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Jind News: छात्राओं से छेड़छाड़ मामले में स्टाफ पर भी गिर सकती है गाज
Thu, 16 Nov 2023 11:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 16 Nov 2023 11:57 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। उचाना के एक सरकारी स्कूल में छात्राओं द्वारा प्राचार्य पर लगाए गए यौन शोषण और छेड़छाड़ के आरोप के मामले की जांच अब उच्चतर शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी है। वीरवार को विभाग की अतिरिक्त निदेशक एचसीएस अधिकारी अमृता सिवाच और दो महिला संयुक्त निदेशकों की टीम राजकीय स्कूल उचाना में पहुंची। टीम ने एक-एक करके सभी पीड़ित छात्राओं और उनके परिजनों से बंद कमरे में करीब छह घंटे तक बातचीत की।
स्कूल के कुछ स्टाफ पर भी उंगली उठी है, अब उन पर भी गाज गिर सकती है। वहीं जांच में सामने आया कि प्राचार्य के इस कृत्य में स्टाफ की एक शिक्षिका का भी हाथ रहा है। इस शिक्षिका ने छात्राओं को बरगलाने का भी प्रयास किया था। टीम अपनी रिपोर्ट निदेशालय को सौंपेगी। इसके बाद इसमें आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुबह शिक्षा विभाग की तीन सदस्यीय टीम अतिरिक्त निदेशक अमृता सिवाच की अध्यक्षता में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंची। यहां जिला शिक्षा अधिकारी ज्योति श्योकंद से मामले की जानकारी ली। इसके बाद टीम सुबह 11 बजे उचाना के सरकारी स्कूल में पहुंची। अब तक शिक्षा विभाग को अपनी जांच में जो तथ्य मिले हैं, उन्हें जांच टीम ने हासिल किया। टीम ने सभी पीड़ित छात्राओं से बंद कमरे में एक-एक करके बातचीत की। छात्राओं के परिजन भी मौजूद रहे। टीम ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। बॉक्स
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स्टाफ में हड़कंप की रही स्थिति
जब टीम सरकारी स्कूल में पहुंची तो यहां स्टाफ में हड़कंप मच गया। यहां से एक अध्यापक का तबादला हो चुका है, उस पर भी आरोप हैं कि वह स्टाफ को धमकी दे रहा है। यह अध्यापक ट्रांसफर के बावजूद इस स्कूल में आता-जाता रहता है, इसकी भी छात्राओं ने शिकायत दी है।
छह घंटे तक छात्राओं से बातचीत की गई है। छात्राओं को डरने की जरूरत नहीं है। छात्राओं के परिजनों और स्टाफ से भी बातचीत की गई है। वह अपनी रिपोर्ट मुख्यालय को सौपेंगी।
- अमृता सिवाच, अतिरिक्त निदेशक शिक्षा विभाग।
यौन उत्पीड़न कमेटी की रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है। टीम ने पहले जो जांच रिपोर्ट सौंपी थी, उसमें कोई टिप्पणी नहीं थी। टीम से टिप्पणी के साथ रिपोर्ट मांगी गई है। फिलहाल रिपोर्ट नहीं मिली है।
-मोहम्मद इमरान रजा, डीसी।
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जींद। उचाना के एक सरकारी स्कूल में छात्राओं द्वारा प्राचार्य पर लगाए गए यौन शोषण और छेड़छाड़ के आरोप के मामले की जांच अब उच्चतर शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी है। वीरवार को विभाग की अतिरिक्त निदेशक एचसीएस अधिकारी अमृता सिवाच और दो महिला संयुक्त निदेशकों की टीम राजकीय स्कूल उचाना में पहुंची। टीम ने एक-एक करके सभी पीड़ित छात्राओं और उनके परिजनों से बंद कमरे में करीब छह घंटे तक बातचीत की।
स्कूल के कुछ स्टाफ पर भी उंगली उठी है, अब उन पर भी गाज गिर सकती है। वहीं जांच में सामने आया कि प्राचार्य के इस कृत्य में स्टाफ की एक शिक्षिका का भी हाथ रहा है। इस शिक्षिका ने छात्राओं को बरगलाने का भी प्रयास किया था। टीम अपनी रिपोर्ट निदेशालय को सौंपेगी। इसके बाद इसमें आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सुबह शिक्षा विभाग की तीन सदस्यीय टीम अतिरिक्त निदेशक अमृता सिवाच की अध्यक्षता में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंची। यहां जिला शिक्षा अधिकारी ज्योति श्योकंद से मामले की जानकारी ली। इसके बाद टीम सुबह 11 बजे उचाना के सरकारी स्कूल में पहुंची। अब तक शिक्षा विभाग को अपनी जांच में जो तथ्य मिले हैं, उन्हें जांच टीम ने हासिल किया। टीम ने सभी पीड़ित छात्राओं से बंद कमरे में एक-एक करके बातचीत की। छात्राओं के परिजन भी मौजूद रहे। टीम ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। बॉक्स
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स्टाफ में हड़कंप की रही स्थिति
जब टीम सरकारी स्कूल में पहुंची तो यहां स्टाफ में हड़कंप मच गया। यहां से एक अध्यापक का तबादला हो चुका है, उस पर भी आरोप हैं कि वह स्टाफ को धमकी दे रहा है। यह अध्यापक ट्रांसफर के बावजूद इस स्कूल में आता-जाता रहता है, इसकी भी छात्राओं ने शिकायत दी है।
छह घंटे तक छात्राओं से बातचीत की गई है। छात्राओं को डरने की जरूरत नहीं है। छात्राओं के परिजनों और स्टाफ से भी बातचीत की गई है। वह अपनी रिपोर्ट मुख्यालय को सौपेंगी।
- अमृता सिवाच, अतिरिक्त निदेशक शिक्षा विभाग।
यौन उत्पीड़न कमेटी की रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है। टीम ने पहले जो जांच रिपोर्ट सौंपी थी, उसमें कोई टिप्पणी नहीं थी। टीम से टिप्पणी के साथ रिपोर्ट मांगी गई है। फिलहाल रिपोर्ट नहीं मिली है।
-मोहम्मद इमरान रजा, डीसी।