{"_id":"5761aa674f1c1b4d1f11d16c","slug":"jat-agitation-woman-protest-in-jind","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्रमिक अनशन पर बैठी महिलाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्रमिक अनशन पर बैठी महिलाएं
jind
Updated Thu, 16 Jun 2016 12:50 AM IST
विज्ञापन
ध्ारने पर बैठी महिलाएं
- फोटो : bureau
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा खटकड़ गांव में दिए जा रहे धरने के 11वें दिन पांच महिलाओं ने क्रमिक अनशन किया। वहीं समिति द्वारा आवेदन करने पर प्रशासन की ओर से जुलाना के धरने की अनुमति नहीं दी गई है। इसके बाद जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने 17 जून से जुलाना में धरना शुरू करने का ऐलान किया है।
अभय चौटाला ने कहा कि जाट समुदाय को डराकर उनका हक नहीं छीना जा सकता है बल्कि यह आंदोलन जाटों को आरक्षण देकर ही खत्म किया जा सकता है। चौटाला ने कहा कि 1990 में केंद्र में उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल ने प्रदेश की 10 जातियों को आरक्षण में शामिल करवाया था, लेकिन जैसे ही सरकार बदली, तत्कालीन भजन लाल सरकार ने पांच जातियों के आरक्षण को खत्म कर दिया। इसी प्रकार कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने वोटों की राजनीति करते हुए जाटों को आरक्षण में शामिल करवाया था, लेकिन जल्दबाजी में वे इसे पूरा नहीं करवा पाए और यह न्यायालय में नहीं टिक पाया।
लोग उकसाएंगे शांति से रहना
अभय चौटाला ने कहा कि माहौल खराब करने के लिए भाजपा के लोग उन्हें उकसाएंगे। अफवाएं फैलाएंगे, लेकिन किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है। शांति बनाए रखते हुए अपने आपको मजबूत करना है।
विज्ञापन
ये बैठीं अनशन पर
बुधवार को महिलाओं ने क्रमिक अनशन का मोर्चा संभाला इनमें बिमला सिवाच, सुनीता मान, कमला देवी, बिमला बूरा, कविता, प्रियंका मूर्ति व बिमला लोहान शामिल रही।
अनुमति मिले या नहीं आज से शुरू होगा धरना
जुलाना। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति बुधवार को जुलाना में बैठक बृहस्पतिवार से धरना शुरू करने का फैसला लिया है। समिति के पदाधिकारियों ने साफ किया कि यहां प्रशासन धरने की अनुमति दे या नहीं दे, धरना हर हाल में शुरू होगा। बैठक की अध्यक्षता जिला सचिव चांदरूप मलिक ने की। चांदरूप मलिक ने कहा कि उनके द्वारा धरने को लेकर डीसी को प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन प्रस्ताव पर आपत्ति लगाकर कमियों को पूरा करने की बात कही है। बैठक में समिति के सदस्यों ने 16 जून से ही धरना शुरू करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि आरक्षण उनका अधिकार है इसलिए वे शांतिपूर्ण ढंग से धरना देंगे और कोई नुकसान नहीं होने देंगे। किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी उनकी होगी।
विज्ञापन
अभय चौटाला ने कहा कि जाट समुदाय को डराकर उनका हक नहीं छीना जा सकता है बल्कि यह आंदोलन जाटों को आरक्षण देकर ही खत्म किया जा सकता है। चौटाला ने कहा कि 1990 में केंद्र में उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल ने प्रदेश की 10 जातियों को आरक्षण में शामिल करवाया था, लेकिन जैसे ही सरकार बदली, तत्कालीन भजन लाल सरकार ने पांच जातियों के आरक्षण को खत्म कर दिया। इसी प्रकार कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने वोटों की राजनीति करते हुए जाटों को आरक्षण में शामिल करवाया था, लेकिन जल्दबाजी में वे इसे पूरा नहीं करवा पाए और यह न्यायालय में नहीं टिक पाया।
विज्ञापन
लोग उकसाएंगे शांति से रहना
अभय चौटाला ने कहा कि माहौल खराब करने के लिए भाजपा के लोग उन्हें उकसाएंगे। अफवाएं फैलाएंगे, लेकिन किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है। शांति बनाए रखते हुए अपने आपको मजबूत करना है।
विज्ञापन
ये बैठीं अनशन पर
बुधवार को महिलाओं ने क्रमिक अनशन का मोर्चा संभाला इनमें बिमला सिवाच, सुनीता मान, कमला देवी, बिमला बूरा, कविता, प्रियंका मूर्ति व बिमला लोहान शामिल रही।
अनुमति मिले या नहीं आज से शुरू होगा धरना
जुलाना। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति बुधवार को जुलाना में बैठक बृहस्पतिवार से धरना शुरू करने का फैसला लिया है। समिति के पदाधिकारियों ने साफ किया कि यहां प्रशासन धरने की अनुमति दे या नहीं दे, धरना हर हाल में शुरू होगा। बैठक की अध्यक्षता जिला सचिव चांदरूप मलिक ने की। चांदरूप मलिक ने कहा कि उनके द्वारा धरने को लेकर डीसी को प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन प्रस्ताव पर आपत्ति लगाकर कमियों को पूरा करने की बात कही है। बैठक में समिति के सदस्यों ने 16 जून से ही धरना शुरू करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि आरक्षण उनका अधिकार है इसलिए वे शांतिपूर्ण ढंग से धरना देंगे और कोई नुकसान नहीं होने देंगे। किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी उनकी होगी।