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मेडिकल वेस्ट को नियमानुसार रखने, रिकॉड मेंटेन करने के दिए निर्देश
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नागरिक अस्पताल में आई एनक्यूएस की टीम डॉ. राजेश भोला के साथ व्यवस्थाओं को लेकर बात करते हुए। संवा?
- फोटो : Jind
जींद। जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल की क्वालिटी स्टैंडर्ड जांचने के लिए वीरवार को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएएस) टीम के सदस्य डॉ. वीरेंद्र अहलावत व राज्य एमईओ सुनील वर्मा पहुंचे। टीम ने आपरेशन थियेटर, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, आपातकालीन विभाग और ओपीडी व वार्डों का दौरा किया और अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। टीम को जांच के दौरान कई जगह अस्पताल में खामियां मिली, जिन्हें दूर करने के दिशा-निर्देश दिए गए। गायनी वार्ड में रखे गए डस्टबिन में मेडिकल वेस्ट को लेकर ध्यान रखने व रजिस्टर मेंटेन रखने के भी निर्देश दिए गए।
टीम ने दवा खिड़की को जांचा तो यहां पाया कि यहां दवाइयों को उचित ढंग से नहीं रखा गया था। कहीं दवाइयां ऊपर थी तो कहीं नीचे थी। इसके अलावा रैकों में बैग रखे हुए थे। जिसके चलते मरीजों की लाइनें लग रही थीं और मरीजों को दवा लेने के लिए भी काफी समय लग रहा था। टीम ने यहां दवाओं को लेकर व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। टीम जब लेबर रूम पहुंची तो यहां बायो मेडिकल वेस्ट ठीक ढंग से नहीं रखा गया था। जिस पर टीम ने बायो मेडिकल वेस्ट को नियमानुसार रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा यहां रखा रजिस्टर भी मेंटेन नहीं था। जिस पर टीम ने रजिस्टर को भी मेंटेन रखने की बात कही। रजिस्टर में चार तरह की एंट्री होती हैं, लेकिन केवल दो तरह की एंट्री ही यहां दर्ज की जा रही थी। इसके बाद एनसीडी के तहत दी जाने वाली सुविधाओं की जांच की तो टीम को बीपी, शुगर का रिकार्ड तो मिला लेकिन गंभीर बीमारियों रिकार्ड नहीं मिला। टीम ने पूरा दिन अस्पताल का दौरान व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नागरिक अस्पताल जींद की तरफ से टीम के साथ सुनीता व गीता साथ रहे।
अस्पताल में स्वच्छता पर रहा फोकस
एनक्यूएएस की टीम के दौरे को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली थी। अपने दौरे के दौरान टीम ने अस्पताल के आपरेशन थियेटरए स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, आपातकालीन विभाग और ओपीडी आदि के अलावा अस्पताल में साफ -सफाई का भी गहनता से निरीक्षण किया गया। टीम में शामिल चिकित्सकों ने बताया कि नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड अस्पतालों में मिलने वाली सुविधाओं, सफाई व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, डाक्टरों की संख्या आदि के आधार पर अस्पतालों का सर्टिफि केट देती है। इसके होने के बाद अस्पतालों को अपने आपको उनके स्टैंडर्ड के हिसाब से मेंटेन भी करना पड़ता है। क्लीनिकल सेवाएं, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टाफ , पेशेंट, वेटिंग एरिया, अस्पताल में वेंटिलेशन, प्रति बेड डाक्टर और नर्स की संख्या, ओटी में तीन अलग-अलग जोन हैं या नहीं, एयर फि ल्टर, तापमान, इंफेक्शन कंट्रोल के उपाय, आपरेशन में प्रोटोकाल का पालन, डाक्टर व स्टाफ को इंफेक्शन कंट्रोल के बारे में जानकारी, मरीज को इलाज में कितना समय लगा आदि बिंदुओं पर आंकलन करने के बाद ही मूल्यांकन दल द्वारा अंक दिए जाते हैं।
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एनक्यूएएस की टीम ने वीरसर को अस्पताल का दौरा कर अस्पताल की व्यवस्थाओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट तैयार की है। अस्पताल में जो खामियां बताई गई हैं, उन्हें निकट भविष्य में दूर किया जाएगा, ताकि अस्पताल प्रशासन व मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी अस्पताल में न हो।
-डॉ. राजेश भोला डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल।
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टीम ने दवा खिड़की को जांचा तो यहां पाया कि यहां दवाइयों को उचित ढंग से नहीं रखा गया था। कहीं दवाइयां ऊपर थी तो कहीं नीचे थी। इसके अलावा रैकों में बैग रखे हुए थे। जिसके चलते मरीजों की लाइनें लग रही थीं और मरीजों को दवा लेने के लिए भी काफी समय लग रहा था। टीम ने यहां दवाओं को लेकर व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। टीम जब लेबर रूम पहुंची तो यहां बायो मेडिकल वेस्ट ठीक ढंग से नहीं रखा गया था। जिस पर टीम ने बायो मेडिकल वेस्ट को नियमानुसार रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा यहां रखा रजिस्टर भी मेंटेन नहीं था। जिस पर टीम ने रजिस्टर को भी मेंटेन रखने की बात कही। रजिस्टर में चार तरह की एंट्री होती हैं, लेकिन केवल दो तरह की एंट्री ही यहां दर्ज की जा रही थी। इसके बाद एनसीडी के तहत दी जाने वाली सुविधाओं की जांच की तो टीम को बीपी, शुगर का रिकार्ड तो मिला लेकिन गंभीर बीमारियों रिकार्ड नहीं मिला। टीम ने पूरा दिन अस्पताल का दौरान व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नागरिक अस्पताल जींद की तरफ से टीम के साथ सुनीता व गीता साथ रहे।
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अस्पताल में स्वच्छता पर रहा फोकस
एनक्यूएएस की टीम के दौरे को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली थी। अपने दौरे के दौरान टीम ने अस्पताल के आपरेशन थियेटरए स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, आपातकालीन विभाग और ओपीडी आदि के अलावा अस्पताल में साफ -सफाई का भी गहनता से निरीक्षण किया गया। टीम में शामिल चिकित्सकों ने बताया कि नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड अस्पतालों में मिलने वाली सुविधाओं, सफाई व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, डाक्टरों की संख्या आदि के आधार पर अस्पतालों का सर्टिफि केट देती है। इसके होने के बाद अस्पतालों को अपने आपको उनके स्टैंडर्ड के हिसाब से मेंटेन भी करना पड़ता है। क्लीनिकल सेवाएं, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टाफ , पेशेंट, वेटिंग एरिया, अस्पताल में वेंटिलेशन, प्रति बेड डाक्टर और नर्स की संख्या, ओटी में तीन अलग-अलग जोन हैं या नहीं, एयर फि ल्टर, तापमान, इंफेक्शन कंट्रोल के उपाय, आपरेशन में प्रोटोकाल का पालन, डाक्टर व स्टाफ को इंफेक्शन कंट्रोल के बारे में जानकारी, मरीज को इलाज में कितना समय लगा आदि बिंदुओं पर आंकलन करने के बाद ही मूल्यांकन दल द्वारा अंक दिए जाते हैं।
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एनक्यूएएस की टीम ने वीरसर को अस्पताल का दौरा कर अस्पताल की व्यवस्थाओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट तैयार की है। अस्पताल में जो खामियां बताई गई हैं, उन्हें निकट भविष्य में दूर किया जाएगा, ताकि अस्पताल प्रशासन व मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी अस्पताल में न हो।
-डॉ. राजेश भोला डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल।