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खेलों के मैदान पर म्हारी छोरियों का रहा दबदबा
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Sat, 24 Dec 2016 12:24 AM IST
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कविता सिवाच
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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वर्ष 2016 में जींद जिले के खिलाड़ियों ने खेल के मैदान पर अपनी सफलता के झंडे गाढ़े हैं। क्रिकेट, कुश्ती, कबड्डी, सीडब्ल्यूई और शूटिंग जैसे खेलों में जींद के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जींद जिले का नाम रोशन किया है। वर्ष 2016 में खेलों के मैदान पर म्हारी छोरियों का दबदबा रहा है। जींद जिले की लड़कियों ने खेल के मैदान पर कई मेडल अपने नाम किए हैं। इस वर्ष सबसे ज्यादा मेडल लड़कियों ने जीते हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर नौ वर्षों तक वेटलिफ्टिंग के क्षेत्र में अनेकों पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली जींद जिले के गांव मालवी निवासी वेटलिफ्टर कविता दलाल ने गत वर्ष कांटीनेंटल वेटलिफ्टर इंटरटेरमेंट (सीडब्ल्यूई) में रेसलर के तौर पर खूब धूम मचाई। कविता दलाल ने दिल्ली की मशहूर रेसलर बुलबुल को रिंग में धूल चटा कर सीडब्ल्यूई के रिंग में राष्ट्रीय स्तर पर हार्ड केडी के नाम से अपनी एक नई पहचान बनाई। कविता की लोकप्रियता को देख बिग बॉस के घर में शामिल होने के लिए निमंत्रण मिल चुका है। कविता ने बिग बॉस के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है।
कबड्डी में जीता गोल्ड
वर्ष 2016 में दक्षिण कोरिया में हुए 17वें एशियाई खेलों में भारतीय कबड्डी टीम ने स्वर्णिम सफलता हासिल की। भारतीय महिला टीम ने ईराक को 31-21 के अंतर से मात देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। इसमें जिले के पड़ाना गांव की कविता सिवाच ने अहम भूमिका निभाई। कविता सिवाच ने विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए मुकाम हासिल किया। कविता के परिवार की आर्थिक परिस्थितियां इतनी कमजोर हैं कि घर पर टीवी नहीं होने के कारण परिवार के सदस्यों ने कविता का फाइनल मैच भी पड़ोसी के घर टीवी पर देखना पड़ा था। कविता सिवाच इससे पहले भी चार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। वर्ष 2009 में पहली बार कविता का जूनियर एशियन प्रतियोगिता के लिए हुआ। इसमें भारत ने पहले स्थान पर रहते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा किया था। इसके अलावा कविता सिवाच दो बार साउथ एशियन प्रतियोगिताओं में भारत को सफलता दिलवा चुकी है।
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रियो ओलंपिक में हरदीप ने किया देश का प्रतिनिधित्व
रियो डी जनेरियो-2016 में हुए ओलंपिक खेलों में ग्रीको रोमन स्टाइल कुश्ती प्रतियोगिता में हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व जींद के कुश्ती खिलाड़ी हरदीप ढिल्लो ने किया। हरदीप ढिल्लो देश के एकमात्र ऐसे खिलाड़ी थे, जिन्होंने ग्रीको रोमन कुश्ती प्रतियोगिता में ओलंपिक खेलों के लिए क्वालिफाई किया था, लेकिन ओलंपिक में हरदीप देश की झोली में मेडल नहीं डाल पाए। ओलंपिक खेलों को लेकर हरदीप के क्वालिफाई मुकाबले कजाकिस्तान में हुए थे, जिनमें हरदीप ने 98 किलो वर्ग भार में तीन मुकाबले लड़े, जिनमें हरदीप ने सभी मैचों को जीतकर ओलंपिक खेलों के लिए क्वालिफाई किया था।
शूटिंग में विनीता ने किया जींद का नाम रोशन
दालमवाला निवासी विनीता भारद्वाज ने दिव्यांग होने के बावजूद भी शूटिंग में प्रतिभा का लोहा मनवाया। बीए ऑनर्स की छात्रा विनीता ने 10 मीटर एयर राइफल में कैरियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता यी स्ंिलग को हराकर गोल्ड जीता।
आईपीएल में युजवेंद्र ने छोड़ी छाप
भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बनने वाले युजवेंद्र चहल ने क्रिकेट के क्षेत्र में जींद जिले का नाम रोशन किया है। आईपीएल में गेंदबाजी से अच्छे-अच्छे क्रिकेटरों को मुरीद करने के बाद 25 वर्षीय चहल ने जिम्बांबे में हुए एक दिवसीय और टी-20 मुकाबलों में भारतीय टीम का हिस्सा बने। युजवेंद्र के करियर को साल 2011 में आईपीएल के लिए मुंबई की टीम के लिए चयन होने से ही नई दिशा मिल गई। इसके बाद उनको रॉयल चैलेंजर बैंगलोर की टीम ने ले लिया। साल 2015 में आईपीएल के आठवें संस्करण में 15 मुकाबलों में 23 विकेट लेकर सुर्खियों में छा गए। 2016 में आईपीएल के नौंवे संस्करण में युजवेंद्र ने अपनी लेग स्पिन और गुगली से बड़े-बड़े धुरंधर बल्लेबाजों को छकाया।
हैंडबाल में प्रदेश की टीम को दिलवाया सोना
नरवाना कस्बे के गांव राजगढ़ ढोबी निवासी काजल ने हैंडबाल के मैदान पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जींद जिले को नई पहचान दिलाने का काम किया है। काजल रांची में हुई पाईका राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हरियाणा की टीम की कप्तान रह चुकी हैं और अनेकों राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बदौलत हरियाणा की टीम को जीत दिलवा चुकी है। पुणे में 22 से 27 नवंबर को हुई 44वीं महिला नेशनल हैंडबाल चैैंपियनशिप में काजल ने टीम को गोल्ड दिलवाया।
दो बार इंडिया टीम का नेतृत्व कर चुकी है रिंपी
नरवाना निवासी हैंडबाल खिलाड़ी रिंपी देश-प्रदेश की प्रतियोगिताओं में टीम की कैप्टन रह चुकी हैं। रिंपी के खेल और कुशल नेतृत्व में दर्जनों खिताब जीतने में सफलता हासिल की। रिंपी हैंडबाल खेल में सात बार इंडिया की बेस्ट प्लेयर का खिताब हासिल कर चुकी हैं। रिंपी दो बार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हाई स्कोर का खिताब भी प्राप्त कर चुकी हैं। वहीं रिंपी दो बार इंडिया हैंडबाल टीम में बतौर कप्तान नेतृत्व कर चुकी हैं। रिंपी ने स्वीडन और नेपाल में खेलने वाली टीम का नेतृत्व भी किया। हैंडबाल में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए रिंपी ने आंध्रप्रदेश, दिल्ली, वाराणसी, भिलाई, गुड़गांव, पूना, राजस्थान, गोवा, यूपी, चेन्नई, कर्नाटक, हैदराबाद, भोपाल, जालंधर, रांची, झारखंड सहित पूरे भारत और विदेशों में अपना लोहा मनवा चुकी हैं।
एशियन गेम्स में सोनिया ने किया टीम का प्रतिनिधित्व
नरवाना जैसे छोटे कस्बे की रहने वाली सोनिया पिछले पांच वर्षों से लगातार हरियाणा की महिला हैंडबाल टीम की कप्तान हैं। सोनिया ने इस वर्ष केरल में हुई नेशनल गेम्स में भी स्वर्ण पदक प्राप्त किया। गत वर्ष 14 से 22 मार्च तक इंडोनेशिया में आयोजित एशियन गेम्स में सोनिया ने पदक हासिल किया। 17वें एशियन गेम्स में सोनिया ने भारत का प्रतिनिधित्व करने के साथ साथ चैंपियनशिप में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
हैंडबाल में जीते कई खिताब
नरवाना की छोरी सोनिका ने हैंडबाल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया। सोनिका ने हैंडबाल टीम में देश-प्रदेश की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर दर्जनों खिताब जीतने में सफलता हासिल की। सोनिका हैंडबाल में कई बार बेस्ट प्लेयर का खिताब हासिल कर चुकी हैं। जुलाई 2016 में स्वीडन में पाटली कप में भी सोनिका का शानदार प्रदर्शन रहा। सितंबर 2016 में वियतनाम में हुई हैंडबाल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय स्तर पर नौ वर्षों तक वेटलिफ्टिंग के क्षेत्र में अनेकों पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली जींद जिले के गांव मालवी निवासी वेटलिफ्टर कविता दलाल ने गत वर्ष कांटीनेंटल वेटलिफ्टर इंटरटेरमेंट (सीडब्ल्यूई) में रेसलर के तौर पर खूब धूम मचाई। कविता दलाल ने दिल्ली की मशहूर रेसलर बुलबुल को रिंग में धूल चटा कर सीडब्ल्यूई के रिंग में राष्ट्रीय स्तर पर हार्ड केडी के नाम से अपनी एक नई पहचान बनाई। कविता की लोकप्रियता को देख बिग बॉस के घर में शामिल होने के लिए निमंत्रण मिल चुका है। कविता ने बिग बॉस के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है।
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कबड्डी में जीता गोल्ड
वर्ष 2016 में दक्षिण कोरिया में हुए 17वें एशियाई खेलों में भारतीय कबड्डी टीम ने स्वर्णिम सफलता हासिल की। भारतीय महिला टीम ने ईराक को 31-21 के अंतर से मात देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। इसमें जिले के पड़ाना गांव की कविता सिवाच ने अहम भूमिका निभाई। कविता सिवाच ने विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए मुकाम हासिल किया। कविता के परिवार की आर्थिक परिस्थितियां इतनी कमजोर हैं कि घर पर टीवी नहीं होने के कारण परिवार के सदस्यों ने कविता का फाइनल मैच भी पड़ोसी के घर टीवी पर देखना पड़ा था। कविता सिवाच इससे पहले भी चार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। वर्ष 2009 में पहली बार कविता का जूनियर एशियन प्रतियोगिता के लिए हुआ। इसमें भारत ने पहले स्थान पर रहते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा किया था। इसके अलावा कविता सिवाच दो बार साउथ एशियन प्रतियोगिताओं में भारत को सफलता दिलवा चुकी है।
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रियो ओलंपिक में हरदीप ने किया देश का प्रतिनिधित्व
रियो डी जनेरियो-2016 में हुए ओलंपिक खेलों में ग्रीको रोमन स्टाइल कुश्ती प्रतियोगिता में हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व जींद के कुश्ती खिलाड़ी हरदीप ढिल्लो ने किया। हरदीप ढिल्लो देश के एकमात्र ऐसे खिलाड़ी थे, जिन्होंने ग्रीको रोमन कुश्ती प्रतियोगिता में ओलंपिक खेलों के लिए क्वालिफाई किया था, लेकिन ओलंपिक में हरदीप देश की झोली में मेडल नहीं डाल पाए। ओलंपिक खेलों को लेकर हरदीप के क्वालिफाई मुकाबले कजाकिस्तान में हुए थे, जिनमें हरदीप ने 98 किलो वर्ग भार में तीन मुकाबले लड़े, जिनमें हरदीप ने सभी मैचों को जीतकर ओलंपिक खेलों के लिए क्वालिफाई किया था।
शूटिंग में विनीता ने किया जींद का नाम रोशन
दालमवाला निवासी विनीता भारद्वाज ने दिव्यांग होने के बावजूद भी शूटिंग में प्रतिभा का लोहा मनवाया। बीए ऑनर्स की छात्रा विनीता ने 10 मीटर एयर राइफल में कैरियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता यी स्ंिलग को हराकर गोल्ड जीता।
आईपीएल में युजवेंद्र ने छोड़ी छाप
भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बनने वाले युजवेंद्र चहल ने क्रिकेट के क्षेत्र में जींद जिले का नाम रोशन किया है। आईपीएल में गेंदबाजी से अच्छे-अच्छे क्रिकेटरों को मुरीद करने के बाद 25 वर्षीय चहल ने जिम्बांबे में हुए एक दिवसीय और टी-20 मुकाबलों में भारतीय टीम का हिस्सा बने। युजवेंद्र के करियर को साल 2011 में आईपीएल के लिए मुंबई की टीम के लिए चयन होने से ही नई दिशा मिल गई। इसके बाद उनको रॉयल चैलेंजर बैंगलोर की टीम ने ले लिया। साल 2015 में आईपीएल के आठवें संस्करण में 15 मुकाबलों में 23 विकेट लेकर सुर्खियों में छा गए। 2016 में आईपीएल के नौंवे संस्करण में युजवेंद्र ने अपनी लेग स्पिन और गुगली से बड़े-बड़े धुरंधर बल्लेबाजों को छकाया।
हैंडबाल में प्रदेश की टीम को दिलवाया सोना
नरवाना कस्बे के गांव राजगढ़ ढोबी निवासी काजल ने हैंडबाल के मैदान पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जींद जिले को नई पहचान दिलाने का काम किया है। काजल रांची में हुई पाईका राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हरियाणा की टीम की कप्तान रह चुकी हैं और अनेकों राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बदौलत हरियाणा की टीम को जीत दिलवा चुकी है। पुणे में 22 से 27 नवंबर को हुई 44वीं महिला नेशनल हैंडबाल चैैंपियनशिप में काजल ने टीम को गोल्ड दिलवाया।
दो बार इंडिया टीम का नेतृत्व कर चुकी है रिंपी
नरवाना निवासी हैंडबाल खिलाड़ी रिंपी देश-प्रदेश की प्रतियोगिताओं में टीम की कैप्टन रह चुकी हैं। रिंपी के खेल और कुशल नेतृत्व में दर्जनों खिताब जीतने में सफलता हासिल की। रिंपी हैंडबाल खेल में सात बार इंडिया की बेस्ट प्लेयर का खिताब हासिल कर चुकी हैं। रिंपी दो बार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हाई स्कोर का खिताब भी प्राप्त कर चुकी हैं। वहीं रिंपी दो बार इंडिया हैंडबाल टीम में बतौर कप्तान नेतृत्व कर चुकी हैं। रिंपी ने स्वीडन और नेपाल में खेलने वाली टीम का नेतृत्व भी किया। हैंडबाल में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए रिंपी ने आंध्रप्रदेश, दिल्ली, वाराणसी, भिलाई, गुड़गांव, पूना, राजस्थान, गोवा, यूपी, चेन्नई, कर्नाटक, हैदराबाद, भोपाल, जालंधर, रांची, झारखंड सहित पूरे भारत और विदेशों में अपना लोहा मनवा चुकी हैं।
एशियन गेम्स में सोनिया ने किया टीम का प्रतिनिधित्व
नरवाना जैसे छोटे कस्बे की रहने वाली सोनिया पिछले पांच वर्षों से लगातार हरियाणा की महिला हैंडबाल टीम की कप्तान हैं। सोनिया ने इस वर्ष केरल में हुई नेशनल गेम्स में भी स्वर्ण पदक प्राप्त किया। गत वर्ष 14 से 22 मार्च तक इंडोनेशिया में आयोजित एशियन गेम्स में सोनिया ने पदक हासिल किया। 17वें एशियन गेम्स में सोनिया ने भारत का प्रतिनिधित्व करने के साथ साथ चैंपियनशिप में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
हैंडबाल में जीते कई खिताब
नरवाना की छोरी सोनिका ने हैंडबाल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया। सोनिका ने हैंडबाल टीम में देश-प्रदेश की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर दर्जनों खिताब जीतने में सफलता हासिल की। सोनिका हैंडबाल में कई बार बेस्ट प्लेयर का खिताब हासिल कर चुकी हैं। जुलाई 2016 में स्वीडन में पाटली कप में भी सोनिका का शानदार प्रदर्शन रहा। सितंबर 2016 में वियतनाम में हुई हैंडबाल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया।