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जाट आरक्षण के दौरान दंगों के दो पीड़ितों को सीआरएसयू ने दी नौकरी
अमर उजाला ब्यूरो जींद
Updated Thu, 18 May 2017 12:28 AM IST
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दंगा पीड़ितों को ज्वाइनिंग लेटर देते कुलपति व विवि के अन्य अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पिछले साल फरवरी महीने में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए दंगों के पीड़ितों की मदद के लिए चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय ने हाथ बढ़ाया है। विश्वविद्यालय ने दो दंगा पीड़ितों को नौकरी दी है। गौरतलब है कि छापर गांव निवासी सिमरजीत कौर ने दंगों के दौरान अपने पति वीर सिंह को खो दिया था।
वहीं सफीदों के मोहन लाल के भाई नवीन सैनी दंगों ने गोली लगने से मारे गए थे। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविधालय के कुलपति मेजर जनरल डॉ. रणजीत सिंह ने कहा कि दंगे किसी भी समस्या का हल नही हो सकते और किसी भी परिवार से किसी भी सदस्य की कमी को कभी भी पूरा नही किया जा सकता। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. राजबीर सिंह ने कहा कि केवल काम देकर ही लोगों को सक्षम और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। कुलपति ने कहा कि इन दोनों को इनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर ग्राउंडमैन के पद पर एडहॉक आधार पर नियुक्ति दी गई है। उन्होंने कहा कि यह मामला विश्वविद्यालय के कार्यकारी परिषद में ले जाया जाएगा। यहां से अनुमति मिलने बाद सेवाएं नियमित कर दी जाएंगी।
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