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Jind News: हर त्योहार पर बाजार में बढ़ती भीड़, पार्किंग की व्यवस्था नहीं कर पाया प्रशासन
Tue, 24 Oct 2023 01:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 24 Oct 2023 01:21 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। शहर में पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण हर वर्ष मर्ज बढ़ता जा रहा है। खासकर त्योहारी सीजन में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। त्योहार के समय तो बाजार में जाम लगता रहता है। पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग अपने खासकर दुपहिया वाहन को साथ ले जाते हैं, जिस कारण जाम लग जाता है। लोगों कई-कई घंटे जाम में फंसकर रह जाते हैं। जाम लगने के कारण दुकानदारों का कार्य भी प्रभावित होता है। हर बार पार्किंग की योजना बनती है, लेकिन आज तक यह योजना धरातल पर नहीं उतरी। पिछले वर्ष भी खुद डीसी ने बाजार का मुआयना किया था और पांच स्थानों पर अस्थाई पार्किंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे, लेकिन आज तक यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। इसका खामियाजा बाजार की भीड़ में परेशान होने वाले लोगों व दुकानदारों को भुगतना पड़ रहा है।
शहर में शिव चौक से लेकर शहर थाना तक लगभग एक किलोमीटर लंबी 17 फुट चौड़ी सड़क के दोनों तरफ दुकानें हैं। यह मैन बाजार के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा पालिका बाजार भी पुरानी कचहरी के आसपास विकसित है। यहां पर सड़कों की चौड़ाई बहुत कम होने के कारण व लोगों की भीड़ अधिक होने से जाम लगता रहता है। पार्किंग नहीं होने के कारण लोग अपने दुपहिया वाहन को बाजार में ले जाते हैं, जो जाम का मुख्य कारण बनते हैं। पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगाें को अपने वाहन चोरी होने का भी डर सताता रहता है। यदि पार्किंग की व्यवस्था हो तो लोग बिना डर के पार्किंग में अपने वाहन खड़े कर सकते हैं। सड़क पर कुछ तो दुकानदार अतिक्रमण कर लेते हैं तथा कुछ दुपहिया वाहन के कारण परेशानी आती है।
बॉक्स
हर वर्ष बनती है पार्किंग की योजना
त्योहार के सीजन में प्रशासन तथा नगर परिषद को पार्किंग की योजना की याद आती है। यह योजना हर वर्ष बनाई जाती है, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं होता। पिछले वर्ष तत्कालीन डीसी तथा एसपी ने खुद बाजार का दौरा करके अस्थाई पार्किंग बनाने के नगर परिषद के निर्देश दिए थे, लेकिन यह आदेश हवा-हवाई साबित हुए और पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई।
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गुरुद्वारा के पास खाली पड़ी जमीन में पार्किंग की व्यवस्था की जा सकती है। इससे लोगाें तथा दुकानदारों को काफी राहत मिलेगी। बाजार के अंदर वाहन नहीं जाने से जाम लगने से बचा जा सकता है।
-- सुनील वशिष्ठ, दुकानदार
शहर में पार्किंग की व्यवस्था नहीं होना बहुत बड़ी समस्या है। पुराने बस स्टैंड, गुरुद्वारा के पास खाली पड़ी जमीन, देवीलाल चौक पर बने अंडरपास के पास तथा रामराय गेट के पास पार्किंग की व्यवस्था की जा सकती है। आज तक पार्किंग व्यवस्था मौखिक आदेशों से आगे नहीं बढ़ पाई है।
-- राजकुमार गोयल, व्यवसायी।
बाजार में लोग अपने वाहन नहीं ले जा सकें, इसके लिए पुलिस ने बाजार के चारों तरफ नाकों की व्यवस्था की है। बाजार में गश्त भी बढ़ाई गई है। बाजार के बीच में पुलिस कर्मचारियों को पैदल गश्त के निर्देश दिए गए हैं।
-- सुमित कुमार, पुलिस अधीक्षक।
फिलहाल नगर परिषद को अस्थायी पार्किंग के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही जगह की तलाश करके स्थायी पार्किंग की व्यवस्था भी करवाई जाएगी। भीड़ को देखते हुए लोगाें को अपने वाहन बाजार में नहीं ले जाने चाहिए।
-- मोहम्मद इमरान रजा, डीसी।
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जींद। शहर में पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण हर वर्ष मर्ज बढ़ता जा रहा है। खासकर त्योहारी सीजन में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। त्योहार के समय तो बाजार में जाम लगता रहता है। पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग अपने खासकर दुपहिया वाहन को साथ ले जाते हैं, जिस कारण जाम लग जाता है। लोगों कई-कई घंटे जाम में फंसकर रह जाते हैं। जाम लगने के कारण दुकानदारों का कार्य भी प्रभावित होता है। हर बार पार्किंग की योजना बनती है, लेकिन आज तक यह योजना धरातल पर नहीं उतरी। पिछले वर्ष भी खुद डीसी ने बाजार का मुआयना किया था और पांच स्थानों पर अस्थाई पार्किंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे, लेकिन आज तक यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। इसका खामियाजा बाजार की भीड़ में परेशान होने वाले लोगों व दुकानदारों को भुगतना पड़ रहा है।
शहर में शिव चौक से लेकर शहर थाना तक लगभग एक किलोमीटर लंबी 17 फुट चौड़ी सड़क के दोनों तरफ दुकानें हैं। यह मैन बाजार के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा पालिका बाजार भी पुरानी कचहरी के आसपास विकसित है। यहां पर सड़कों की चौड़ाई बहुत कम होने के कारण व लोगों की भीड़ अधिक होने से जाम लगता रहता है। पार्किंग नहीं होने के कारण लोग अपने दुपहिया वाहन को बाजार में ले जाते हैं, जो जाम का मुख्य कारण बनते हैं। पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगाें को अपने वाहन चोरी होने का भी डर सताता रहता है। यदि पार्किंग की व्यवस्था हो तो लोग बिना डर के पार्किंग में अपने वाहन खड़े कर सकते हैं। सड़क पर कुछ तो दुकानदार अतिक्रमण कर लेते हैं तथा कुछ दुपहिया वाहन के कारण परेशानी आती है।
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हर वर्ष बनती है पार्किंग की योजना
त्योहार के सीजन में प्रशासन तथा नगर परिषद को पार्किंग की योजना की याद आती है। यह योजना हर वर्ष बनाई जाती है, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं होता। पिछले वर्ष तत्कालीन डीसी तथा एसपी ने खुद बाजार का दौरा करके अस्थाई पार्किंग बनाने के नगर परिषद के निर्देश दिए थे, लेकिन यह आदेश हवा-हवाई साबित हुए और पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई।
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गुरुद्वारा के पास खाली पड़ी जमीन में पार्किंग की व्यवस्था की जा सकती है। इससे लोगाें तथा दुकानदारों को काफी राहत मिलेगी। बाजार के अंदर वाहन नहीं जाने से जाम लगने से बचा जा सकता है।
शहर में पार्किंग की व्यवस्था नहीं होना बहुत बड़ी समस्या है। पुराने बस स्टैंड, गुरुद्वारा के पास खाली पड़ी जमीन, देवीलाल चौक पर बने अंडरपास के पास तथा रामराय गेट के पास पार्किंग की व्यवस्था की जा सकती है। आज तक पार्किंग व्यवस्था मौखिक आदेशों से आगे नहीं बढ़ पाई है।
बाजार में लोग अपने वाहन नहीं ले जा सकें, इसके लिए पुलिस ने बाजार के चारों तरफ नाकों की व्यवस्था की है। बाजार में गश्त भी बढ़ाई गई है। बाजार के बीच में पुलिस कर्मचारियों को पैदल गश्त के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल नगर परिषद को अस्थायी पार्किंग के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही जगह की तलाश करके स्थायी पार्किंग की व्यवस्था भी करवाई जाएगी। भीड़ को देखते हुए लोगाें को अपने वाहन बाजार में नहीं ले जाने चाहिए।