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Jind News: 10 एमएम बारिश से जींद शहर में भरा पानी
Fri, 20 Sep 2024 02:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 20 Sep 2024 02:42 AM IST
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जींद। मॉनसून के एक बार फिर से सक्रियता होने के कारण जिले में वीरवार सुबह हल्की बारिश हुई। जींद में 10, सफीदों में 1 एमएम बारिश हुई तो जुलाना, उचाना, नरवाना व पिल्लूखेड़ा में बूंदाबांदी हुई। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। वीरवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बुधवार रात को अचानक से मौसम में बदलाव हुआ और कहीं-कहीं पर हल्की बूंदाबांदी हुई। वीरवार सुबह 6 बजे ही पहले हवा चली और फिर बारिश शुरू हो गई। हालांकि सावन में इतनी बारिश नहीं हुई, जितनी की दरकार थी, लेकिन अब आश्विन में भी सावन की तरह बारिश हो रही है। करीब आधे घंटे तक हुई झमाझम बारिश से शहर में पटियाला चौक, नरवाना रोड, सीआर किसान कॉलेज के सामने, बत्तख चौक, रानी तालाब मोड पर पानी भर गया। इससे राहगीरों तथा वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
अधिक बारिश पीआर और बासमती 1509 के नुकसानदायक
जलालपुर कलां निवासी किसान रोहताश, मोरखी निवासी सुनील, पिंडारा निवासी सुरेंद्र ने बताया कि इस समय पीआर धान और अगेती बासमती 1509 धान पकने वाला है। अगर अब ज्यादा वर्षा होती है तो इन दोनों धान की फसल को नुकसान पहुंचेगा। वीरवार को जितनी बारिश हुई, उससे तो लाभ ही हुआ है। धान अच्छी वृद्धि भी करेगा। दाने कच्चे होने के कारण वजन भी बढ़ गया है। यदि अब तेज बारिश होती है तो धान की फसल गिर जाएगी, जिससे उत्पादन पर असर पड़ेगा। बासमती 1121, 1718 किस्म की धान की फसल में वर्षा से फायदा होगा। जुलाई में सामान्य से कम वर्षा होने की वजह से बासमती धान की रोपाई में देरी हुई थी। इसके कारण 20 हजार हैक्टेयर से ज्यादा में धान की रोपाई अगस्त में हुई थी। इस पछेती धान की फसल में वर्षा की जरूरत है।
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जिले में वीरवार को कहीं हल्की तो कही ठीकठाक बारिश हुई है। मॉनसून फिर से सक्रिय हुआ है। इसके चलते दो दिन तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। किसान मौसम को ध्यान में रखते हुए कपास व धान की फसल में स्प्रे का काम रोक दें। खेतों में पानी का ठहराव न होने दें। -डॉ. राजेश कुमार, मौसम वैज्ञानिक
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बुधवार रात को अचानक से मौसम में बदलाव हुआ और कहीं-कहीं पर हल्की बूंदाबांदी हुई। वीरवार सुबह 6 बजे ही पहले हवा चली और फिर बारिश शुरू हो गई। हालांकि सावन में इतनी बारिश नहीं हुई, जितनी की दरकार थी, लेकिन अब आश्विन में भी सावन की तरह बारिश हो रही है। करीब आधे घंटे तक हुई झमाझम बारिश से शहर में पटियाला चौक, नरवाना रोड, सीआर किसान कॉलेज के सामने, बत्तख चौक, रानी तालाब मोड पर पानी भर गया। इससे राहगीरों तथा वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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अधिक बारिश पीआर और बासमती 1509 के नुकसानदायक
जलालपुर कलां निवासी किसान रोहताश, मोरखी निवासी सुनील, पिंडारा निवासी सुरेंद्र ने बताया कि इस समय पीआर धान और अगेती बासमती 1509 धान पकने वाला है। अगर अब ज्यादा वर्षा होती है तो इन दोनों धान की फसल को नुकसान पहुंचेगा। वीरवार को जितनी बारिश हुई, उससे तो लाभ ही हुआ है। धान अच्छी वृद्धि भी करेगा। दाने कच्चे होने के कारण वजन भी बढ़ गया है। यदि अब तेज बारिश होती है तो धान की फसल गिर जाएगी, जिससे उत्पादन पर असर पड़ेगा। बासमती 1121, 1718 किस्म की धान की फसल में वर्षा से फायदा होगा। जुलाई में सामान्य से कम वर्षा होने की वजह से बासमती धान की रोपाई में देरी हुई थी। इसके कारण 20 हजार हैक्टेयर से ज्यादा में धान की रोपाई अगस्त में हुई थी। इस पछेती धान की फसल में वर्षा की जरूरत है।
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जिले में वीरवार को कहीं हल्की तो कही ठीकठाक बारिश हुई है। मॉनसून फिर से सक्रिय हुआ है। इसके चलते दो दिन तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। किसान मौसम को ध्यान में रखते हुए कपास व धान की फसल में स्प्रे का काम रोक दें। खेतों में पानी का ठहराव न होने दें। -डॉ. राजेश कुमार, मौसम वैज्ञानिक