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शामलो कलां में सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Sun, 04 Sep 2016 11:42 PM IST
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शामलो कलां गांव के किसानों ने बारिश के पानी से जलमग्न हुई सैकड़ों एकड़ जमीन से पानी निकलवाने की गुहार लगाई है। खेतों से पानी निकासी के लिए किसानों ने बिजली कनेक्शन करके पंप सेट लगाने की मांग की है।
किसान धर्मवीर, रणधीर, सतबीर, कृष्ण रामकली, आजाद सिंह, जगदीश सिंह, राजा, दयानंद, गुरनाम, बबली देवी व अन्य किसानों ने बताया कि पिछले कई साल से उनके खेतों में बारिश का पानी भरने से सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो जाती है। कुछ साल पहले यहां से बारिश के पानी की निकासी के लिए ड्रेन निकालने की मंजूरी दी गई थी, लेकिन इसके बाद यह प्रस्ताव भी ठंडे बस्ते में चला गया। किसानों ने बताया कि पिछले कई सालों से रबी और खरीफ दोनों फसलें नहीं होने से किसान कर्ज के बोझ तले दब गए हैं। पिछले दिनों किसान डीसी विनय सिंह से भी इस मामले में मिलने पहुंचे थे। किसानों ने जिला प्रशासन से खेतों में बिजली का कनेक्शन करके पंप सेट मुहैया करवाने की मांग की है, ताकि खेतों से बारिश का पानी निकाल कर रबी की फसल की बिजाई की जा सके।
शामलो कलां गांव में हर साल बरसात से लगभग सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब जाती है। गांव में कुछ एरिया काफी नीचा है। बरसात होते ही ऊंचे एरिया का पानी भी इसी एरिया में आ जाता है और हजारों रुपये खर्च कर उगाई कई खड़ी फसल पानी में डूब जाती है। यहां से पानी तभी निकल सकता है, जब यहां से ड्रेन निकले। इससे किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान प्रतिवर्ष हो रहा है। ड्रेन निकलाने का प्रस्ताव पंचायत ने सरकार के पास भेज रखा है। अभी तक मंजूरी मिली नहीं है।
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सुरजीत, पूर्व सरपंच
शामलो कलां।
शामलो कलां गांव व इसके आसपास के एरिया में बरसात होने से खड़ी फसल पानी में डूब जाती है। फसल डूबने से किसानों को नुकसान हो रहा है। एरिया नीचा होने के कारण यहां से पानी निकासी का प्रबंध करना आवश्यक है, तभी किसानों की फसल पानी से बच सकती है। किसानों ने इसकी शिकायत कई बार विभाग से की है। इस बारे में विभाग उच्च अधिकारियों को अवगत करवा चुका है।
महिपाल सिंह, कृषि विकास अधिकारी जुलाना
किसान धर्मवीर, रणधीर, सतबीर, कृष्ण रामकली, आजाद सिंह, जगदीश सिंह, राजा, दयानंद, गुरनाम, बबली देवी व अन्य किसानों ने बताया कि पिछले कई साल से उनके खेतों में बारिश का पानी भरने से सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो जाती है। कुछ साल पहले यहां से बारिश के पानी की निकासी के लिए ड्रेन निकालने की मंजूरी दी गई थी, लेकिन इसके बाद यह प्रस्ताव भी ठंडे बस्ते में चला गया। किसानों ने बताया कि पिछले कई सालों से रबी और खरीफ दोनों फसलें नहीं होने से किसान कर्ज के बोझ तले दब गए हैं। पिछले दिनों किसान डीसी विनय सिंह से भी इस मामले में मिलने पहुंचे थे। किसानों ने जिला प्रशासन से खेतों में बिजली का कनेक्शन करके पंप सेट मुहैया करवाने की मांग की है, ताकि खेतों से बारिश का पानी निकाल कर रबी की फसल की बिजाई की जा सके।
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शामलो कलां गांव में हर साल बरसात से लगभग सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब जाती है। गांव में कुछ एरिया काफी नीचा है। बरसात होते ही ऊंचे एरिया का पानी भी इसी एरिया में आ जाता है और हजारों रुपये खर्च कर उगाई कई खड़ी फसल पानी में डूब जाती है। यहां से पानी तभी निकल सकता है, जब यहां से ड्रेन निकले। इससे किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान प्रतिवर्ष हो रहा है। ड्रेन निकलाने का प्रस्ताव पंचायत ने सरकार के पास भेज रखा है। अभी तक मंजूरी मिली नहीं है।
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सुरजीत, पूर्व सरपंच
शामलो कलां।
शामलो कलां गांव व इसके आसपास के एरिया में बरसात होने से खड़ी फसल पानी में डूब जाती है। फसल डूबने से किसानों को नुकसान हो रहा है। एरिया नीचा होने के कारण यहां से पानी निकासी का प्रबंध करना आवश्यक है, तभी किसानों की फसल पानी से बच सकती है। किसानों ने इसकी शिकायत कई बार विभाग से की है। इस बारे में विभाग उच्च अधिकारियों को अवगत करवा चुका है।
महिपाल सिंह, कृषि विकास अधिकारी जुलाना