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बरसोला में युवक ने 11:50 बजे मालगाड़ी को रोकने का किया प्रयास तो किसानों ने हटाया, जुलाना में चार घंटे फंसी रही
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नरवाना में रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान। संवाद
- फोटो : Jind
जींद। कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जिले में चार जगह किसानों ने रेलवे ट्रैक पर धरना देकर आंदोलन किया। जुलाना में दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक दिए धरने के दौरान एक माल गाड़ी चार घंटे फंसी रही। वहीं, बरसोला से सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर एक मालगाड़ी गुजरी। इस दौरान ट्रैक के पास 12 बजे से धरना शुरू करने को पहुंचे किसानों ने उसे निकालने का इशारा किया लेकिन एक युवक ने ट्रेन के आगे आने का प्रयास किया, जिसे किसानों ने रोक लिया। इस दौरान रेलवे पुलिस पूरी तरह सतर्क रही।
गौरतलब है कि संयुक्त किसान मोर्चा ने वीरवार को रेल रोको आंदोलन का आह्वान किया था। इस पर नरवाना में बाईपास के नजदीक, खटकड़ टोल के पास बरसोला रेलवे स्टेशन के पास, जुलाना व सफीदों में किसान 12 बजे रेलवे ट्रैक पर आकर जम गए। भारी संख्या में महिलाएं भी आंदोलन में शामिल रहीं। चार घंटे तक ट्रैक पर रेलगाड़ी का परिचालन नहीं हो सका।
दिल्ली-बठिंडा व पानीपत रेलवे लाइन रही बाधित
किसानों ने तीन जगह दिल्ली बठिंडा व एक जगह सफीदों में जींद-पानीपत रेलवे लाइन पर धरना दिया। करीब चार घंटे दोनों रेलवे लाइन बाधित रही। हालांकि किसानों के धरने के समय जींद से किसी भी ट्रेन का परिचालन नहीं होता, लेकिन मालगाड़ी पर इसका असर पड़ा। किसानों ने पहले ही शांतिपूर्ण आंदोलन का एलान किया था, लेकिन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए धरना स्थलों से दूर पुलिस तैनात रही। धरनों पर खुफिया व सुरक्षा शाखा के लोग नजर बनाए हुए थे।
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ट्रेन चालक को ऑफर किया खाना व चाय
जुलाना में धरना शुरू होने के बाद जींद की तरफ से चलकर जाने वाली मालगाड़ी फंस गई। चालक ने धरने से कुछ दूरी पर ट्रेन को रोक दिया। इस दौरान किसानों ने पहले ट्रेन के चालक के पास पानी पहुंचाया, लेकिन चालक ने बताया कि उनके पास पानी की व्यवस्था है। इसके बाद खाना भी भिजवाया, लेकिन चालक ने खाना लेने से भी मना कर दिया।
कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहा आंदोलन जारी रहेगा। जैसे ही संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से जो भी आदेश आएंगे, उसके अनुसार ही आंदोलन होगा। आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा। - फूल सिंह श्योकंद, नेता संयुक्त किसान मोर्चा।
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गौरतलब है कि संयुक्त किसान मोर्चा ने वीरवार को रेल रोको आंदोलन का आह्वान किया था। इस पर नरवाना में बाईपास के नजदीक, खटकड़ टोल के पास बरसोला रेलवे स्टेशन के पास, जुलाना व सफीदों में किसान 12 बजे रेलवे ट्रैक पर आकर जम गए। भारी संख्या में महिलाएं भी आंदोलन में शामिल रहीं। चार घंटे तक ट्रैक पर रेलगाड़ी का परिचालन नहीं हो सका।
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दिल्ली-बठिंडा व पानीपत रेलवे लाइन रही बाधित
किसानों ने तीन जगह दिल्ली बठिंडा व एक जगह सफीदों में जींद-पानीपत रेलवे लाइन पर धरना दिया। करीब चार घंटे दोनों रेलवे लाइन बाधित रही। हालांकि किसानों के धरने के समय जींद से किसी भी ट्रेन का परिचालन नहीं होता, लेकिन मालगाड़ी पर इसका असर पड़ा। किसानों ने पहले ही शांतिपूर्ण आंदोलन का एलान किया था, लेकिन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए धरना स्थलों से दूर पुलिस तैनात रही। धरनों पर खुफिया व सुरक्षा शाखा के लोग नजर बनाए हुए थे।
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ट्रेन चालक को ऑफर किया खाना व चाय
जुलाना में धरना शुरू होने के बाद जींद की तरफ से चलकर जाने वाली मालगाड़ी फंस गई। चालक ने धरने से कुछ दूरी पर ट्रेन को रोक दिया। इस दौरान किसानों ने पहले ट्रेन के चालक के पास पानी पहुंचाया, लेकिन चालक ने बताया कि उनके पास पानी की व्यवस्था है। इसके बाद खाना भी भिजवाया, लेकिन चालक ने खाना लेने से भी मना कर दिया।
कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहा आंदोलन जारी रहेगा। जैसे ही संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से जो भी आदेश आएंगे, उसके अनुसार ही आंदोलन होगा। आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा। - फूल सिंह श्योकंद, नेता संयुक्त किसान मोर्चा।

रेलवे ट्रैक पर गाड़ी खड़ी कर विरोध जताते जिला पार्षद अमित निडानी। अमर उजाला- फोटो : Jind

बरसोला रेलवे स्टेशन पर शहीद भगत सिंह के फोटो के साथ प्रदर्शन करते युवा। अमर उजाला- फोटो : Jind