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Haryana: हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन की मांग को लेकर खापों ने भरी हुंकार, 20 सदस्यों की कमेटी बनाई

Wed, 05 Oct 2022 12:54 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 05 Oct 2022 12:54 AM IST
सार

राष्ट्रीय स्तर पर टेकराम कंडेला के नेतृत्व में 20 सदस्यों की कमेटी बनाई गई है। पंचायत चुनाव के बाद जनजागरण अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। 

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Khaps united for the demand for amendment in the Hindu Marriage Act
मंच से प्रस्ताव पास करवाते टेकराम कंडेला व संदीप भारती। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के जींद की जाट धर्मशाला में मंगलवार को हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन की मांग को लेकर खापों की महापंचायत सर्वजातीय सर्वखाप के राष्ट्रीय संयोजक टेकराम कंडेला की अध्यक्षता में हुई। इसमें विभिन्न खापों के 70 के आसपास प्रधान व उनके प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने हाथ उठाकर एक गांव, एक गोत्र में शादी करने पर रोक लगाने की मांग की।

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इसके अलावा उत्तर भारत में अपने गांव के साथ लगते पड़ोसी गांवों में भी शादी करने पर रोक लगाने की मांग की। महापंचायत में टेकराम कंडेला की अध्यक्षता में 20 सदस्यीय कमेटी बनाई गई, जो पंचायत चुनाव के बाद जनजागरण अभियान चलाकर लोगों को इसके बारे में जागरूक करेगी। इसके अलावा यह कमेटी कानूनी पहलुओं पर भी विचार करेगी और सांसदों, विधायकों को हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन के लिए ज्ञापन सौंपे जाएंगे। 
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ये प्रस्ताव किए गए पारित
महापंचायत के अंत में युवा संदीप भारती ने मंच से प्रस्ताव पास करवाए। सबसे पहले उन्होंने एक गोत्र में चाहे वह किसी दूसरे देश में भी हो, उसमें शादी नहीं करने, एक गांव में शादी नहीं करने, आसपास के दो से तीन गांवों में शादी नहीं करने पर सहमति मांगी। सभी लोगों ने एक स्वर में ये प्रस्ताव पारित कर दिए। 
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20 सदस्यीय कमेटी पंचायत चुनावों के बाद चलाएगी जनजागरण अभियान
मंच से कहा गया कि खाप पंचायतें आपसी भाईचारे को बनाए रखने के लिए जरूरी हैं, लेकिन सरकार इनको खत्म करना चाहती है। कुछ वक्ताओं ने कानूनी पहलुओं के साथ अदालत में याचिका दायर करने की बात कही तो कुछ ने विधायकों व सांसदों का विरोध करने की बात कही। कुछ वक्ताओं ने प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर इस अधिनियम में संशोधन करने की मांग करने को तवज्जो दी। अब यह 20 सदस्यीय कमेटी पंचायत चुनावों के बाद जनजागरण अभियान चलाकर निर्णय लेगी कि हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन करवाने के लिए किया जाए। फिलहाल पंचायत चुनाव होने हैं। इसके बाद ही इस अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।

युवाओं और महिलाओं की अलग-अलग बनाई जाएंगी कमेटी
पंचायत में मंच से संदीप भारती की अध्यक्षता में युवाओं की एक कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें सभी युवाओं से विचार लिया जाएगा। इसके अलावा सोनिया दूहन के नेतृत्व में महिलाओं की भी कमेटी बनाई जाएगी। महिलाएं भी अब इस आंदोलन में पूरी तरह भागेदारी करेंगी। मंच से कहा गया कि जल्द ही महिलाओं की भी महापंचायत बुलाई जाएगी।

बच्चों को सिखाने होंगे भारतीय संस्कार, खापों का इतिहास
जाट धर्मशाला में आयोजित सर्वजातीय सर्वखाप की महापंचायत में खाप प्रतिनिधियों ने कहा कि हमें अपने बच्चों को भारतीय संस्कार सिखाने होंगे। खापों का इतिहास और उनकी अहमित बताना होगा। जब बच्चे खुद भारतीय संस्कृति को समझ जाएंगे तो वह एक गोत्र तथा आसपास के गांवों में शादी नहीं करेंगे।

महापंचायत में एक खाप के दो-दो प्रधान होने पर भी एतराज जताया गया। वक्ताओं ने कहा कि आपसी राजनीति को त्याग कर खुद भाईचारा मजबूत करना होगा तथा खापों की अहमियत को समझना होगा। उसके बाद ही हिंदू विवाह अधिनियम के संशोधन के मुद्दे को मजबूती से उठाया जा सकता है।


महापंचायत में 56 गांव के प्रधान राष्ट्रकवि रामकुमार शास्त्री ने कहा कि एक गोत्र में शादी नहीं होनी चाहिए। इससे सामाजिक तौर से गलत माना ही जाता है, साथ ही इसके वैज्ञानिक कारण भी हैं। एक गांव तथा आसपास के कुछ गांवों को छोड़ना चाहिए। जिन लोगों ने यह कानून बनाया है उनको इन बातों का पता ही नहीं कि गांव व खाप क्या होती हैं। उन्होंने कहा कि प्रेम विवाह करने वाले युवाओं को समाज के बारे में अवगत करवाना होगा। 


जिला परिषद के पूर्व पार्षद अमित निडानी ने कहा कि हमें युवाओं को जागरूक करना होगा। उनको इस बात का पता होना चाहिए कि जो वह कर रहे हैं, उसका समाज के ऊपर क्या असर होगा। किसान नेता सिक्कम श्योकंद ने कहा कि इसमें महिलाओं की भी गलती है। हमें अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने चाहिएं। उनको पता होना चाहिए कि उनके रीति-रिवाज क्या हैं। आज पुरुष भी सिर पर पगड़ी बांधना छोड़ गए हैं। सिर पर पगड़ी बांधने से पता चल जाता है कि यह बुजुर्ग है और हमें इसका सम्मान करना है।


 लोहान खाप के प्रतिनिधि महिपाल लोहान ने कहा कि हमारे बच्चों को ही नहीं पता कि गांव व गुहांड (आसपास के गांव) क्या हैं। हमें घर पर बच्चों को ये बताना होगा। इस पर चर्चा करनी होगी। देशवाल खाप के प्रधान रामकुमार देशवाल ने कहा कि आज न लड़का सुधर रहा है, न ही लड़की। इनको समय से पहले रिश्ते की जल्दी होती है। खापों को पहले गांव-गांव में इस अभियान को चलाकर अपने बच्चों को समझाना चाहिए।

 

इस मौके पर सतरोल खाप के सोनिया दूहन, संदीप भारती, राजस्थान से बाबूलाल ढाका, पंजाब से मेजर सिंह, राखी बारहा खाप से रामफल, जागलान खाप के जसमेर जागलान, कंडेला खाप के प्रधान धर्मपाल कंडेला, चहल खाप से सूरजमल चहल, बाहरा के प्रधान कुलदीप ढांडा, बैरागी समाज के प्रधान नरेंद्र खटकड़, नैन खाप से रामकुमार नैन, दिल्ली से नफे सिंह श्योकंद ने भी महापंचायत को संबोधित किया।


सांसद विधायकों का विरोध करें -सोमदत्त
सोमदत्त थुआ ने कहा कि प्रेम विवाह पर रोक लगनी चाहिए। इसमें माता-पिता की इच्छा शामिल होनी चाहिए। हमें विधायकों व सांसदों का विरोध करना होगा, ताकि वह हमारी बात संसद में उठाकर इस अधिनियम में संशोधन करवा सकें। शादी के मौके पर माता-पिता जरूर उपस्थित होने चाहिए। 

प्रस्ताव तैयार कर लोकसभा विधानसभा में भेेजें
भनवाला खाप के प्रवक्ता किताब सिंह भनवाला ने कहा कि जो लोग प्रेम विवाह कर रहे हैं, उनके बीच एक महीने में ही झगड़ा हो जाता है। एक हजार में से एक या दो ही प्रेम विवाह कामयाब होते हैं। हर गांव में कमेटी बनाकर वार्ड के हिसाब से प्रस्ताव पास करके विधानसभा व लोकसभा में भेजने चाहिएं। बच्चों को भी भारतीय संस्कृति के बारे में समझाना होगा। यदि कोई भी युवा विवाह करे तो उसमें उसके माता-पिता की उपस्थिति जरूर होनी चाहिए।



सरकार सर्वे करवाए
ढांडा खाप के प्रधान देवव्रत ढांडा ने कहा कि सरकार को सोच समझकर कानून बनाना चाहिए। एक गोत्र में शादी बिल्कुल गलत है। इससे होने वाली संतान कमजोर होती है तथा वह विकसित नहीं हो सकती। यह ऋषि मुनियों के युग से परंपरा चली आ रही है। सरकार चाहे तो इसका सर्वे करवा सकती। इसके बाद ही कानून में संशोधन करे। युवाओं को हमारी प्राचीन परंपराओं से अवगत करवाना होगा।

सरकार के प्रतिनिधियों पर बनाना होगा दबाव
पूनिया खाप के प्रधान शमशेर नंबरदार ने कहा कि खापों को सरकार के प्रतिनिधियों पर दबाव बनाना चाहिए। अदालत में याचिका डालकर हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन की मांग करनी चाहिए। 

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