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खनौरी बॉर्डर पर किसान महापंचायत: डल्लेवाल बोले- अब तक सात लाख किसान कर चुके आत्महत्या, उनके बच्चों का क्या

Sat, 04 Jan 2025 04:33 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Sat, 04 Jan 2025 04:33 PM IST
सार

महापंचायत में पंजाब और हरियाणा से किसान बड़ी संख्या में शामिल हुए। जींद की ओर से भी किसान जत्थे के रूप में लगातार खनौरी बॉर्डर की ओर बढ़े।

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Mahapanchayat at Khanauri border, Jagjit Singh Dallewal, who is on hunger strike
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल - फोटो : संवाद

विस्तार

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खनौरी बार्डर पर चल रही किसान महापंचायत में आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को स्ट्रेचर से लाया गया है। डल्लेवाल शारीरिक रूप से काफी कमजोर हो चुके हैं। वह खुद बैठ भी नहीं सकते। उनकी लगातार कमजोर हो रही हालात को देखते हुए, मंच पर स्ट्रेचर से संबोधित करवाया जाएगा।
 

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खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि अब तक सात लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं। हम किसानों के नेता हैं, लेकिन किसी ने इन किसानों की मौत या आगे और आत्महत्याएं रोकने के लिए कुछ नहीं किया। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डल्लेवाल की जान बहुत महत्वपूर्ण है। उस दिन मैंने भी कहा था कि डल्लेवाल की जान तो महत्वपूर्ण है, लेकिन उन सात लाख किसानों के बच्चों का क्या होगा जो अब हमारे बीच नहीं हैं?



हालांकि डल्लेवाल बोलने में भी असमर्थ हैं, लेकिन महापंचायत में वह अपनी मांगों को लेकर किसानों को संबोधित जरूर करेंगे। केंद्र सरकार द्वारा की गई वादाखिलाफी से आहत होकर डल्लेवाल आमरण अनशन कर रहे हैं। डल्लेवाल स्ट्रेचर से ही किसानों को सरकार से लड़ने व अपनी मांगों को मनवाने के लिए अपील करेंगे। इसमें कई किसान संगठनों के लोग शामिल हुए हैं। घने कोहरे के कारण किसान बड़ी संख्या में महापंचायत में पहुंचे हैं।

 

पंजाब और हरियाणा से भारी संख्या में किसान पहुंचे
फिलहाल किसान नेताओं का मंच से संबोधन जारी है। एमएसपी की कानूनी गारंटी, किसानों के हक और अधिकार, और आंदोलन की आगामी रणनीति पर चर्चा की जा रही है। कई संगठनों के नेता सरकार पर दबाव बनाने के लिए एकजुटता का आह्वान कर रहे हैं।

सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ नई मंडीकरण नीति को लेकर बैठक

किसानों और केंद्र के बीच गतिरोध खत्म करके बातचीत शुरू की जाए। पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह ने केन्द्रीय कृषि मंत्री से यह अपील की है। कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र ही किसानों को बातचीत के राजी कर सकता है। केंद्रीय मंत्री ने शनिवार को सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ नई मंडीकरण नीति को लेकर बैठक की।

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा केंद्र सरकार घबरा रही होगी। यह तीन करोड़ पंजाबियों, करोड़ों हरियाणावासियों और 80 करोड़ किसानों और मज़दूरों की लड़ाई है। मोदी सरकार को उनकी आवाज़ का सम्मान करना चाहिए। एमएसपी को कानूनी गारंटी बनानी चाहिए। कर्ज मुक्त किसानों और मज़दूरों का यह संकल्प टूटेगा नहीं। हमारे पास सिर्फ़ दो ही विकल्प हैं: या तो हमें जबरन हटाओ या हमारी माँगें मान लो। हम कहीं नहीं जा रहे हैं।

कांग्रेस नेता बजरंग पुनिया का कहना है, "मैं हमारे साथ मौजूद सभी लोगों से एक झंडे के नीचे एक साथ आने और लड़ने का अनुरोध करता हूं, क्योंकि यह केवल डल्लेवाल जी की लड़ाई नहीं है, यह पूरे देश के किसानों को बचाने की लड़ाई है। सभी को एकजुट होना चाहिए और एक साथ लड़ना चाहिए।"
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