खनौरी बॉर्डर पर किसान महापंचायत: डल्लेवाल बोले- अब तक सात लाख किसान कर चुके आत्महत्या, उनके बच्चों का क्या
महापंचायत में पंजाब और हरियाणा से किसान बड़ी संख्या में शामिल हुए। जींद की ओर से भी किसान जत्थे के रूप में लगातार खनौरी बॉर्डर की ओर बढ़े।
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खनौरी बार्डर पर चल रही किसान महापंचायत में आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को स्ट्रेचर से लाया गया है। डल्लेवाल शारीरिक रूप से काफी कमजोर हो चुके हैं। वह खुद बैठ भी नहीं सकते। उनकी लगातार कमजोर हो रही हालात को देखते हुए, मंच पर स्ट्रेचर से संबोधित करवाया जाएगा।
VIDEO | Khanauri Border: "Seven lakh farmers have committed suicide so far. We are leaders of farmers, but no one has done anything about the deaths of these farmers or to prevent further suicides. Recently, the Supreme Court said that Dhaliwal's life is very important. That day,… pic.twitter.com/60jqLFw50w
— Press Trust of India (@PTI_News) January 4, 2025विज्ञापन
खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि अब तक सात लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं। हम किसानों के नेता हैं, लेकिन किसी ने इन किसानों की मौत या आगे और आत्महत्याएं रोकने के लिए कुछ नहीं किया। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डल्लेवाल की जान बहुत महत्वपूर्ण है। उस दिन मैंने भी कहा था कि डल्लेवाल की जान तो महत्वपूर्ण है, लेकिन उन सात लाख किसानों के बच्चों का क्या होगा जो अब हमारे बीच नहीं हैं?
हालांकि डल्लेवाल बोलने में भी असमर्थ हैं, लेकिन महापंचायत में वह अपनी मांगों को लेकर किसानों को संबोधित जरूर करेंगे। केंद्र सरकार द्वारा की गई वादाखिलाफी से आहत होकर डल्लेवाल आमरण अनशन कर रहे हैं। डल्लेवाल स्ट्रेचर से ही किसानों को सरकार से लड़ने व अपनी मांगों को मनवाने के लिए अपील करेंगे। इसमें कई किसान संगठनों के लोग शामिल हुए हैं। घने कोहरे के कारण किसान बड़ी संख्या में महापंचायत में पहुंचे हैं।
पंजाब और हरियाणा से भारी संख्या में किसान पहुंचे
फिलहाल किसान नेताओं का मंच से संबोधन जारी है। एमएसपी की कानूनी गारंटी, किसानों के हक और अधिकार, और आंदोलन की आगामी रणनीति पर चर्चा की जा रही है। कई संगठनों के नेता सरकार पर दबाव बनाने के लिए एकजुटता का आह्वान कर रहे हैं।
सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ नई मंडीकरण नीति को लेकर बैठक
किसानों और केंद्र के बीच गतिरोध खत्म करके बातचीत शुरू की जाए। पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह ने केन्द्रीय कृषि मंत्री से यह अपील की है। कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र ही किसानों को बातचीत के राजी कर सकता है। केंद्रीय मंत्री ने शनिवार को सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ नई मंडीकरण नीति को लेकर बैठक की।