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10 दिन तक मरीज का ऑपरेशन नहीं हुआ तो लोगों ने दिया धरना
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नागरिक अस्पताल में धरना देते साहिल के परिजन व अन्य लोग। संवाद।
- फोटो : Jind
जींद। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना को लेकर अधिकारी कितना संजीदा है इसका उदाहरण सोमवार को देखने को मिला।
दरअसल, तीन सितंबर को गांव जलालपुर कलां निवासी साहिल को पांव में फ्रैक्चर होने के कारण अस्पताल में दाखिल करवाया गया था लेकिन 10 दिन तक उसके पांव का ऑपरेशन नहीं हुआ। वे आयुष्मान भारत योजना के तहत ऑपरेशन करवाना चाहते थे। इस योजना के तहत मरीज को ऑपरेशन करवाने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को मंजूरी लेनी पड़ती है। यह मंजूरी मिलने में ही समय लग गया। सोमवार को लोगों ने नागरिक अस्पताल के सामने धरना दिया तो चिकित्सक ने ऑपरेशन कर दिया।
साहिल के चाचा गांव जलालपुर कलां निवासी राजेश कुमार ने बताया कि 31 अगस्त को साहिल अपने जींद से अपने गांव जा रहा था। रेलवे रोड के पास उसकी बाइक गिर गई, जिस कारण उसके पांव में फ्रैक्चर हो गया। उसे तुरंत नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया। यहां चिकित्सक ने ऑपरेशन करने की बात कही। राजेश कुमार ने बताया कि उनका आयुष्मान कार्ड बना हुआ। इसके आधार पर ही वह ऑपरेशन करवाना चाहते थे। तीन सितंबर को उन्होंने इस योजना का लाभ लेने के लिए सभी कागजात अस्पताल प्रशासन को सौंप दिए। इसके बाद अस्पताल प्रशासन की तरफ से कहा गया कि एक-दो दिन में इसकी मंजूरी मिल जाएगी, उसके बाद ऑपरेशन किया जाएगा। दस दिन बाद भी ऑपरेशन के लिए मंजूरी नहीं मिली तो परेशान होकर परिजनों ने सोमवार को नागरिक अस्पताल में गेट पर धरना शुरू कर दिया।
परिजनों का कहना था कि वह इस मामले को लेकर सिविल सर्जन तथा प्रधान चिकित्सा अधिकारी से भी मिले, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। धरने के बाद सोमवार को चिकित्सकों ने ऑपरेशन किया। धरने को पालाराम, अशोक कुमार, सुशीला, धोली, कपूर सिंह, खटकड़ के पूर्व सरपंच भरत सिंह ने भी संबोधित किया।
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चिकित्सक बोले - प्रक्रिया में एक-दो दिन का लग जाता है समय
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. संतलाल ने कहा कि शनिवार को दो बड़े ऑपरेशन किए गए थे। इसलिए समय नहीं लगा, नहीं तो शनिवार को ही ऑपरेशन हो जाता। रविवार को छुट्टी थी। सोमवार को सुबह आते ही ऑपरेशन कर दिया गया। आयुष्मान भारत योजना का लाभ लेने के लिए कुछ प्रक्रिया होती है, उसमें भी एक-दो दिन का समय लग जाता है। ऑपरेशन करने के लिए कभी मना नहीं किया जाता। इमरजेंसी में छुट्टी वाले दिन भी ऑपरेशन के लिए आते हैं।
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दरअसल, तीन सितंबर को गांव जलालपुर कलां निवासी साहिल को पांव में फ्रैक्चर होने के कारण अस्पताल में दाखिल करवाया गया था लेकिन 10 दिन तक उसके पांव का ऑपरेशन नहीं हुआ। वे आयुष्मान भारत योजना के तहत ऑपरेशन करवाना चाहते थे। इस योजना के तहत मरीज को ऑपरेशन करवाने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को मंजूरी लेनी पड़ती है। यह मंजूरी मिलने में ही समय लग गया। सोमवार को लोगों ने नागरिक अस्पताल के सामने धरना दिया तो चिकित्सक ने ऑपरेशन कर दिया।
साहिल के चाचा गांव जलालपुर कलां निवासी राजेश कुमार ने बताया कि 31 अगस्त को साहिल अपने जींद से अपने गांव जा रहा था। रेलवे रोड के पास उसकी बाइक गिर गई, जिस कारण उसके पांव में फ्रैक्चर हो गया। उसे तुरंत नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया। यहां चिकित्सक ने ऑपरेशन करने की बात कही। राजेश कुमार ने बताया कि उनका आयुष्मान कार्ड बना हुआ। इसके आधार पर ही वह ऑपरेशन करवाना चाहते थे। तीन सितंबर को उन्होंने इस योजना का लाभ लेने के लिए सभी कागजात अस्पताल प्रशासन को सौंप दिए। इसके बाद अस्पताल प्रशासन की तरफ से कहा गया कि एक-दो दिन में इसकी मंजूरी मिल जाएगी, उसके बाद ऑपरेशन किया जाएगा। दस दिन बाद भी ऑपरेशन के लिए मंजूरी नहीं मिली तो परेशान होकर परिजनों ने सोमवार को नागरिक अस्पताल में गेट पर धरना शुरू कर दिया।
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परिजनों का कहना था कि वह इस मामले को लेकर सिविल सर्जन तथा प्रधान चिकित्सा अधिकारी से भी मिले, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। धरने के बाद सोमवार को चिकित्सकों ने ऑपरेशन किया। धरने को पालाराम, अशोक कुमार, सुशीला, धोली, कपूर सिंह, खटकड़ के पूर्व सरपंच भरत सिंह ने भी संबोधित किया।
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चिकित्सक बोले - प्रक्रिया में एक-दो दिन का लग जाता है समय
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. संतलाल ने कहा कि शनिवार को दो बड़े ऑपरेशन किए गए थे। इसलिए समय नहीं लगा, नहीं तो शनिवार को ही ऑपरेशन हो जाता। रविवार को छुट्टी थी। सोमवार को सुबह आते ही ऑपरेशन कर दिया गया। आयुष्मान भारत योजना का लाभ लेने के लिए कुछ प्रक्रिया होती है, उसमें भी एक-दो दिन का समय लग जाता है। ऑपरेशन करने के लिए कभी मना नहीं किया जाता। इमरजेंसी में छुट्टी वाले दिन भी ऑपरेशन के लिए आते हैं।