कौन हैं। रोशनी देवी ने कहा मनोवैज्ञानिक प्रेरणा महत्वपूर्ण है। उम्र विशेष के मद्देनजर जरूरी सलाह समय-समय पर मिलती रहनी चाहिए। इस अवसर पर नीरज कुमार, इतिहास प्रवक्ता शमशेर सिंह, कुंती देवी, कुलदीप सिंह व साक्षी मौजूद थी।
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अनिल मलिक ने कहा कि इंसान की सोच बहुत शक्तिशाली होती है। इसे सही दिशा देने की आवश्यकता है। इसमें मनोवैज्ञानिक परामर्श एवं प्रेरणा शक्ति कारगर सिद्ध होती है। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था में बहुत सी विषम व असहाय परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। घबरा कर मैदान नहीं छोड़ना। मौजूदा परिस्थितियों को सही से समझना है। इसका डटकर सामना करना है। समस्या का सही समाधान ढूंढना है। उचित सलाह अतिविश्वसनीय या अनुभवी व्यक्ति से लेनी है। आवश्यकता अनुसार व्यक्तिगत परामर्श लाभकारी सिद्ध हो सकता है। भरोसा रखें कि हर सवाल का जवाब और हर समस्या का समाधान होता है। किशोरावस्था चुनौतियों भरी निरंतर विकास की उम्र है। ऐसे में जरूरी है सकारात्मक रहना। खुश रहने के तरीके खोजें, ऊर्जा से लबालब रहिए, शिक्षा संबंधी अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर फोकस रखना चाहिए। सबसे पहले खुद को जानिए, अपनी रुचियों, आदतों, क्षमता, कमजोरी और ताकत को जाने और फिर जानिए आपके दोस्त कौन हैं। रोशनी देवी ने कहा मनोवैज्ञानिक प्रेरणा महत्वपूर्ण है। उम्र विशेष के मद्देनजर जरूरी सलाह समय-समय पर मिलती रहनी चाहिए। इस अवसर पर नीरज कुमार, इतिहास प्रवक्ता शमशेर सिंह, कुंती देवी, कुलदीप सिंह व साक्षी मौजूद थी।
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