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दिव्यांगों के प्रति बने समाज का नकारात्मक भाव दूर करना जरूरी : रघुवीर सिंह
Sun, 10 Dec 2023 11:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 10 Dec 2023 11:48 PM IST
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जींद। दिव्यांगों को समावेशी शिक्षा देने में अनेक चुनौतियां हैं। पहले इनका समाधान करना होगा तभी समावेशी शिक्षा का फायदा हो सकेगा। यह बात विशेष शिक्षा विशेषज्ञ रघुवीर सिंह ने रविवार को भिवानी रोड स्थित दर्पण रिहैबिलिटेशन एंड रिसर्च सेंटर में आयोजित समावेशी शिक्षा क्रियांवयन कार्यक्रम के समापन पर कही। तीन दिवसीय जोनल स्तरीय कार्यक्रम में विशेष शिक्षा विशेषज्ञों ने समावेशी शिक्षा के क्रियांवयन पर मंथन किया गया। राजस्थान से आए रिसोर्स पर्सन रघुवीर सिंह ने कहा कि शिक्षा के समावेशीकरण के अनुसार विशेष शैक्षणिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सामान्य और दिव्यांग विद्यार्थी को समान शिक्षा प्राप्ति के अवसर मिलने चाहिए। सामान्य शिक्षक को सामान्य बच्चों के साथ दिव्यांग बच्चों के शिक्षण में परेशानी आती है क्योंकि उन्हें विशेष शिक्षण का ज्ञान नहीं होता है। वहीं लोगों की सामाजिक मनोवृत्ति ही ऐसी है कि दिव्यांग बच्चे को नकारात्मक भाव से देखते हैं। रिसोर्स पर्सन दीप्ति कौशिक ने कहा कि समावेशित शिक्षा व्यवस्था के लिए आवश्यक है कि स्कूल पाठ्यक्रम, बच्चों की अभिवृत्तियों, मनोवृत्तियों, आकांशाओं तथा क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए निर्धारित किया जाना चाहिए। रिसोर्स पर्सन सुमन, महावीर सिंह, मुकेश कुमार और अक्षय शर्मा ने भी समावेशी शिक्षा के अलग-अलग पहलुओं पर व्याख्यान दिया। संस्थान निदेशक डॉ. आशुतोष और कोऑर्डिनेटर देवेंद्र अहलावत ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर डॉ. राजेश्वर, अर्चना, जयपाल, भुवनेश सक्सेना, राजबीर सिंह, सहायक प्रो. डॉ. नरेंद्र सिंह, लेक्चरर मीनू शर्मा, रितु, अंसुल, रितेश दीक्षित, साइकोलॉजिस्ट डॉ. विपुल मौजूद रहे।
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