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Jind News: लोको पायलट की बेटी जिया बनीं लेफ्टिनेंट
Wed, 05 Nov 2025 02:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 05 Nov 2025 02:08 AM IST
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04जेएनडी07-बेटी जिया के साथ पिता कुलदीप और नीरू मल्होत्रा। स्रोत परिजन
- फोटो : Samvad
जींद। मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छा शक्ति से हर सपना साकार किया जा सकता है। यह साबित किया है शहर के हकीकत नगर की जिया मल्होत्रा ने। रेलवे में लोको पायलट के पद पर कार्यरत पिता कुलदीप मल्होत्रा की बेटी जिया अब भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गई हैं। उनकी पहली तैनाती चंडी मंदिर (चंडीगढ़) में हुई है। इस सफलता से न केवल परिवार बल्कि पूरे शहर का नाम रोशन हुआ है।
जिया ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जींद के डीएवी पब्लिक स्कूल से प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होंने सेना में अधिकारी बनने का लक्ष्य तय किया। कठोर प्रशिक्षण के बाद दिल्ली में धौला कुआं के पास सेंटर से पासआउट होकर लेफ्टिनेंट का गौरव हासिल किया। जिया की सफलता के पीछे उनके माता-पिता का अटूट सहयोग और प्रेरणा रही।
पिता कुलदीप मल्होत्रा ने कहा कि बेटी ने वह कर दिखाया जो हम सिर्फ सपने में सोच सकते थे। मां नीरू मल्होत्रा ने कहा कि जिया बचपन से ही अनुशासित और देश सेवा की भावना से ओतप्रोत रहीं हैं। चंडी मंदिर में पहली तैनाती मिलने के बाद जिया ने कहा कि यह उनके लिए गर्व का क्षण है और वे देश की सेवा को अपना सर्वोच्च कर्तव्य मानती हैं। शहरवासियों और स्कूल शिक्षकों ने भी जिया की इस उपलब्धि पर गर्व जताया और अन्य युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने की सलाह दी।
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जिया ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जींद के डीएवी पब्लिक स्कूल से प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होंने सेना में अधिकारी बनने का लक्ष्य तय किया। कठोर प्रशिक्षण के बाद दिल्ली में धौला कुआं के पास सेंटर से पासआउट होकर लेफ्टिनेंट का गौरव हासिल किया। जिया की सफलता के पीछे उनके माता-पिता का अटूट सहयोग और प्रेरणा रही।
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पिता कुलदीप मल्होत्रा ने कहा कि बेटी ने वह कर दिखाया जो हम सिर्फ सपने में सोच सकते थे। मां नीरू मल्होत्रा ने कहा कि जिया बचपन से ही अनुशासित और देश सेवा की भावना से ओतप्रोत रहीं हैं। चंडी मंदिर में पहली तैनाती मिलने के बाद जिया ने कहा कि यह उनके लिए गर्व का क्षण है और वे देश की सेवा को अपना सर्वोच्च कर्तव्य मानती हैं। शहरवासियों और स्कूल शिक्षकों ने भी जिया की इस उपलब्धि पर गर्व जताया और अन्य युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने की सलाह दी।
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