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शाम चार बजे तक ही खुले बैंक
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Mon, 14 Nov 2016 12:40 AM IST
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बैंक के बाहर लोगों की आईडी की जांच करते एसपी राजेंद्र मीणा।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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करेंसी बदलवाने और पुराने नोट जमा करवाने के लिए रविवार को भी छुट्टी के दिन भी लोग काफी परेशान रहे। सात बजे तक समय होने के बावजूद बैंकों ने शाम चार बजे तक ही कामकाज किया। इसके बाद बैंकों के गेट लोगों के लिए बंद हो गए।
वहीं सफीदों गेट पर एसबीओपी के बाद पैसे बदलवाने वाले फार्म दो-दो रुपये में बिके, जो बैंकों से मुफ्त मिलते हैं।
पुराने नोट बदलने के लिए सरकार ने बैंकों को रविवार के दिन भी शाम सात बजे तक शाखा खोलने के आदेश दिए थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शहर के अधिकतर बैंकों के गेट शाम चार बजे ही बंद कर दिए गए और इसके बाद लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। इनमें से काफी लोग तो ऐसे थे, जिनका दिन भर लाइन में खड़े रहने के बाद नंबर आया था।
बस कंडक्टर ने नहीं लिया 500 का नोट, हंगामा
बेशक सरकार ने पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट 14 नवंबर तक लेने के आदेश दिए हैं, लेकिन रोडवेज के कंडक्टर की मनमानी चली। रविवार दोपहर उचाना से हिसार जा रही बस में इसका नजारा देखने को मिला। हिसार जा रही एक महिला ने 500 रुपये का नोट दिया तो कंडक्टर ने लेने से मना कर दिया। कुछ दूर चलने पर आई फ्लाइंग ने जब बस को चेक किया तो कंडक्टर की पोल खुल गई। इसके बाद फ्लाइंग ने महिला से 500 रुपये लेकर कंडक्टर से टिकट बनवाया और खुल पैसे वापस करवाए।
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फार्म की बिक्री बंद कराई
सफीदों गेट स्थित एसबीओपी बैंक पास पैसे बदलवाने वाले फार्म दो-दो रुपये में बिक। सूचना मिलते ही बैंक प्रबंधक केआर लांबा ने मौके पर जाकर फार्म बेचने वाले युवक को चेतावनी देकर फार्मों की बिक्री बंद करवा दी।
जुलाना : कस्बे के ओबीसी बैंक में नहीं पहुंचा कैश
लोगों की सुविधा के लिए रविवार को भी बैंक खुले रहे। कई बैंक तो कैश नही होने के कारण सुस्त ही रहे। लगातार तीसरे दिन भी जुलाना के सभी एटीएम बंद रहे। जिससे कम पैसे निकालने वालों को भी बैंक की लंबी कतारों में ही खड़ा होना पड़ा। लोगों को अपनी दैनिक दिनचर्या में प्रयोग होने वाली वस्तुओं से वंचित रहना पड़ रहा है।
पूरा दिन कैश जमा किया
बैंक में सुबह से कैश नहीं है। बैंक उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। कैश के लिए शनिवार को ही बोल दिया था। रविवार को पूरा दिन लोगों का कैश ही जमा किया गया। जैसे ही कैश बैंक में पहुंचेगा। लोगों को परेशानी से निजात मिलेगी।
-बीएल गांगड ओबीसी बैक शाखा प्रबंधक जुलाना।
एलआईसी में बड़े नोट लेने की मांग
रविवार को भी बैंक खुले, लेकिन कम ही लोगों को जरूरत के अनुसार राशि मिल पाई। उन लोगों को राशि नहीं मिल पाई जिसके खातों में रकम नहीं थी। कई बैंकों और डाकघर में 10-10 के नोट दिए लेकिन काफी लोगों ने पुराने नोट लेने से इंकार कर दिया। वहीं, एलआईसी 1000 और 500 रुपये के नोट नहीं ले रहा, जिससे काफी उपभोक्ता किस्त भरने से वंचित है। एलआईसी एजेंट रामफल बंसल, दलबीर जांगड़ा व दर्शन ने बताया कि सभी प्रकार की किस्त भरने में दिक्कत है। उन्होंने एलआईसी से बड़े नोट लेकर किस्त भरने की मांग की है।
तीन दिन में 27 करोड़ जमा, चार करोड़ निकले
नरवाना में पिछले तीन दिन में उपभोक्ताओं ने बैंकों में 26 करोड़ 75 लाख रुपये की राशि जमा करवाई है। इसमें 10 नवंबर को सात करोड़ 27 लाख 50 हजार रुपये, 11 नवंबर को आठ करोड़ 92 लाख व 12 नवंबर को 10 करोड़ 55 लाख 50 हजार रुपये जमा करवाए गए हैं। वहीं तीन दिनों में उपभोक्ताओं ने बैंक से लगभग चार करोड़ रुपये निकलवाए हैं। तीन दिनों के में लगभग 55 लाख रुपयों का कैश बदला गया है। इसमें सबसे ज्यादा कैश 11 नवंबर को 30 लाख 15 हजार 500 रुपये बदला गया है।
बैंकों में करेंसी खत्म, एटीएम बने सहारा
बैंकों के बाहर रविवार सुबह से ही लोग नोट बदलवानेे के लिए परिवार की महिलाओं के साथ पहुंचे। कुछ बैंकों के एटीएम चलने से नोट निकलवाने के लिए लोग लाइनों में लगे नजर आए। स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, रेलवे रोड पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में लोगों की भीड़ थी। स्टेट बैंक में नोट चेंज करवाने के लिए लोग धक्का-मुक्की कर अंदर जाने का प्रयास कर रहे थे। रेलवे रोड पर पीएनबी बैंक, पुराने रजवाहा रोड पर आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, एक्सिस बैंकों में कैश नहीं होने से यहां लोग कम संख्या में रुपये जमा कराने आ रहे थे। दोपहर तक कैश नहीं आने से लोग कैश आने को लेकर जानकारी लेते नजर आए।
चहेतों को प्राथमिकता देने का आरोप, रोष जताया
नगरपालिका में स्थित स्टेट बैंक पटियाला में अपने चहेतों के नोट बदलने को लेकर लाइन में लगे उपभोक्ताओं ने रविवार को रोष प्रकट किया। उपभोक्ताओं को बैंक में कैश नहीं होने की बात कह कर करीब साढ़े तीन बजे ही बैंक से बाहर निकाल दिया गया। लोगों ने आरोप लगाया कि बैंक कर्मी अपने चहेतो को बैंक के अंदर बुलाकर पैसे दे रहे हैं।
सुबह से लाइन में खड़े उपभोक्ता जयभगवान, धर्मबीर, अंकुश, सुरेश, राजेश शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि बैंक द्वारा लाला लोगों के साथ सांठगांठ कर दूसरे लोगों की आईडी पर पैसे देने का गोरखधंधा चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बैंक कर्मचारी ज्यादातर समय बिताने का काम करते है, ताकि कम कम उपभोक्ताओं के पैसे बदले जा सके। बैंक द्वारा चार हजार की बजाय तीन हजार रुपये बदलने के लिए भी कही जा रही है, जिससे लोगों के साथ धोखा और सरकार की नीतियों का मजाक उड़ाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सायं चार बजे के बाद बैंक अपने चहेतों को क्षमता से ज्यादा पैसा दिया जा रहा है।
दोपहर बाद बंद होने लगे बैंक
क्षेत्र के लगभग सभी बैंकों ने कैश नहीं होने की बात कह कर दोपहर बाद बैंक बंद करने शुरू कर दिए। इसमें सिंडिकेट बैंक ने दो बजे, एसबीपी ने तीन बजे, एचडीएफसी ने तीन बजे ने लेन देन बंद कर दिया गया। यहां के केनरा बैंक ने तो करीब तीन बजे ही शटर डाउन कर उपभोक्ताओं से दूरियां बनाए रखी।
हर रोज आते हैं दस लाख रुपये
नगरपालिका स्थित स्थित स्टेट बैंक पटियाला के प्रबंधक मयंक हीरा ने बताया कि उनके पास हर रोज 10 लाख रुपये आ रहे हैं। इसमें से लगभग तीन लाख रुपये हर रोज बदले जा रहे हैं और करीब पांच लाख रुपये लोग अपने खातों से निकाल रहे हैं। बाकी दो लाख के बारे में पूछा गया तो प्रबंधक मयंक हीरा ने कोई जवाब नहीं दिया। उधर मुख्य शाखा के प्रबंधक रमेश सचदेवा ने बताया कि पालिका स्थित शाखा में स्टाफ की कमी है। इसकी वजह से कुछ खामियां हो सकती हैं।
फर्जी तरीके से कैश बदलवाने पर प्रशासन हरकत में
करेंसी बदलवाने के लिए मजदूरों को लालच देकर लाइन में लगाने के मामले में संज्ञान लेते हुए डीसी आमना तस्नीम ने सभी बैंक शाखा प्रबंधकों को पत्र लिख कर इस मामले में सतर्क रहने के आदेश दिए हैं। वहीं एसपी राजेंद्र मीणा ने भी रविवार को बैंकों में जाकर पैसे बदलवाने के लिए लाइन में लगे लोगों की आईडी देखी। गौरतलब है कि अमर उजाला ने 12 नवंबर के अंक में मजदूरों द्वारा पैसे बदलवाने के समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इस पर संज्ञान लेते हुए डीसी आमना तस्नीम ने कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि कुछ ईंट भट्ठा मालिक मजदूरों को लाइन में लगाकर पैसे बदलवा रहे हैं। एडीसी ने आदेश दिए कि इस मामले में सतर्कता बरती जानी चाहिए और कोई भी व्यक्ति गलत हथकंडे से पैसे नहीं बदलवाए। डीसी ने आदेश दिए कि जिस भी व्यक्ति को पैसे दिए जाएं, उसकी आईडी रजिस्टर में दर्ज की जाए। वहीं एसपी राजेंद्र मीणा ने कई मुख्य बैंकों में जाकर पैसे बदलवा रहे लोगों विशेषकर मजदूर तबके के लोगों की आईडी जांची।
व्यापारियों को राहत देने की मांग
शहर के व्यापारी नेता और अग्रवाल सम्मेलन के अध्यक्ष राजकुमार गोयल ने व्यापारियों के लिए छूट की मांग की है। गोयल ने कहा कि चार हजार रुपये प्रतिदिन की लिमिट हो बढ़कर कम से कम 10 हजार रुपये की जाए। 20 हजार रुपये प्रति सप्ताह की लिमिट को बढ़ाकर किया जाए 50 हजार रुपये किया जाए।
नहीं है कैश
बैंकों में कैश नहीं है, इस कारण बैंक जल्दी बंद किए जा रहे हैं। लोगों को परेशानी हो रही है, लेकिन बैंक मजबूर हैं। ऐसे में कैश आने का इंतजार ही किया जा सकता है। - मिथिलेश कुमार झा, एलडीएम
साढ़े चार बजे बंद करने के आदेश
बैंक में कैश है, लेकिन बैंक को साढ़े चार बजे ही बंद कर दिया गया है। इसके लिए अधिकारियों के आदेश आए हैं। अब बैंक अपना काम निपटाएंगे। - सुभाष चंद्र, शाखा प्रबंधक एसबीओपी, डीआरडीए
बाहर से मिल रहे दो रुपये में फार्म
बैंक में पैसे बदलवाने के फार्म के लिए काफी भीड़ है। इससे फार्म नहीं मिल रहा था जिससे बाहर फोटो स्टेट की दुकान पर फार्म दो रुपये का मिल रहा है। जबकि फार्म नि:शुल्क मिलना चाहिए। -राहुल।
साढे़ चार बजे ही बंद कर दिए बैंक
कोर्ट के बाहर स्थित स्टेट बैंक ऑफ पटियाला में पैसे निकलवाने के लिए आया हूं। पैसे नहीं मिले, बैंक कर्मचारियों ने कैश नहीं होने के चलते सायं 4:30 बजे ही बैंक को बंद कर दिया। - मयंक भारद्वाज।
वहीं सफीदों गेट पर एसबीओपी के बाद पैसे बदलवाने वाले फार्म दो-दो रुपये में बिके, जो बैंकों से मुफ्त मिलते हैं।
पुराने नोट बदलने के लिए सरकार ने बैंकों को रविवार के दिन भी शाम सात बजे तक शाखा खोलने के आदेश दिए थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शहर के अधिकतर बैंकों के गेट शाम चार बजे ही बंद कर दिए गए और इसके बाद लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। इनमें से काफी लोग तो ऐसे थे, जिनका दिन भर लाइन में खड़े रहने के बाद नंबर आया था।
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बस कंडक्टर ने नहीं लिया 500 का नोट, हंगामा
बेशक सरकार ने पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट 14 नवंबर तक लेने के आदेश दिए हैं, लेकिन रोडवेज के कंडक्टर की मनमानी चली। रविवार दोपहर उचाना से हिसार जा रही बस में इसका नजारा देखने को मिला। हिसार जा रही एक महिला ने 500 रुपये का नोट दिया तो कंडक्टर ने लेने से मना कर दिया। कुछ दूर चलने पर आई फ्लाइंग ने जब बस को चेक किया तो कंडक्टर की पोल खुल गई। इसके बाद फ्लाइंग ने महिला से 500 रुपये लेकर कंडक्टर से टिकट बनवाया और खुल पैसे वापस करवाए।
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सफीदों गेट स्थित एसबीओपी बैंक पास पैसे बदलवाने वाले फार्म दो-दो रुपये में बिक। सूचना मिलते ही बैंक प्रबंधक केआर लांबा ने मौके पर जाकर फार्म बेचने वाले युवक को चेतावनी देकर फार्मों की बिक्री बंद करवा दी।
जुलाना : कस्बे के ओबीसी बैंक में नहीं पहुंचा कैश
लोगों की सुविधा के लिए रविवार को भी बैंक खुले रहे। कई बैंक तो कैश नही होने के कारण सुस्त ही रहे। लगातार तीसरे दिन भी जुलाना के सभी एटीएम बंद रहे। जिससे कम पैसे निकालने वालों को भी बैंक की लंबी कतारों में ही खड़ा होना पड़ा। लोगों को अपनी दैनिक दिनचर्या में प्रयोग होने वाली वस्तुओं से वंचित रहना पड़ रहा है।
पूरा दिन कैश जमा किया
बैंक में सुबह से कैश नहीं है। बैंक उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। कैश के लिए शनिवार को ही बोल दिया था। रविवार को पूरा दिन लोगों का कैश ही जमा किया गया। जैसे ही कैश बैंक में पहुंचेगा। लोगों को परेशानी से निजात मिलेगी।
-बीएल गांगड ओबीसी बैक शाखा प्रबंधक जुलाना।
एलआईसी में बड़े नोट लेने की मांग
रविवार को भी बैंक खुले, लेकिन कम ही लोगों को जरूरत के अनुसार राशि मिल पाई। उन लोगों को राशि नहीं मिल पाई जिसके खातों में रकम नहीं थी। कई बैंकों और डाकघर में 10-10 के नोट दिए लेकिन काफी लोगों ने पुराने नोट लेने से इंकार कर दिया। वहीं, एलआईसी 1000 और 500 रुपये के नोट नहीं ले रहा, जिससे काफी उपभोक्ता किस्त भरने से वंचित है। एलआईसी एजेंट रामफल बंसल, दलबीर जांगड़ा व दर्शन ने बताया कि सभी प्रकार की किस्त भरने में दिक्कत है। उन्होंने एलआईसी से बड़े नोट लेकर किस्त भरने की मांग की है।
तीन दिन में 27 करोड़ जमा, चार करोड़ निकले
नरवाना में पिछले तीन दिन में उपभोक्ताओं ने बैंकों में 26 करोड़ 75 लाख रुपये की राशि जमा करवाई है। इसमें 10 नवंबर को सात करोड़ 27 लाख 50 हजार रुपये, 11 नवंबर को आठ करोड़ 92 लाख व 12 नवंबर को 10 करोड़ 55 लाख 50 हजार रुपये जमा करवाए गए हैं। वहीं तीन दिनों में उपभोक्ताओं ने बैंक से लगभग चार करोड़ रुपये निकलवाए हैं। तीन दिनों के में लगभग 55 लाख रुपयों का कैश बदला गया है। इसमें सबसे ज्यादा कैश 11 नवंबर को 30 लाख 15 हजार 500 रुपये बदला गया है।
बैंकों में करेंसी खत्म, एटीएम बने सहारा
बैंकों के बाहर रविवार सुबह से ही लोग नोट बदलवानेे के लिए परिवार की महिलाओं के साथ पहुंचे। कुछ बैंकों के एटीएम चलने से नोट निकलवाने के लिए लोग लाइनों में लगे नजर आए। स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, रेलवे रोड पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में लोगों की भीड़ थी। स्टेट बैंक में नोट चेंज करवाने के लिए लोग धक्का-मुक्की कर अंदर जाने का प्रयास कर रहे थे। रेलवे रोड पर पीएनबी बैंक, पुराने रजवाहा रोड पर आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, एक्सिस बैंकों में कैश नहीं होने से यहां लोग कम संख्या में रुपये जमा कराने आ रहे थे। दोपहर तक कैश नहीं आने से लोग कैश आने को लेकर जानकारी लेते नजर आए।
चहेतों को प्राथमिकता देने का आरोप, रोष जताया
नगरपालिका में स्थित स्टेट बैंक पटियाला में अपने चहेतों के नोट बदलने को लेकर लाइन में लगे उपभोक्ताओं ने रविवार को रोष प्रकट किया। उपभोक्ताओं को बैंक में कैश नहीं होने की बात कह कर करीब साढ़े तीन बजे ही बैंक से बाहर निकाल दिया गया। लोगों ने आरोप लगाया कि बैंक कर्मी अपने चहेतो को बैंक के अंदर बुलाकर पैसे दे रहे हैं।
सुबह से लाइन में खड़े उपभोक्ता जयभगवान, धर्मबीर, अंकुश, सुरेश, राजेश शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि बैंक द्वारा लाला लोगों के साथ सांठगांठ कर दूसरे लोगों की आईडी पर पैसे देने का गोरखधंधा चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बैंक कर्मचारी ज्यादातर समय बिताने का काम करते है, ताकि कम कम उपभोक्ताओं के पैसे बदले जा सके। बैंक द्वारा चार हजार की बजाय तीन हजार रुपये बदलने के लिए भी कही जा रही है, जिससे लोगों के साथ धोखा और सरकार की नीतियों का मजाक उड़ाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सायं चार बजे के बाद बैंक अपने चहेतों को क्षमता से ज्यादा पैसा दिया जा रहा है।
दोपहर बाद बंद होने लगे बैंक
क्षेत्र के लगभग सभी बैंकों ने कैश नहीं होने की बात कह कर दोपहर बाद बैंक बंद करने शुरू कर दिए। इसमें सिंडिकेट बैंक ने दो बजे, एसबीपी ने तीन बजे, एचडीएफसी ने तीन बजे ने लेन देन बंद कर दिया गया। यहां के केनरा बैंक ने तो करीब तीन बजे ही शटर डाउन कर उपभोक्ताओं से दूरियां बनाए रखी।
हर रोज आते हैं दस लाख रुपये
नगरपालिका स्थित स्थित स्टेट बैंक पटियाला के प्रबंधक मयंक हीरा ने बताया कि उनके पास हर रोज 10 लाख रुपये आ रहे हैं। इसमें से लगभग तीन लाख रुपये हर रोज बदले जा रहे हैं और करीब पांच लाख रुपये लोग अपने खातों से निकाल रहे हैं। बाकी दो लाख के बारे में पूछा गया तो प्रबंधक मयंक हीरा ने कोई जवाब नहीं दिया। उधर मुख्य शाखा के प्रबंधक रमेश सचदेवा ने बताया कि पालिका स्थित शाखा में स्टाफ की कमी है। इसकी वजह से कुछ खामियां हो सकती हैं।
फर्जी तरीके से कैश बदलवाने पर प्रशासन हरकत में
करेंसी बदलवाने के लिए मजदूरों को लालच देकर लाइन में लगाने के मामले में संज्ञान लेते हुए डीसी आमना तस्नीम ने सभी बैंक शाखा प्रबंधकों को पत्र लिख कर इस मामले में सतर्क रहने के आदेश दिए हैं। वहीं एसपी राजेंद्र मीणा ने भी रविवार को बैंकों में जाकर पैसे बदलवाने के लिए लाइन में लगे लोगों की आईडी देखी। गौरतलब है कि अमर उजाला ने 12 नवंबर के अंक में मजदूरों द्वारा पैसे बदलवाने के समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इस पर संज्ञान लेते हुए डीसी आमना तस्नीम ने कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि कुछ ईंट भट्ठा मालिक मजदूरों को लाइन में लगाकर पैसे बदलवा रहे हैं। एडीसी ने आदेश दिए कि इस मामले में सतर्कता बरती जानी चाहिए और कोई भी व्यक्ति गलत हथकंडे से पैसे नहीं बदलवाए। डीसी ने आदेश दिए कि जिस भी व्यक्ति को पैसे दिए जाएं, उसकी आईडी रजिस्टर में दर्ज की जाए। वहीं एसपी राजेंद्र मीणा ने कई मुख्य बैंकों में जाकर पैसे बदलवा रहे लोगों विशेषकर मजदूर तबके के लोगों की आईडी जांची।
व्यापारियों को राहत देने की मांग
शहर के व्यापारी नेता और अग्रवाल सम्मेलन के अध्यक्ष राजकुमार गोयल ने व्यापारियों के लिए छूट की मांग की है। गोयल ने कहा कि चार हजार रुपये प्रतिदिन की लिमिट हो बढ़कर कम से कम 10 हजार रुपये की जाए। 20 हजार रुपये प्रति सप्ताह की लिमिट को बढ़ाकर किया जाए 50 हजार रुपये किया जाए।
नहीं है कैश
बैंकों में कैश नहीं है, इस कारण बैंक जल्दी बंद किए जा रहे हैं। लोगों को परेशानी हो रही है, लेकिन बैंक मजबूर हैं। ऐसे में कैश आने का इंतजार ही किया जा सकता है। - मिथिलेश कुमार झा, एलडीएम
साढ़े चार बजे बंद करने के आदेश
बैंक में कैश है, लेकिन बैंक को साढ़े चार बजे ही बंद कर दिया गया है। इसके लिए अधिकारियों के आदेश आए हैं। अब बैंक अपना काम निपटाएंगे। - सुभाष चंद्र, शाखा प्रबंधक एसबीओपी, डीआरडीए
बाहर से मिल रहे दो रुपये में फार्म
बैंक में पैसे बदलवाने के फार्म के लिए काफी भीड़ है। इससे फार्म नहीं मिल रहा था जिससे बाहर फोटो स्टेट की दुकान पर फार्म दो रुपये का मिल रहा है। जबकि फार्म नि:शुल्क मिलना चाहिए। -राहुल।
साढे़ चार बजे ही बंद कर दिए बैंक
कोर्ट के बाहर स्थित स्टेट बैंक ऑफ पटियाला में पैसे निकलवाने के लिए आया हूं। पैसे नहीं मिले, बैंक कर्मचारियों ने कैश नहीं होने के चलते सायं 4:30 बजे ही बैंक को बंद कर दिया। - मयंक भारद्वाज।