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235 करोड़ से सुधरेगी बिजली व्यवस्था

Sun, 06 Sep 2015 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला जींद
ब्यूरो/अमर उजाला जींद Updated Sun, 06 Sep 2015 12:20 AM IST
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ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए निगम करोड़ों की राशि खर्च करेगा। इसके लिए निगम ने बाकायदा पूरा खाका तैयार कर लिया है। जिस पर करीब 235 करोड़ का खर्च आएगा। बता दें इस योजना को इससे पहले राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के नाम से जाना जाता था, जिसे यूपीए सरकार ने शुरू किया था। भाजपा सरकार ने इस योजना का नाम बदलकर दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना कर दिया है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों किसानों और ग्रामीण परिवारों को 24 घंटे बिजली की आपूर्ति दौर सुनिश्चित करने के लिए एक सोच के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली क्षेत्र में सुधार के लिए शुरू की गई योजना को हकीकत में बदलने के लिए निगम द्वारा कार्य शुरू कर दिया गया है। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए निगम ने कार्ययोजना तैयार की है। केंद्र सरकार की दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण के मजबूत ढांचे के लिए निगम द्वारा अनुमानित राशि का प्रपोजल बनाकर बिजली मंत्रालय को भेज दिया है।
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प्रपोजल को मंजूरी मिलते ही निगम द्वारा टेंडर जारी करके गांवों में काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके अंतर्गत बिजली की पुरानी व जर्जर तारों को बदला जाएगा। जहां ओवरलोड की स्थिति है, वहां नए ट्रांसफार्मर रखे जाएंगे। पुराने बिजली मीटरों को बदला जाएगा और आवश्यकतानुसार संबंधित क्षेत्र में पावर हाउस स्थापित किए जाएंगे।
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कम किया जाएगा लाइन लॉस
जिले में कुल 307 गांव हैं, जिनमें करीब 10 लाख के लगभग आबादी है। ग्रामीण क्षेत्र मेें फिलहाल जो बिजली व्यवस्था है, वह किसी से छुपी नहीं है। पुरानी जर्जर तारों की वजह से काफी पावर तो लाइन में ही चली जाती है। गर्मियों में तो यह व्यवस्था और बिगड़ जाती है।

अब निगम ऐसी स्थिति से निपटने के लिए जिले के सभी सात ब्लॉक में, जहां पावर हाउस पर ज्यादा लोड है, उनकी क्षमता बढ़ाई जाएगी। जरूरत के अनुसार नए पावर हाउस स्थापित किए जाएंगे। जिन फिडरों पर ओवरलोड की वजह से लाइन लॉस रहता है, वहां नई बिजली की नई लाइन खींची जाएंगी। इससे ग्रामीण घरेलू क्षेत्र के साथ कृषि क्षेत्र में भी लाभ होगा।


गतौली सब स्टेशन की बढ़ेगी क्षमता
गतौली गांव में अभी हाल ही में शुरू हुआ 33 केवी के सब स्टेशन की भी क्षमता बढ़ाई जाएगी। फिलहाल गतौली की पावर हाउस पर बीबीपुर पावर हाउस से सप्लाई दी जा रही है। निगम की योजना के अनुसार जुलाना के 132 केवी के पावर हाउस की क्षमता बढ़ाकर गतौली पावर हाउस को जुलाना से जोड़ा जाएगा।


घरेलू व कृषि क्षेत्र में होगा लाभ
ग्रामीण क्षेत्र में ओवरलोड व लाइन लॉस की वजह से सुचारु रूप से बिजली नहीं मिल पाती है। कृषि क्षेत्र में भी यही हाल है। कनैक्शन लेने के लिए ही किसानों को सालों इंतजार करना पड़ता है। फिलहाल भी भी सैकड़ों कनेक्शन कई सालों से लंबित हैं। अब निगम विद्युत वितरण के ढांचे को मजबूत करने के लिए यह कदम उठा रही है, तो निश्चित ही घरेलू व कृषि क्षेत्र में काफी लाभ होगा।

महेंद्र घिमाना, जिला प्रधान, भाकियू

कार्य योजना बनाकर प्रपोजल भेजा दिया गया है। मंजूरी मिलते ही इस योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा। जिले के सभी सात ब्लॉक में जरूरत के अनुसार पावर हाउस स्थापित किए जाएंगे। नए ट्रांसफार्मर रखे जाएंगे। पुरानी तारों को बदला जाएगा और पुराने मीटरों की जगह नए मीटर लगाए जाएंगे। इसके लिए करीब 235 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
दलजीत सिंह, एसई
बिजली निगम, जींद।
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