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आज से आंदोलन पर जाट, प्रशासन भी तैयार
jind
Updated Sun, 05 Jun 2016 12:41 AM IST
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मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस
- फोटो : bureau
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तमाम अटकलों के बीच जाट आरक्षण आंदोलन के लिए जाटों का मंच सज गया है। खाप पंचायतों के आंदोलन से किनारा करने के बावजूद जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने हजारों की तादात में जाट समुदाय के लोगों के रैली में पहुंचने का दावा किया गया है। जिला प्रशासन ने जाटों को आंदोलन के लिए सशर्त मंजूरी प्रदान की है। वहीं आंदोलन के दौरान किसी भी तरह की हिंसा या उपद्रव न हो इसको देखते हुए जिला प्रशासन भी सख्त हो गया है। जिले में व्यवस्था बनाए रखने के लिए अर्धसैनिक बलों की दस टुकड़ियों को तैनात किया गया है। प्रशासन ने रैली स्थल पर भारी तादात में पुलिस बल तैनात किया है। झांझ गांव में रविवार सुबह 10 बजे से जाट आरक्षण आंदोलन का आगाज होगा। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की इस रैली में अभी तक बाहर से किसी बड़े जाट नेता के आने की सूचना नहीं है। क्षेत्रीय जाट नेताओं के अनुसार समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदेश में प्रत्येक दिन दो से तीन धरनों पर पहुंचेंगे। वहीं आंदोलन के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवा भी प्रभावित रहेगी। रोडवेज ने सुरक्षा की दृष्टि से ग्रामीण क्षेत्रों में साम के समय जाने वाली सभी बसों को वापस डिपो में आने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में साम के समय 20 बस जाती हैं। इससे सुबह जल्दी से गांव से जींद की तरफ आने वाले यात्रियों को दिक्कत उठानी पड़ सकती है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों की रोडवेज की बस रात को गांव में ठहराव होता था और सुबह यात्रियों को लेकर जींद की तरफ आती थी।
इन शर्तों पर दी आंदोलन की अनुमति
1. जिला प्रशासन की शर्तों के अनुसार धरना सड़क से 200 मीटर की दूरी पर होगा और जिस जगह धरना आयोजित किया जाएगा, उसकी अनुमति संबंधित जमीन के मालिक से संघर्ष समिति को अपने स्तर पर लेनी होगी।
2. संघर्ष समिति द्वारा स्थान की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए ही धरना स्थल पर लोगों को बुलाया जाएगा। जो लोग धरने में शामिल होंगे। वे अपना धरना शांति पूर्ण चलाएंगे और कानून व्यवस्था बनाए रखने में जिला प्रशासन का सहयोग करेंगे।
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3. यदि धरना किसी समय उग्र होता है और उससे किसी भी प्रकार की संपत्ति को नुकसान होता है, तो इसके लिए इस आयोजन के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी जिम्मेदार होंगे।
4. किसी की जानमाल या संपत्ति का नुकसान होता है, तो इसकी भरपाई के लिए आयोजक निजी तौर पर जिम्मेदार होंगे।
5. किसी भी अवस्था में सड़क मार्ग अवरुद्ध नहीं करेंगे और यह व्यवस्था करना उनकी निजी जिम्मेदारी होगी कि यातायात किसी भी तरह से बाधित न हो।
6. जिले में धारा 144 लागू है। धरना स्थल पर आयोजक किसी भी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र धरना स्थल पर लेकर नहीं आएंगे।
7. धरने व रैली के दौरान ऐसा कोई भाषण नहीं देंगे, जिससे किसी जाति, धर्म या वर्ग विशेष की भावनाओं को ठेस पंहुचे।
26 ड्यूटी मैजिस्ट्रेट नियुक्त
आरक्षण आंदोलन के दौरान जिले में शांति व्यवस्था कायम रखने के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा पूरे जिले को विभिन्न हिस्सों में बांटकर प्रत्येक जोन के लिए एक-एक ड्यूटी मैजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया गया है। जिलाधीश विनय सिंह ने जिला के 26 वरिष्ठ अधिकारियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस विभाग के अधिकारी तथा पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की गई है। डीसी विनय सिंह ने शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के प्रबंध किए गए हैं। डीसी ने अधिकारियों की बैठक के दौरान कहा कि अगर किसी ड्यूटी मजिस्ट्रेट को अतिरिक्त फोर्स की आवश्यकता पड़े, तो वे तुरंत सूचित कर दें, उन्हें तुरंत पर्याप्त फोर्स उपलब्ध करवाई जाएगी।
अधिकारियों- पुलिस और सेना ने की मॉक ड्रिल
आंदोलन के दौरान किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए शनिवार को पुलिस लाइन प्रांगण में पुलिस अधिकारियों, ड्यूटी मजिस्ट्रेटों और पैरामिलट्री फोर्स की मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। एएसपी वसीम अकरम ने आरक्षण आंदोलन को लेकर जिन अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें आरक्षण आंदोलन से निपटने के लिए आवश्यक टिप्स दिए। लगभग दो घंटे तक चले इस मॉक ड्रिल कार्यक्रम में एएसपी ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को हथियारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिला में अवैध शराब व हथियार किसी भी सुरत में प्रवेश न हो, इसके लिए सभी सुरक्षा टीमों को संदिग्ध वाहनों व व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसक गतिविधियों को कंट्रोल करने के लिए पुलिस विभाग के पास नवीनतम तकनीक के हथियार पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं। इन हथियारों के बारे में भी पुलिस विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया है। मॉक ड्रिल में नरवाना तथा सफीदों के एसडीएम बीर सिंह व बलराज जाखड़ समेत सभी डयूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस एवं पैरामिलिट्री फोर्स के अधिकारी मौजूद रहे।
जिले में पैरामिलिट्री की 10 टुकड़ियां तैनात
एएसपी वसीम अकरम ने बताया कि सभी सुरक्षा टीमों ने अपनी-अपनी ड्यूटी संभाल ली है। जिले में पैरामिलिट्री फोर्स की 10 कंपनियां आई हैं। ये कंपनियां जींद, जुलाना, अलेवा, पिल्लूखेड़ा, सफीदों, उचाना, नरवाना में तैनात की गई हैं। जींद के सैनी धर्मशाला, सफीदों की जाट धर्मशाला समेत ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित करके फोर्स तैनात की गई है, जहां फरवरी माह में आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसक घटनाएं हुई थी। उन्होंने जिलावासियों से अपील की है कि वे निर्भिक रहें। अगर उन्हे कहीं भी असामाजिक गतिविधि का आभास हो, तो इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन को देकर जिला में शांति व्यवस्था कायम रखने में अपना अति महत्वपूर्ण योगदान दें।
हर गतिविधि की होगी वीडियोग्राफी
पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल के दौरान अधिकारियों ने निर्देश दिए कि आंदोलन के दौरान अगर कोई हिंसक वारदात होती है तो उसके साथ वीडियोग्राफी की पूरी व्यवस्था होगी और हर गतिविधि की पूरी वीडियोग्राफी की जाएगी, ताकि आंदोलन को भड़काने वालों की पहचान हो सके और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सके। पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार आर्य ने बताया कि पैरामिलिट्री फोर्स की दस टुकड़ियां जिले में पहुंच चुकी हैं और उन्होंने भी अपनी-अपनी ड्यूटी सुनिश्चित कर ली है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील गांवों में हर गतिविधि पर नजर बनाए रखने के आदेश दिए हैं। डयूटी मैजिस्ट्रेट के साथ पुलिस पार्टी लगाई गई है, जिसमें एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को तैनात किया गया है। ये ड्यूटी मैजिस्ट्रेट अन्य अधिकारियों के साथ तारतम्य बनाए रखेंगे और स्थिति के हिसाब से अपने विवेक से निर्णय लेते हुए स्थिति से निपटेंगे।
अखिल भारतीय आरक्षण संघर्ष समिति को सशर्त झांझ में रैली व धरने की अनुमति दी गई है। समिति ने शांतिपूर्वक रैली व धरना देने का आश्वासन दिया है। अगर इस दौरान कोई अनहोनी घटना होती है, तो इसके लिए आयोजनकर्ता पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे। अगर कोई शांति व्यवस्था भंग करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमलब में लाई जाएगी।
- विनय सिंह, डीसी
जींद।
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इन शर्तों पर दी आंदोलन की अनुमति
1. जिला प्रशासन की शर्तों के अनुसार धरना सड़क से 200 मीटर की दूरी पर होगा और जिस जगह धरना आयोजित किया जाएगा, उसकी अनुमति संबंधित जमीन के मालिक से संघर्ष समिति को अपने स्तर पर लेनी होगी।
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2. संघर्ष समिति द्वारा स्थान की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए ही धरना स्थल पर लोगों को बुलाया जाएगा। जो लोग धरने में शामिल होंगे। वे अपना धरना शांति पूर्ण चलाएंगे और कानून व्यवस्था बनाए रखने में जिला प्रशासन का सहयोग करेंगे।
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3. यदि धरना किसी समय उग्र होता है और उससे किसी भी प्रकार की संपत्ति को नुकसान होता है, तो इसके लिए इस आयोजन के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी जिम्मेदार होंगे।
4. किसी की जानमाल या संपत्ति का नुकसान होता है, तो इसकी भरपाई के लिए आयोजक निजी तौर पर जिम्मेदार होंगे।
5. किसी भी अवस्था में सड़क मार्ग अवरुद्ध नहीं करेंगे और यह व्यवस्था करना उनकी निजी जिम्मेदारी होगी कि यातायात किसी भी तरह से बाधित न हो।
6. जिले में धारा 144 लागू है। धरना स्थल पर आयोजक किसी भी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र धरना स्थल पर लेकर नहीं आएंगे।
7. धरने व रैली के दौरान ऐसा कोई भाषण नहीं देंगे, जिससे किसी जाति, धर्म या वर्ग विशेष की भावनाओं को ठेस पंहुचे।
26 ड्यूटी मैजिस्ट्रेट नियुक्त
आरक्षण आंदोलन के दौरान जिले में शांति व्यवस्था कायम रखने के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा पूरे जिले को विभिन्न हिस्सों में बांटकर प्रत्येक जोन के लिए एक-एक ड्यूटी मैजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया गया है। जिलाधीश विनय सिंह ने जिला के 26 वरिष्ठ अधिकारियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस विभाग के अधिकारी तथा पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की गई है। डीसी विनय सिंह ने शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के प्रबंध किए गए हैं। डीसी ने अधिकारियों की बैठक के दौरान कहा कि अगर किसी ड्यूटी मजिस्ट्रेट को अतिरिक्त फोर्स की आवश्यकता पड़े, तो वे तुरंत सूचित कर दें, उन्हें तुरंत पर्याप्त फोर्स उपलब्ध करवाई जाएगी।
अधिकारियों- पुलिस और सेना ने की मॉक ड्रिल
आंदोलन के दौरान किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए शनिवार को पुलिस लाइन प्रांगण में पुलिस अधिकारियों, ड्यूटी मजिस्ट्रेटों और पैरामिलट्री फोर्स की मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। एएसपी वसीम अकरम ने आरक्षण आंदोलन को लेकर जिन अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें आरक्षण आंदोलन से निपटने के लिए आवश्यक टिप्स दिए। लगभग दो घंटे तक चले इस मॉक ड्रिल कार्यक्रम में एएसपी ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को हथियारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिला में अवैध शराब व हथियार किसी भी सुरत में प्रवेश न हो, इसके लिए सभी सुरक्षा टीमों को संदिग्ध वाहनों व व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसक गतिविधियों को कंट्रोल करने के लिए पुलिस विभाग के पास नवीनतम तकनीक के हथियार पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं। इन हथियारों के बारे में भी पुलिस विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया है। मॉक ड्रिल में नरवाना तथा सफीदों के एसडीएम बीर सिंह व बलराज जाखड़ समेत सभी डयूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस एवं पैरामिलिट्री फोर्स के अधिकारी मौजूद रहे।
जिले में पैरामिलिट्री की 10 टुकड़ियां तैनात
एएसपी वसीम अकरम ने बताया कि सभी सुरक्षा टीमों ने अपनी-अपनी ड्यूटी संभाल ली है। जिले में पैरामिलिट्री फोर्स की 10 कंपनियां आई हैं। ये कंपनियां जींद, जुलाना, अलेवा, पिल्लूखेड़ा, सफीदों, उचाना, नरवाना में तैनात की गई हैं। जींद के सैनी धर्मशाला, सफीदों की जाट धर्मशाला समेत ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित करके फोर्स तैनात की गई है, जहां फरवरी माह में आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसक घटनाएं हुई थी। उन्होंने जिलावासियों से अपील की है कि वे निर्भिक रहें। अगर उन्हे कहीं भी असामाजिक गतिविधि का आभास हो, तो इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन को देकर जिला में शांति व्यवस्था कायम रखने में अपना अति महत्वपूर्ण योगदान दें।
हर गतिविधि की होगी वीडियोग्राफी
पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल के दौरान अधिकारियों ने निर्देश दिए कि आंदोलन के दौरान अगर कोई हिंसक वारदात होती है तो उसके साथ वीडियोग्राफी की पूरी व्यवस्था होगी और हर गतिविधि की पूरी वीडियोग्राफी की जाएगी, ताकि आंदोलन को भड़काने वालों की पहचान हो सके और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सके। पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार आर्य ने बताया कि पैरामिलिट्री फोर्स की दस टुकड़ियां जिले में पहुंच चुकी हैं और उन्होंने भी अपनी-अपनी ड्यूटी सुनिश्चित कर ली है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील गांवों में हर गतिविधि पर नजर बनाए रखने के आदेश दिए हैं। डयूटी मैजिस्ट्रेट के साथ पुलिस पार्टी लगाई गई है, जिसमें एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को तैनात किया गया है। ये ड्यूटी मैजिस्ट्रेट अन्य अधिकारियों के साथ तारतम्य बनाए रखेंगे और स्थिति के हिसाब से अपने विवेक से निर्णय लेते हुए स्थिति से निपटेंगे।
अखिल भारतीय आरक्षण संघर्ष समिति को सशर्त झांझ में रैली व धरने की अनुमति दी गई है। समिति ने शांतिपूर्वक रैली व धरना देने का आश्वासन दिया है। अगर इस दौरान कोई अनहोनी घटना होती है, तो इसके लिए आयोजनकर्ता पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे। अगर कोई शांति व्यवस्था भंग करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमलब में लाई जाएगी।
- विनय सिंह, डीसी
जींद।