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नहीं शुरू हो पाई धान की फसल की खरीद किसानों में रोष, आढ़ती भी परेशान
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Tue, 27 Sep 2016 12:50 AM IST
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रोष व्यक्त करते मंडी में धान लेकर आए किसान।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सोमवार से पीआर धान की फसल की खरीद शुरू होनी थी। दर्जनों किसान अपनी धान की फसल लेकर मंडी में पहुंचे, लेकिन खरीद शुरू नहीं हो पाई। इससे किसानों में भारी रोष देखा गया। किसानों ने अनाज मंडी में सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। किसान बलजीत, किताब सिंह, सुखदेव, बसाऊ, कर्मबीर ने कहा कि सरकार किसान हितैषी का दम भर रही है, लेकिन किसान की हालत खस्ता होती जा रही है।
सरकार ने 26 सितंबर से धान की खरीद शुरू करने को कहा था दर्जनों किसान अपनी धान की फसल लेकर मंडी में पहुंचे, लेकिन खरीद शुरू नहीं हो पाई। उन्हें बताया गया कि फसल की खरीद एक अक्तूबर से की जाएगी। किसानों ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से अपनी फसल को लेकर मंडी में बैठे हैं। मंडी में किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं है जिस कारण फसल को भारी नुकसान भी हो रहा है। किसानों ने कहा कि धान की फसल आ चुकी है सरकार को खरीद शुरू कर देनी चाहिए।
10 दिनों से फसल मंडी में पड़ी दनौदा गांव के किसान राजबीर ने बताया कि वह पिछले 10 दिनों से मंडी में धान की फसल लेकर बैठा है। आज तक कोई उसकी फसल को देखने तक नहीं आया। उन्होंने कहा कि सरकार ने 26 सितंबर से धान की खरीद शुरू करने को कहा था, लेकिन खरीद शुरू नहीं हुई। उन्होंने कहा कि दिन-रात धान की रखवाली करनी पड़ रही है। पशुओं से खतरा दबलैन गांव के किसान जोगीराम ने बताया कि पिछले सात दिनों से धान की फसल मंडी में पड़ी है। पूरे दिन सुअरों और पशुओं का खतरा बना रहता है। सुअर और सांड फसल को खराब कर देते हैं। किसानों के खून-पसीने की कमाई पर आवारा सुअर मुंह मारते रहते है। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द फसल खरीदने की मांग की।
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जागकर देना पड़ रहा है पहरा हथो गांव के किसान राजेश ने कहा कि किसानों के साथ भद्दा मजाक किया जा रहा है। एक ओर सरकार किसानों की हितैषी कहलाती है वहीं फसल की खरीद नहीं होने के कारण सारी रात पहरा देना पड़ता है। किसान ने कहा कि सारी रात चोरों का भी डर बना रहता है। जिसके कारण पूरी रात जागकर फसल की रखवाली करनी पड़ती है। फिलहाल खरीद के नहीं आए आदेश अभी तक धान की फसल की खरीद के सरकार की ओर से कोई आदेश नहीं आए, न ही कोई एजेंसी अॅलाट की गई है। जैसे ही सरकार की तरफ से आदेश मिलते है, उसी समय फसल खरीद शुरू कर दी जाएगी। नवीन चोपड़ा, सचिव, मार्केट कमेटी, नरवाना
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सरकार ने 26 सितंबर से धान की खरीद शुरू करने को कहा था दर्जनों किसान अपनी धान की फसल लेकर मंडी में पहुंचे, लेकिन खरीद शुरू नहीं हो पाई। उन्हें बताया गया कि फसल की खरीद एक अक्तूबर से की जाएगी। किसानों ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से अपनी फसल को लेकर मंडी में बैठे हैं। मंडी में किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं है जिस कारण फसल को भारी नुकसान भी हो रहा है। किसानों ने कहा कि धान की फसल आ चुकी है सरकार को खरीद शुरू कर देनी चाहिए।
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10 दिनों से फसल मंडी में पड़ी दनौदा गांव के किसान राजबीर ने बताया कि वह पिछले 10 दिनों से मंडी में धान की फसल लेकर बैठा है। आज तक कोई उसकी फसल को देखने तक नहीं आया। उन्होंने कहा कि सरकार ने 26 सितंबर से धान की खरीद शुरू करने को कहा था, लेकिन खरीद शुरू नहीं हुई। उन्होंने कहा कि दिन-रात धान की रखवाली करनी पड़ रही है। पशुओं से खतरा दबलैन गांव के किसान जोगीराम ने बताया कि पिछले सात दिनों से धान की फसल मंडी में पड़ी है। पूरे दिन सुअरों और पशुओं का खतरा बना रहता है। सुअर और सांड फसल को खराब कर देते हैं। किसानों के खून-पसीने की कमाई पर आवारा सुअर मुंह मारते रहते है। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द फसल खरीदने की मांग की।
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जागकर देना पड़ रहा है पहरा हथो गांव के किसान राजेश ने कहा कि किसानों के साथ भद्दा मजाक किया जा रहा है। एक ओर सरकार किसानों की हितैषी कहलाती है वहीं फसल की खरीद नहीं होने के कारण सारी रात पहरा देना पड़ता है। किसान ने कहा कि सारी रात चोरों का भी डर बना रहता है। जिसके कारण पूरी रात जागकर फसल की रखवाली करनी पड़ती है। फिलहाल खरीद के नहीं आए आदेश अभी तक धान की फसल की खरीद के सरकार की ओर से कोई आदेश नहीं आए, न ही कोई एजेंसी अॅलाट की गई है। जैसे ही सरकार की तरफ से आदेश मिलते है, उसी समय फसल खरीद शुरू कर दी जाएगी। नवीन चोपड़ा, सचिव, मार्केट कमेटी, नरवाना