{"_id":"69234ca4309a0f6bc00c043a","slug":"man-sent-to-myanmar-in-the-name-of-job-and-held-hostage-accused-arrested-jind-news-c-199-1-sroh1006-144321-2025-11-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: नौकरी के नाम पर म्यांमार भेजकर बनाया बंधक, आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: नौकरी के नाम पर म्यांमार भेजकर बनाया बंधक, आरोपी गिरफ्तार
विज्ञापन
23जेएनडी05-पुलिस गिरफ्त में नौकरी के नाम पर ठगी करने का आरोपी। स्रोत पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। विदेश में नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी करने के आरोपी विकास को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार को आरोपी को अदालत में पेश किया जहां से उसे एक दिन के रिमांड पर लिया है।
14 नवंबर को जींद निवासी चेतन ने पुलिस को बताया कि विकास ने उन्हें थाईलैंड में नौकरी दिलाने का झांसा दिया जिसके चलते पासपोर्ट और वीजा बनवाया। फिर 16 अगस्त को उन्हें थाईलैंड भेज दिया।
वहां पहुंचने पर आरोपी के भेजे गए लिंक के माध्यम से पीड़ित को एयरपोर्ट से उठा। आठ घंटे की यात्रा के बाद जंगल के रास्ते जबरन म्यांमार ले जाया गया जहां उन्हें केके पार्क नामक विदेशी कंपनी में बंधक बनाकर रखा।
विज्ञापन
कंपनी में आरोपी विकास उनसे मिलने पहुंचा। काम दिलवाने और छुड़वाने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की जो पीड़ित ने नकद दे दिए। इसके बाद उन्हें यूएसए नागरिकों को धोखाधड़ी कॉल करने का काम सौंपा लेकिन पीड़ित ने अवैध कार्य करने से इन्कार कर दिया।
आरोपी विकास और उसके साथी ने पीड़ित से भारत लाने के नाम पर साढ़े चार लाख रुपये की मांग की। दबाव और धमकियों के बीच पीड़ित के परिजनों ने आरोपी के कहे अनुसार दो लाख एप के माध्यम से भेजे।
कंपनी द्वारा बंधक बनाकर रखा जाने और प्रताड़ित किए जाने की शिकायत के बाद म्यांमार में सेना ने छापेमारी की जिसके बाद पीड़ित सहित अन्य भारतीयों को छुड़ाया गया। पीड़ितों को थाईलैंड मिलिट्री की कस्टडी में रखा गया। आठ नवंबर को उन्हें रेडक्रॉस व जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षित घर भेज दिया।
मामले में साइबर थाना पुलिस ने 22 नवंबर को कार्रवाई करते हुए आरोपी विकास को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जहां से उसे एक दिन के रिमांड पर लिया है।
विज्ञापन
जींद। विदेश में नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी करने के आरोपी विकास को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार को आरोपी को अदालत में पेश किया जहां से उसे एक दिन के रिमांड पर लिया है।
14 नवंबर को जींद निवासी चेतन ने पुलिस को बताया कि विकास ने उन्हें थाईलैंड में नौकरी दिलाने का झांसा दिया जिसके चलते पासपोर्ट और वीजा बनवाया। फिर 16 अगस्त को उन्हें थाईलैंड भेज दिया।
विज्ञापन
वहां पहुंचने पर आरोपी के भेजे गए लिंक के माध्यम से पीड़ित को एयरपोर्ट से उठा। आठ घंटे की यात्रा के बाद जंगल के रास्ते जबरन म्यांमार ले जाया गया जहां उन्हें केके पार्क नामक विदेशी कंपनी में बंधक बनाकर रखा।
विज्ञापन
कंपनी में आरोपी विकास उनसे मिलने पहुंचा। काम दिलवाने और छुड़वाने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की जो पीड़ित ने नकद दे दिए। इसके बाद उन्हें यूएसए नागरिकों को धोखाधड़ी कॉल करने का काम सौंपा लेकिन पीड़ित ने अवैध कार्य करने से इन्कार कर दिया।
आरोपी विकास और उसके साथी ने पीड़ित से भारत लाने के नाम पर साढ़े चार लाख रुपये की मांग की। दबाव और धमकियों के बीच पीड़ित के परिजनों ने आरोपी के कहे अनुसार दो लाख एप के माध्यम से भेजे।
कंपनी द्वारा बंधक बनाकर रखा जाने और प्रताड़ित किए जाने की शिकायत के बाद म्यांमार में सेना ने छापेमारी की जिसके बाद पीड़ित सहित अन्य भारतीयों को छुड़ाया गया। पीड़ितों को थाईलैंड मिलिट्री की कस्टडी में रखा गया। आठ नवंबर को उन्हें रेडक्रॉस व जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षित घर भेज दिया।
मामले में साइबर थाना पुलिस ने 22 नवंबर को कार्रवाई करते हुए आरोपी विकास को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जहां से उसे एक दिन के रिमांड पर लिया है।