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रानी तालाब में गंदा पानी छोड़ने के विरोध में उतरा पूर्व शाही परिवार
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Tue, 30 Aug 2016 11:40 PM IST
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जींद रियासत की रानी इंद्रजीत कौर ने कहा कि प्रशासन और सरकार रियासत की धरोहर की अनदेखी कर रही है। यहां तक कि लोगों की आस्था के प्रतीक रानी तालाब मंदिर का भी अपमान किया जा रहा है। रानी इंद्रजीत कौर ने कहा कि या तो प्रशासन जींद की ऐतिहासिक धरोहर को सहेजे या फिर इसे शाही परिवार के हवाले कर दे। यदि ऐसा नहीं होता तो शहर की संस्थाओं को लेकर आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर जयति-जयति हिंदू महान संगठन के संयोजक अतुल चौहान और गोरक्षा दल के सदस्य भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि सीवरेज का पानी रानी तालाब में जाने का मुद्दा पिछले लंबे समय से गर्म है। ऐसे में रानी इंद्रजीत कौर ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर रानी तालाब में गंदा पानी जाने से रोकने की मांग की है। यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए रानी इंद्रजीत कौर ने कहा कि जींद रियासत के किलों को सरकारों ने तोड़ दिया है। गौरतलब है कि ऐतिहासिक रानी तालाब का निर्माण जींद रियासत के राजाओं ने करवाया था। यहां दीवान खाना मार्केट की ओर एक विशेष घाट होता था, जिसमें रियासत की रानी स्नान करती थी। इसके चलते इसे रानीघाट भी कहा जाता था।
प्रशासन ने करवाया कब्जा
रानी इंद्रजीत कौर ने कहा कि प्रशासन ने पुराने किले पर कब्जा करवाया है। यहां करीब 300 लोगों ने मकान बनाए हैं। उन्होंने कहा कि जब शाही परिवार ने यहां अपना कब्जा लेना चाहा, तो प्रशासन ने रोक दिया। लेकिन यहां जिन लोगों ने कब्जा किया, उस समय प्रशासन ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया।
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पंजाब में सहेजी गई हैं धरोहर
रानी इंद्रजीत कौर ने कहा कि पंजाब में वहां के राजाओं की रियासत काफी अच्छे प्रकार से सहेजी गई हैं। बेशक वे भवन सरकार के कब्जे में हैं, लेकिन उनको संभाल कर रखा गया है। इसके विपरीत जींद रियासत की धरोहर को सम्मान नहीं मिला है।
कैप्टन अमरेंद्र से हुई है बात
रानी इंद्रजीत कौर ने बताया कि उनकी रियासत की धरोहर के साथ हो रही नाइंसाफी को लेकर उन्होंने पटियाला रियासत के वंशज और पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरेंद्र कौर तथा उनकी पत्नी परणीत कौर से बात की है। इस मामले को उठाया जाएगा।
मुझे पावर मिली तो विकसित होगा रानी तालाब
रानी इंद्रजीत कौर के अनुसार जींद के महाराजा ने रानी तालाब को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की तर्ज पर बनवाया था, लेकिन सरकारें इसे विकसित नहीं कर सकी। ऐसे में यदि उन्हें पावर मिलती है, तो वे इस स्थल को स्वर्ण मंदिर की तर्ज पर विकसित करेंगी।
रानी तालाब में गंदा पानी नहीं जा रहा है। बरसात का पानी जाता है। फिर भी कुछ लोगों ने नाली से गंदे पानी आने की बात कही थी। ऐसे में उस नाली को पीछे ही बंद करवा दिया है। प्रशासन ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए पूरा प्रयास कर रहा है। इसके चलते ही रानी तालाब पर छह करोड़ रुपये खर्च कर सुंदर बनाया गया है।
विनय सिंह, डीसी
गौरतलब है कि सीवरेज का पानी रानी तालाब में जाने का मुद्दा पिछले लंबे समय से गर्म है। ऐसे में रानी इंद्रजीत कौर ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर रानी तालाब में गंदा पानी जाने से रोकने की मांग की है। यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए रानी इंद्रजीत कौर ने कहा कि जींद रियासत के किलों को सरकारों ने तोड़ दिया है। गौरतलब है कि ऐतिहासिक रानी तालाब का निर्माण जींद रियासत के राजाओं ने करवाया था। यहां दीवान खाना मार्केट की ओर एक विशेष घाट होता था, जिसमें रियासत की रानी स्नान करती थी। इसके चलते इसे रानीघाट भी कहा जाता था।
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प्रशासन ने करवाया कब्जा
रानी इंद्रजीत कौर ने कहा कि प्रशासन ने पुराने किले पर कब्जा करवाया है। यहां करीब 300 लोगों ने मकान बनाए हैं। उन्होंने कहा कि जब शाही परिवार ने यहां अपना कब्जा लेना चाहा, तो प्रशासन ने रोक दिया। लेकिन यहां जिन लोगों ने कब्जा किया, उस समय प्रशासन ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया।
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पंजाब में सहेजी गई हैं धरोहर
रानी इंद्रजीत कौर ने कहा कि पंजाब में वहां के राजाओं की रियासत काफी अच्छे प्रकार से सहेजी गई हैं। बेशक वे भवन सरकार के कब्जे में हैं, लेकिन उनको संभाल कर रखा गया है। इसके विपरीत जींद रियासत की धरोहर को सम्मान नहीं मिला है।
कैप्टन अमरेंद्र से हुई है बात
रानी इंद्रजीत कौर ने बताया कि उनकी रियासत की धरोहर के साथ हो रही नाइंसाफी को लेकर उन्होंने पटियाला रियासत के वंशज और पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरेंद्र कौर तथा उनकी पत्नी परणीत कौर से बात की है। इस मामले को उठाया जाएगा।
मुझे पावर मिली तो विकसित होगा रानी तालाब
रानी इंद्रजीत कौर के अनुसार जींद के महाराजा ने रानी तालाब को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की तर्ज पर बनवाया था, लेकिन सरकारें इसे विकसित नहीं कर सकी। ऐसे में यदि उन्हें पावर मिलती है, तो वे इस स्थल को स्वर्ण मंदिर की तर्ज पर विकसित करेंगी।
रानी तालाब में गंदा पानी नहीं जा रहा है। बरसात का पानी जाता है। फिर भी कुछ लोगों ने नाली से गंदे पानी आने की बात कही थी। ऐसे में उस नाली को पीछे ही बंद करवा दिया है। प्रशासन ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए पूरा प्रयास कर रहा है। इसके चलते ही रानी तालाब पर छह करोड़ रुपये खर्च कर सुंदर बनाया गया है।
विनय सिंह, डीसी