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Jind News: जाट धर्मार्थ सभा प्रधान को लेकर बैठक बुलाकर नहीं आए
Mon, 26 Feb 2024 12:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 26 Feb 2024 12:06 AM IST
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25जेएनडी21 : बैठक की सूचना पाकर जाट धर्मशाला में पहुंचे लोग।
जींद। जाट धर्मार्थ सभा के प्रधान को लेकर रविवार को जाट धर्मशाला में बैठक नहीं हो सकी। जिन लोगों ने बैठक बुलाई थी वहीं लोग यहां नहीं पहुंचे। इसको लेकर लोगों में काफी रोष दिखाई दिया। लोगों ने कहा कि यह सोची-समझी साजिश है, जो किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जाट धर्मार्थ सभा के प्रधान का चुनाव करवाने के लिए कुछ लोगों ने रविवार को जाट धर्मशाला में पंचायत बुलाई थी। इससे पहले भी 15 फरवरी को पंचायत हुई थी, जिसमें ईक्कस गांव के हरपाल ढुल को प्रधान मनोनीत कर दिया था, लेकिन बाद में पता चला कि हरपाल ढुल जाट धर्मार्थ सभा के सदस्य ही नहीं हैं। ऐसे में अब दोबारा प्रधान के चुनाव को लेकर कुछ लोगों ने रविवार को बैठक बुलाई थी, लेकिन वह खुद नहीं आए। इससे समाज के लोगों में काफी गुस्सा था।
लोगों ने कहा कि बैठक बुलाने के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। ऐसे लोग समाज का भला नहीं कर सकते। यदि समाज में एकजुटता कायम रखनी है तो सर्वसम्मति बनानी चाहिए। ऐसा पहली बार हो रहा है, जब जाट धर्मार्थ सभा प्रधान को लेकर इस प्रकार की नौबत आई है। जाट धर्मार्थ सभा के पूर्व उपप्रधान ईश्वर उझानिया ने कहा कि बैठक का बुलावा देने वाले लोग ही नहीं आ पाए। कुछ लोग ही बैठक की सूचना पर पहुंचे थे। ऐसे में कोई निर्णय नहीं हुआ और बैठक नहीं हो पाई।
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सभी सदस्यों के पास होनी चाहिए सूचना
ईश्वर उझानिया ने कहा कि यदि बैठक बुलानी है तो सभी सदस्यों को सूचना देनी चाहिए। कुछ लोग खुद ही सूचना देते हैं और फिर नहीं आते, ऐसा नहीं होना चाहिए। जाट धर्मार्थ सभा के सभी सदस्य सम्मानित हैं, उनके बिना चुनाव का कोई मतलब नहीं है।
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जाट धर्मार्थ सभा के प्रधान का चुनाव करवाने के लिए कुछ लोगों ने रविवार को जाट धर्मशाला में पंचायत बुलाई थी। इससे पहले भी 15 फरवरी को पंचायत हुई थी, जिसमें ईक्कस गांव के हरपाल ढुल को प्रधान मनोनीत कर दिया था, लेकिन बाद में पता चला कि हरपाल ढुल जाट धर्मार्थ सभा के सदस्य ही नहीं हैं। ऐसे में अब दोबारा प्रधान के चुनाव को लेकर कुछ लोगों ने रविवार को बैठक बुलाई थी, लेकिन वह खुद नहीं आए। इससे समाज के लोगों में काफी गुस्सा था।
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लोगों ने कहा कि बैठक बुलाने के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। ऐसे लोग समाज का भला नहीं कर सकते। यदि समाज में एकजुटता कायम रखनी है तो सर्वसम्मति बनानी चाहिए। ऐसा पहली बार हो रहा है, जब जाट धर्मार्थ सभा प्रधान को लेकर इस प्रकार की नौबत आई है। जाट धर्मार्थ सभा के पूर्व उपप्रधान ईश्वर उझानिया ने कहा कि बैठक का बुलावा देने वाले लोग ही नहीं आ पाए। कुछ लोग ही बैठक की सूचना पर पहुंचे थे। ऐसे में कोई निर्णय नहीं हुआ और बैठक नहीं हो पाई।
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सभी सदस्यों के पास होनी चाहिए सूचना
ईश्वर उझानिया ने कहा कि यदि बैठक बुलानी है तो सभी सदस्यों को सूचना देनी चाहिए। कुछ लोग खुद ही सूचना देते हैं और फिर नहीं आते, ऐसा नहीं होना चाहिए। जाट धर्मार्थ सभा के सभी सदस्य सम्मानित हैं, उनके बिना चुनाव का कोई मतलब नहीं है।

25जेएनडी21 : बैठक की सूचना पाकर जाट धर्मशाला में पहुंचे लोग।