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Jind News: कनक ने कड़ी मेहनत से हासिल की सफलता, डॉक्टर बनने का सपना
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19जेएनडी12: टॉपर बेटी कनक के साथ विक्ट्री साइन दिखाते हुए मां सुनीता व डॉ. सृष्टि। संवाद।
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नरवाना। एसडी स्कूल की छात्रा कनक मोर ने सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में 98.8 प्रतिशत अंक हासिल कर जिला टॉप किया। इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्कूल प्रशासन ने कनक को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
कनक मोर की इस सफलता के पीछे उसकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण अहम रहा। कनक ने बताया कि वह रोजाना 7 से 8 घंटे पढ़ाई करती थी। परीक्षा के दौरान उसने सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। कनक का मानना है कि निरंतर अभ्यास और समय का सही उपयोग ही सफलता की कुंजी है। अब कनक का सपना डॉक्टर बनकर समाज सेवा करना है।
कनक की एक बहन बीटेक की पढ़ाई कर रही है जबकि बड़ी बहन डॉ. सृष्टि एमडी की तैयारी में जुटी हुई हैं। कनक ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां और दोनों बहनों को दिया है। पिता के निधन के बाद उनकी मां ने परिवार की जिम्मेदारी संभाली और बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाई।
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बड़ी बहन डॉ. सृष्टि ने बताया कि जब भी कनक को पढ़ाई में किसी तरह की परेशानी होती थी, तो वह उसे प्रेरित करती थीं और सही दिशा दिखाती थीं। कनक मोर की यह सफलता एक बार फिर साबित करती है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। मेहनत, लगन और परिवार के सहयोग से वे हर मुकाम हासिल कर सकती हैं।
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कनक मोर की इस सफलता के पीछे उसकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण अहम रहा। कनक ने बताया कि वह रोजाना 7 से 8 घंटे पढ़ाई करती थी। परीक्षा के दौरान उसने सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। कनक का मानना है कि निरंतर अभ्यास और समय का सही उपयोग ही सफलता की कुंजी है। अब कनक का सपना डॉक्टर बनकर समाज सेवा करना है।
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कनक की एक बहन बीटेक की पढ़ाई कर रही है जबकि बड़ी बहन डॉ. सृष्टि एमडी की तैयारी में जुटी हुई हैं। कनक ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां और दोनों बहनों को दिया है। पिता के निधन के बाद उनकी मां ने परिवार की जिम्मेदारी संभाली और बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाई।
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बड़ी बहन डॉ. सृष्टि ने बताया कि जब भी कनक को पढ़ाई में किसी तरह की परेशानी होती थी, तो वह उसे प्रेरित करती थीं और सही दिशा दिखाती थीं। कनक मोर की यह सफलता एक बार फिर साबित करती है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। मेहनत, लगन और परिवार के सहयोग से वे हर मुकाम हासिल कर सकती हैं।