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रोडवेज डिपो से बस निकालने का प्रयास कर रहे अधिकारियों का कर्मचारियों ने किया विरोध, हुई कहासुनी

Wed, 08 Jan 2020 11:45 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jan 2020 11:45 PM IST
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imployees protest against officials trying to take bus out of roadways depot
जींद रोडवेज डिपो में बस नहीं मिलने पर बाहर वाहन की तलाश करते यात्री। - फोटो : Jind
कर्मचारी संगठनों और ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का जिले में मिलाजुला असर रहा। रोडवेज की सेवा बाधित रही, लेकिन रोडवेज की कुछ बसों व सहकारी समितियों की बसों के चलने से यात्रियों को काफी राहत मिली। दोपहर 12 बजे रोडवेज महाप्रबंधक व कर्मचारी नेताओं के बीच बातचीत होने के बाद कर्मचारियों ने तीन बजे हड़ताल समाप्त कर दी। इसके बाद बसों का परिचालन सामान्य हो गया। वहीं अन्य विभागों में कर्मचारी हड़ताल पर तो रहे, लेकिन वहां लोगों के सामान्य काम होते रहे।
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हड़ताल के एलान के बीच रोडवेज महाप्रबंधक बिजेंद्र सिंह व डीएसपी कप्तान सिंह भारी पुलिस बल के साथ सुबह साढ़े तीन बजे बस स्टैंड पर पहुंचे। इस दौरान सुबह चार बजे मथुरा के लिए बस निकाली गई। इसके बाद चंडीगढ़ के लिए बस निकाली जानी थी। इस पर कुछ कर्मचारियों ने बस चला रहे चालकों व परिचालकों को उतारने का प्रयास किया। इस दौरान रोडवेज अधिकारियों व कर्मचारियों के बीच कहासुनी भी हुई। इसके बाद रोडवेज कर्मचारियों ने बस स्टैंड के अंदर ही धरना शुरू कर दिया। दोपहर 12 बजे तक जींद डिपो से पांच बसें निकल सकीं। दोपहर दो बजे तक नौ बस चलीं। दोपहर बाद तीन बजे कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की तो डिपो से कुल 27 बसें चलाई गईं। बुधवार को हड़ताल के चलते जिले की 165 में से 67 बसें ही चल पाईं। इनसे दिनभर में 109 रोटेशन बने हैं।
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निजी वाहनों की हुई चांदी
हड़ताल के चलते निजी बस और अन्य वाहन चालकों की चांदी रही। बस स्टैंड पर निजी बस बिना अपने समय से ही यात्रियों को भरती रही। वहीं बस स्टैंड के पास से ही अन्य वाहन भी बेरोकटोक यात्रियों को वाहनों में बैठाते रहे।
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बारिश के कारण कम लोग निकले
बुधवार को सुबह से ही हल्की बारिश व पहले से ही हड़ताल के बारे में जानकारी होने के कारण लोग घरों से कम निकले। इसके चलते दिन में बस स्टैंड पर अधिक भीड़ नहीं हुई, हालांकि यात्रियों को बस के लिए इंतजार करना पड़ा, पर सभी रूटों पर निजी बस चलने से कुछ राहत मिली।
मजदूर और कर्मचारी संगठनों ने किया प्रदर्शन
हड़ताल के चलते सीटू, इंटक, सर्व कर्मचारी संघ, जन संघर्ष मंच, मनरेगा मजदूर, खेत मजदूर, स्कीम वर्कर, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी, मिड-डे मील सहित अन्य कर्मचारी संगठनों ने प्रदर्शन किया। सुबह 11 बजे से ही यह लोग नेहरू पार्क में एकत्रित हुए और इसके बाद प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां मांगों का ज्ञापन एसडीएम सत्यवान मान को दिया। इस दौरान सीटू के राज्य उपाध्यक्ष कामरेड रमेश चंद्र ने कहा कि सरकार श्रमिकों को उनकी किसी भी मांग पर आश्वासन देने में विफल रही है। माकपा के राज्य सचिव कामरेड सुरेंद्र मलिक ने कहा कि जुलाई 2015 से एक भी भारतीय श्रम सम्मेलन का आयोजन नहीं हुआ है। सरकार 44 श्रम कानूनों को खत्म करके इसके चार लेबर कोड बना रही है। इनमें से दो को तो संसद में पास भी किया जा चुका है। यह लेबर कोड मजदूरों के खिलाफ और मालिकों के हक में बनाए गए हैं।
जुलाना में राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर विभिन्न संगठनों ने किया प्रदर्शन
राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भाग लेते हुए जुलाना में मांगों को लेकर सर्व कर्मचारी संघ, मिड-डे मील, आशा वर्कर, भवन निर्माण कामगार यूनियन, मनरेगा यूनियन, ग्रामीण सफाई कर्मचारी, नगरपालिका कर्मचारी, रिटायर्ड कर्मचारी, किसान मजदूर यूनियन, खेत मजदूर यूनियन समेत सभी कर्मचारियों ने कस्बे में प्रदर्शन किया। रिटायर्ड कर्मचारी संघ के ब्लॉक प्रधान ईश्वर ठाकुर, सीटू के उप-प्रधान सुरेश करसोला, सीटू सचिव दीनदयाल, सर्व कर्मचारी संघ के ब्लॉक प्रधान राजेंद्र करसोला, सफाई कर्मचारी प्रधान जूनियर, ग्रामीण सफाई कर्मचारी प्रधान ईश्वर बुआना, सर्व कर्मचारी संघ के मुख्य सलाहाकर कर्मबीर लाडवाल, आशा वर्कर की ब्लॉक प्रधान सतवंती, खेत मजदूर यूनियन के जिला उपप्रधान सूरजभान ने कहा कि सरकार सभी विभागों का निजीकरण कर रोजगार खत्म करना चाहती है।

सफीदों में मिलाजुला रहा असर
ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर बुधवार को घोषित भारत बंद का सफीदों में मिलाजुला असर रहा। कुछ कर्मचारी ड्यूटी पर रहे। दफ्तरों के बाहर पुलिस तैनात रही। राजकीय परिवहन की बसें चलती रहीं। बिजली विभाग के कर्मचारी ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारी यूनियन प्रधान पंकज भाटिया की अध्यक्षता में बिजली घर प्रांगण में धरना दिया। विभाग के 178 पक्के कर्मचारियों में से 52 कर्मचारी, डीसी रेट पर लगे कुल 30 कर्मचारियों में से 2 व ठेकेदार के 64 कर्मचारियों में से 25 हड़ताल पर रहे। जन स्वास्थ्य विभाग के 63 पक्के कर्मचारियों में से 50 हड़ताल पर रहे तो ट्रंप अपॉइंटमेंट 10 कर्मचारियों में से सभी ड्यूटी पर रहे। मजदूर संघ, सीपीआईएम, भीम आर्मी व भारतीय एकता मिशन के कार्यकर्ता राधेश्याम व सुखदेव मेहरा के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन के बाहर धरना दिया।

 जींद बस स्टैंड पर नारेबाजी करते कर्मचारी।

जींद बस स्टैंड पर नारेबाजी करते कर्मचारी।- फोटो : Jind

जींद बस स्टैंड पर बस का इंतजार करते यात्री।

जींद बस स्टैंड पर बस का इंतजार करते यात्री।- फोटो : Jind

हड़ताल के दौरान जींद बस स्टैंड पर बस आने पर उसमें चढ़ने के लिए संघर्ष करते यात्री।

हड़ताल के दौरान जींद बस स्टैंड पर बस आने पर उसमें चढ़ने के लिए संघर्ष करते यात्री।- फोटो : Jind

 राष्ट्रीय व्यापी हड़ताल में शामिल होकर प्रदर्शन करते इंटक, एटक और सीटू उचाना के कार्यकर्ता।

राष्ट्रीय व्यापी हड़ताल में शामिल होकर प्रदर्शन करते इंटक, एटक और सीटू उचाना के कार्यकर्ता।- फोटो : Jind

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