जींद मुठभेड़ मामला: खुद की गलती से हुई रोहतक पुलिस की किरकिरी, पांच पुलिसकर्मियों को गच्चा दे गए दो बदमाश
जिस मामले में रोहतक सीआईए आरोपियों की तलाश करते हुए पालवां तक पहुंची, वह घटना आठ अप्रैल की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी दो-तीन दिन से रोहतक पुलिस के निशाने पर थे। इसके बाद भी ठीक से योजना नहीं बनाई गई और उत्साह में पुलिस ने आरोपियों पर हाथ डाल दिया।
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जींद के पालवां गांव में बदमाशों से मुठभेड़ में गोली लगने से एएसआई के घायल होने और सिर्फ दो बदमाशों के भाग निकलने को लेकर रोहतक पुलिस की किरकिरी हुई है। अगर समय रहते रोहतक सीआईए टीम जींद पुलिस से सहयोग ली होती तो शायद दोनों बदमाश पकड़ लिए जाते। इस घटना से पुलिस के अंतर जिला समन्वय पर भी सवाल उठ गए हैं। आरोपी रोहतक पुलिस की गलती के चलते आसानी से निकल गए।
जींद पुलिस के अधिकारियों का भी कहना है कि यदि जींद पुलिस का सहयोग लिया गया होता तो आरोपियों को आसानी से पकड़ा जा सकता था। वहीं पूरी कार्रवाई में रोहतक पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि एक पुलिसकर्मी को गोली लगने के बाद दूसरे पुलिस कर्मी आगे नहीं बढ़ पाए। ऐसे में पांच पुलिसकर्मियों को दो बदमाश गच्चा देकर फरार हो गए।
दरअसल जिस मामले में रोहतक सीआईए आरोपियों की तलाश करते हुए पालवां तक पहुंची, वह घटना आठ अप्रैल की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी दो-तीन दिन से रोहतक पुलिस के निशाने पर थे। इसके बाद भी ठीक से योजना नहीं बनाई गई और उत्साह में पुलिस ने आरोपियों पर हाथ डाल दिया। इसके चलते आरोपी आसानी से पुलिस के एएसआई को ही घायल कर निकल गए।
शुक्रवार रात करीब नौ बजे एएसआई अमित को गोली लगने के बाद जींद पुलिस भी मौके पर पहुंची और आरोपियों की तलाश के लिए अभियान चलाया। इस दौरान रोहतक रेंज की आईजी ममता सिंह भी पालवां पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। रात साढ़े चार बजे तक पुलिस ने अभियान चलाया, लेकिन रोहतक पुलिस खाली हाथ लौट गई।
पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
जिस प्रकार पुलिस ने कार्रवाई की और बदमाश निकल भागे, इस पर सवाल उठ रहे हैं। उचाना पुलिस को दी शिकायत में पुलिस ने खुद कहा है कि बाइक सवार संदिग्ध युवकों से उनके पास जाकर बात की है। आरोपी दो थे और पुलिस टीम में पांच लोग शामिल थे। पुलिस टीम में सीआईए-दो प्रभारी नवीन कुमार, एसआई मनोज कुमार, एएसआई अमित कुमार, साइबर सेल रोहतक से एएसआई अमित, हेड कांस्टेबल मुनीष और गाड़ी चालक मनजीत बदमाशों को पकड़ने आए थे। इसके बावजूद भी दो बदमाश पांच प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों के हाथों से बच कर निकल गए। उचाना पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रोहतक पुलिस ने बेहद अनुभवहीनता के साथ कार्रवाई की है।
पुलिस धमकी देती रही, बदमाशों ने कर दी फायरिंग
कार्रवाई के दौरान जब पुलिस बदमाशों का पीछा कर रही थी तो बदमाश गांव की गलियों से निकलते हुए दूसरे छोर पर पहुंच गए। गलियों में गोली चलाना सही नहीं था, लेकिन गांव से बाहर निकलते ही पुलिस ने बदमाशों को आत्मसमर्पण के लिए चेतावनी देते हुए गोली चलाने की बात कही। इसी दौरान एक बदमाश ने गोली चला दी और इसमें एएसआई अमित घायल हो गया।
गांव की गलियों में बनी रही अफरातफरी
रात करीब पौने नौ बजे पुलिस ने आरोपियों का पीछा शुरू किया। इसके बाद करीब नौ बजे तक पालवां गांव की गलियों में अफरातफरी का माहौल बना रहा। इसके बाद गांव के दूसरे छोर पर पहुंचते ही पुलिस व बदमाशों के बीच में गोलीबारी शुरू हो गई। करीब पांच मिनट चली फायरिंग में ही आरोपी बच कर निकल गए।
घायल होने के बाद भी एएसआई ने दिखाई हिम्मत
ग्रामीणों के अनुसार जिस समय गांव की गलियों में बदमाश व पुलिस भाग रहे थे, काफी लोग एकत्रित हो गए। गांव के दूसरे छोर पर निकलते गोलीबारी शुरू हो गई। एएसआई अमित को गोली लगने के बाद उसने हार नहीं मानी और अपनी टीम के सदस्यों को कहा कि उसे कुछ नहीं हुआ है। एएसआई अमित ने अपने साथियों से घाव पर बांधने के लिए कपड़ा मांगा।
सीआईए-दो रोहतक के प्रभारी नवीन कुमार ने शिकायत दी है कि बदमाशों ने गोली मार कर उनके एएसआई अमित को घायल कर दिया। इस पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच व आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। अभी तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं लगा है। जैसे ही उचाना पुलिस को मामले की सूचना मिली, पुलिस मौके पर पहुंची और अपनी कार्रवाई की है। -सोमवीर ढाका, उचाना थाना प्रभारी।