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जुलाना के लिए नहीं मिली अनुमति
jind
Updated Sun, 19 Jun 2016 12:18 AM IST
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अनशन पर बैठे जाट नेता।
- फोटो : bureau
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आरक्षण की मांग को लेकर धरना व अनशन कर रहे अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के लोगों ने शनिवार को खटकड़ गांव में सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। वहीं जुलाना में धरना स्थल के लिए औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के कारण वहां धरने की अनुमति नहीं मिल पाई है। शनिवार को खटकड़ गांव में डॉ. दलबीर बीबीपुर ने कहा कि सरकार जाटों के साथ लगातार धोखा कर रही है। अब भी सरकार ऐसे लोगों को बातचीत के लिए बुला रही है, जिनको आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है। इससे साफ है कि सरकार जाटों को ही आपस में लड़वाना चाहती है। वहीं समिति की ओर से जुलाना में धरने के लिए आवेदन किया गया था। डीसी विनय सिंह ने इसके लिए कुछ औपचारिकताएं पूरी करने को कहा था। शनिवार को जाट नेता सरकार से बातचीत के लिए दिल्ली में होने के कारण यह औपचारिकता भी पूरी नहीं हो सकी, जिससे अनुमति की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई।
जाट शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार बार-बार टकराव की स्थिति पैदा कर रही है, आंदोलन शांतिपूर्ण चलेगा। किसी भी धरने से कोई हिंसा नहीं होगी और न ही हिंसा करने वालों का समर्थन किया जाएगा। सरकार से बातचीत के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा।
- डॉ. दलबीर बीबीपुर, नौगामा खाप
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जाट शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार बार-बार टकराव की स्थिति पैदा कर रही है, आंदोलन शांतिपूर्ण चलेगा। किसी भी धरने से कोई हिंसा नहीं होगी और न ही हिंसा करने वालों का समर्थन किया जाएगा। सरकार से बातचीत के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा।
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- डॉ. दलबीर बीबीपुर, नौगामा खाप