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राजनीति में मैं मनोहरलाल से काफी सीनियर ः सुरजेवाला
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पत्रकारों से बातचीत करते रणदीप सिंह सुरजेवाला।
- फोटो : Jind
मुख्यमंत्री मनोहरलाल अभी राजनीति में कच्चे हैं। यह बात कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कैथल में पत्रकारोें से बातचीत में कही।
उन्होंने कहा कि बेशक मुख्यमंत्री उनसे बड़े हैं। उनका पद भी बड़ा है, लेकिन मुख्यमंत्री ने केवल दो चुनाव लड़े हैं, जबकि वे अब तक आठ चुनाव लड़ चुके हैं। चार चुनाव उन्होंने जीते हैं। वे मुख्यमंत्री से राजनीति में काफी सीनियर हैं। सुरजेवाला ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल हर मामले को उलझाकर टालना चाहते हैं। उन्होंने आईएएस अधिकारी रानी नागर को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर पर कई सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि यूपी और हरियाणा की भाजपा सरकार आईएएस अधिकारी रानी नागर को जान से मारने के षड्यंत्र की जांच क्यों नहीं कर रही। आज तक रानी नागर के इस्तीफे खारिज करने व हरियाणा से यूपी काडर बदलने पर निर्णय क्यों नहीं लिया गया? उन्होंने कहा कि गुर्जर समाज की इकलौती आईएएस अधिकारी रानी नागर पर हो रहे हमले, शोषण व प्रताड़ना पर कार्यवाही नहीं करने का राज क्या है। रानी नागर व उनकी बहन की बार-बार की गई शिकायतों पर प्रदेश सरकार ने कार्रवाई क्यों नहीं की? सरकार ने रानी नागर पर हाई सिक्योरिटी में यूटी गेस्ट हाउस चंडीगढ़ में हमले का संज्ञान क्यों नहीं लिया।
मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत सुरक्षा के खतरे के चलते इस्तीफा देने वाली रानी नागर को एक बार भी बुलाकर मिलना व दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करना उचित क्यों नहीं समझा। क्या प्रदेश के मुखिया के तौर पर यह मनोहरलाल की जिम्मेदारी नहीं है। क्या मनोहर सरकार रानी नागर के हमलावरों को प्रत्यक्ष या परोक्ष संरक्षण दे रही है।
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इस अवसर पर बृजेंद्र सिंह सुरजेवाला, जगरूप सिंह सुरजेवाला, नप के पूर्व प्रधान भारत भूषण गर्ग, एडवोकेट सुशील कौशिक, नप के पूर्व प्रधान कैलाश सिंगला, राजू पार्षद, पूर्व पार्षद रामपाल उझाना, सतबीर दबलैन, पूर्व पार्षद कर्मबीर सैनी, धर्मबीर गोयल, राजपाल बनवाला, सुरेंद्र मित्तल, धौला नैन, संजीव धमतान सहित कांग्रेस के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि बेशक मुख्यमंत्री उनसे बड़े हैं। उनका पद भी बड़ा है, लेकिन मुख्यमंत्री ने केवल दो चुनाव लड़े हैं, जबकि वे अब तक आठ चुनाव लड़ चुके हैं। चार चुनाव उन्होंने जीते हैं। वे मुख्यमंत्री से राजनीति में काफी सीनियर हैं। सुरजेवाला ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल हर मामले को उलझाकर टालना चाहते हैं। उन्होंने आईएएस अधिकारी रानी नागर को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर पर कई सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि यूपी और हरियाणा की भाजपा सरकार आईएएस अधिकारी रानी नागर को जान से मारने के षड्यंत्र की जांच क्यों नहीं कर रही। आज तक रानी नागर के इस्तीफे खारिज करने व हरियाणा से यूपी काडर बदलने पर निर्णय क्यों नहीं लिया गया? उन्होंने कहा कि गुर्जर समाज की इकलौती आईएएस अधिकारी रानी नागर पर हो रहे हमले, शोषण व प्रताड़ना पर कार्यवाही नहीं करने का राज क्या है। रानी नागर व उनकी बहन की बार-बार की गई शिकायतों पर प्रदेश सरकार ने कार्रवाई क्यों नहीं की? सरकार ने रानी नागर पर हाई सिक्योरिटी में यूटी गेस्ट हाउस चंडीगढ़ में हमले का संज्ञान क्यों नहीं लिया।
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मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत सुरक्षा के खतरे के चलते इस्तीफा देने वाली रानी नागर को एक बार भी बुलाकर मिलना व दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करना उचित क्यों नहीं समझा। क्या प्रदेश के मुखिया के तौर पर यह मनोहरलाल की जिम्मेदारी नहीं है। क्या मनोहर सरकार रानी नागर के हमलावरों को प्रत्यक्ष या परोक्ष संरक्षण दे रही है।
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इस अवसर पर बृजेंद्र सिंह सुरजेवाला, जगरूप सिंह सुरजेवाला, नप के पूर्व प्रधान भारत भूषण गर्ग, एडवोकेट सुशील कौशिक, नप के पूर्व प्रधान कैलाश सिंगला, राजू पार्षद, पूर्व पार्षद रामपाल उझाना, सतबीर दबलैन, पूर्व पार्षद कर्मबीर सैनी, धर्मबीर गोयल, राजपाल बनवाला, सुरेंद्र मित्तल, धौला नैन, संजीव धमतान सहित कांग्रेस के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।